MSHBMSHBMSHB
  • MSHB.IN
  • Latest News
  • Sarkari Yojana
Reading: “Sharad Purnima to Bhai Dooj & Chhath Puja October-November ke bade tyohar ki tithi”
Share
Notification Show More
MSHBMSHB
  • MSHB.IN
  • Latest News
  • Sarkari Yojana
© 2024 MSHB.in. All Rights Reserved.

“Sharad Purnima to Bhai Dooj & Chhath Puja October-November ke bade tyohar ki tithi”

अक्टूबर-नवंबर में शरद पूर्णिमा से भाईदूज और छठ पूजा तक के सभी बड़े त्योहारों की तारीखें जानें। इन पावन पर्वों की महत्ता और उत्सव की तैयारी के लिए पूरी जानकारी प्राप्त करें।

Published July 2, 2026
Share
5 Min Read

शरद पूर्णिमा से भाईदूज तक: अक्टूबर-नवंबर के पावन त्योहारों की महिमा

भारतीय संस्कृति में त्योहारों का विशेष स्थान है, खासकर शरद ऋतु के ये पवित्र महीने जब प्रकृति और आस्था का मिलन हता है। शरद पूर्णिमा से लेकर भाईदूज और छठ पूजा तक का यह समय आध्यात्मिक उत्साह से भरा होता है। आइए जानते हैं इन त्योहारों की तिथियाँ, महत्व और परंपराओं के बारे में…

Contents
शरद पूर्णिमा से भाईदूज तक: अक्टूबर-नवंबर के पावन त्योहारों की महिमाइस लेख में जानिए:शरद पूर्णिमा: चाँदनी रात का दिव्य उत्सवपौराणिक महत्व:विशेष परंपराएँ:करवा चौथ: सुहागिनों का पावन व्रतव्रत विधि:मंत्र:दीपावली: प्रकाश पर्व की पंचांग तिथियाँदीपावली कैलेंडर:लक्ष्मी पूजन मुहूर्त:छठ पूजा: सूर्योपासना का महापर्वछठ व्रत क्रम:प्रसाद विधि:भाईदूज: भाई-बहन के अटूट बंधन का प्रतीकपूजन विधि:मंत्र:निष्कर्ष: आस्था और उल्लास का संगम

इस लेख में जानिए:

  • शरद पूर्णिमा का रहस्य
  • करवा चौथ की व्रत कथा
  • दीपावली की पंचांग तिथियाँ
  • छठ पूजा का विधान
  • भाईदूज का भावनात्मक महत्व

शरद पूर्णिमा: चाँदनी रात का दिव्य उत्सव

17 अक्टूबर 2024 को मनाई जाने वाली शरद पूर्णिमा को “कोजागरी पूर्णिमा” भी कहते हैं। मान्यता है कि इस रात चंद्रमा की किरणों में अमृत बरसता है।

पौराणिक महत्व:

  • इसी रात माँ लक्ष्मी धरती पर भ्रमण करती हैं
  • कृष्ण ने महारास रचाया था इस पूर्णिमा की रात
  • आयुर्वेद के अनुसार चंद्रकिरणों में रोगनाशक शक्ति

विशेष परंपराएँ:

इस दिन खीर को चाँदनी में रखकर प्रसाद बनाने की परंपरा है। मान्यता है कि ऐसा करने से अन्न में औषधीय गुण आ जाते हैं।

करवा चौथ: सुहागिनों का पावन व्रत

20 अक्टूबर 2024 को मनाया जाने वाला यह व्रत पति की दीर्घायु के लिए रखा जाता है। सुबह सूर्योदय से पहले “सरगी” खाकर व्रत शुरू किया जाता है।

व्रत विधि:

  • चाँद को अर्घ्य देकर ही व्रत तोड़ने की परंपरा
  • मिट्टी के करवे (घड़े) में जल भरकर पूजा
  • करवा चौथ कथा का श्रवण

मंत्र:

“ॐ नमः शिवाय” का जाप और इस मंत्र का उच्चारण करें:
“सर्वमंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके। शरण्ये त्र्यंबके गौरी नारायणी नमोऽस्तु ते॥”

दीपावली: प्रकाश पर्व की पंचांग तिथियाँ

इस वर्ष दीपावली 31 अक्टूबर 2024 को मनाई जाएगी। यह पर्व पाँच दिनों तक चलता है:

दीपावली कैलेंडर:

  • धनतेरस (29 अक्टूबर): धन्वंतरि जयंती, नए बर्तन खरीदने की परंपरा
  • नरक चतुर्दशी (30 अक्टूबर): श्री कृष्ण द्वारा नरकासुर वध की स्मृति
  • लक्ष्मी पूजन (31 अक्टूबर): मुख्य दीपावली, व्यापारी नए बहीखाते शुरू करते हैं
  • गोवर्धन पूजा (1 नवंबर): कृष्ण द्वारा इंद्र के अहंकार को चूर करने की कथा
  • भाईदूज (2 नवंबर): भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक

लक्ष्मी पूजन मुहूर्त:

शाम 05:36 से 07:27 तक का समय सर्वोत्तम माना गया है। पूजा में इस मंत्र का जाप करें:
“ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं महालक्ष्म्यै नमः”

छठ पूजा: सूर्योपासना का महापर्व

7 नवंबर 2024 को मुख्य छठ पूजा मनाई जाएगी। यह चार दिवसीय त्योहार है जिसमें नहाय-खाय से लेकर उषा अर्घ्य तक की विधियाँ होती हैं।

छठ व्रत क्रम:

  • नहाय-खाय (5 नवंबर): सात्विक भोजन ग्रहण
  • खरना (6 नवंबर): दिनभर उपवास के बाद शाम को प्रसाद
  • संध्या अर्घ्य (7 नवंबर): डूबते सूर्य को अर्घ्य
  • उषा अर्घ्य (8 नवंबर): उगते सूर्य की पूजा

प्रसाद विधि:

ठेकुआ, फल और गन्ने का प्रसाद चढ़ाया जाता है। पूजा में यह मंत्र पढ़ें:
“ॐ सूर्याय नमः, ॐ घृणि सूर्याय नमः”

भाईदूज: भाई-बहन के अटूट बंधन का प्रतीक

दीपावली के दो दिन बाद 2 नवंबर 2024 को भाईदूज मनाया जाएगा। यमुना ने यमराज को इसी दिन तिलक लगाया था, इसलिए इसे “यम द्वितीया” भी कहते हैं।

पूजन विधि:

  • बहन द्वारा भाई के माथे पर तिलक और अक्षत
  • भाई की दीर्घायु के लिए आरती
  • मिठाई और उपहारों का आदान-प्रदान

मंत्र:

तिलक लगाते समय यह श्लोक बोलें:
“भ्रातुर्दीर्घायुरस्तु भगिन्या हर्षवर्धनम्।
मातापित्रोः सुखं नित्यं यावच्चन्द्रदिवाकरौ॥”

निष्कर्ष: आस्था और उल्लास का संगम

ये सभी त्योहार हमारी सांस्कृतिक विरासत के मूल्यवान रत्न हैं। शरद पूर्णिमा से लेकर भाईदूज तक का यह सफर आत्मशुद्धि, पारिवारिक एकता और प्रकृति पूजा का अनूठा संयोग है। इन पावन अवसरों पर वैज्ञानिक दृष्टिकोण और आध्यात्मिक मूल्यों का समन्वय करते हुए परंपराओं को निभाएँ।

इन त्योहारों की तिथियाँ वर्ष 2024 के अनुसार हैं। पंचांग भेद के कारण तिथियों में मामूली अंतर हो सकता है। सभी पाठकों को इन पावन पर्वों की हार्दिक शुभकामनाएँ!

You Might Also Like

Religion: अध्यात्म के बिना मानव जीवन अधूरा

Navratri Day 3 Chandraghanta Devi Puja Ka Rahasya

Jai Dev Jai Dev Jai Mangal Murti Lyrics जयदेव जयदेव जय मंगलमूर्ति

Ganga Saptami 2025 मां गंगा स्तोत्रम पाठ से पाप मुक्ति

Shabari Jayanti 2025: शबरी ने पशु बलि के खिलाफ बड़ा कदम उठाया

Share

Latest News

Hanuman Chalisa: हनुमान चालीसा पाठ का सही समय और विधि
Religion Spirituality July 2, 2026
राधा कृष्णा का युगल रूप हैं बांके बिहारी
Religion Spirituality July 2, 2026
Kheer Bhawani Temple: कश्मीर के चमत्कारी खीर भवानी मंदिर की परंपराएं
Religion Spirituality July 2, 2026
Durga Puja 2025 आज से शुरू जानें कल्पारंभ पूजा का शुभ मुहूर्त
Religion Spirituality July 2, 2026

You Might also Like

Navratri 2025 राशि अनुसार मंत्रों से मां की आराधना सफलता पाएं

July 2, 2026

जब द्रौपदी और भीम ने युधिष्ठिर का अपमान किया When Draupadi and Bhim Insulted Yudhishthir

July 2, 2026

Kabirdas Jayanti 2025 Date कबीर दास जयंती तिथि और जीवन तथ्य

July 2, 2026
MshbMshb

MSHB.in is your reliable source for the latest news in Government Schemes, Sarkari Yojana, Govt Jobs, Spirituality, lifestyle, and more.

Quick Link

  • MSHB.IN
  • About Us
  • Blogs
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms and Conditions
  • My Bookmarks
  • Contact Us

Category

  • Religion
  • Latest News
  • Sarkari Yojana

Recent Post

  • Hanuman Chalisa: हनुमान चालीसा पाठ का सही समय और विधि
  • राधा कृष्णा का युगल रूप हैं बांके बिहारी
  • Kheer Bhawani Temple: कश्मीर के चमत्कारी खीर भवानी मंदिर की परंपराएं
© 2025 MSHB. All Rights Reserved. | Website Designed By Dinox Tech HTML sitemap
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?