MSHBMSHBMSHB
  • MSHB.IN
  • Latest News
  • Sarkari Yojana
Reading: Ahoi Ashtami 2025: अहोई अष्टमी पर स्याहु माला का महत्व
Share
Notification Show More
MSHBMSHB
  • MSHB.IN
  • Latest News
  • Sarkari Yojana
© 2024 MSHB.in. All Rights Reserved.

Ahoi Ashtami 2025: अहोई अष्टमी पर स्याहु माला का महत्व

अहोई अष्टमी 2025 में स्याहु माला धारण करने का महत्व जानें। इसकी पौराणिक मान्यता, व्रत विधि और संतान सुख से जुड़े वरदान के बारे में सम्पूर्ण जानकारी प्राप्त करें।

Published July 2, 2026
Share
4 Min Read

अहोई अष्टमी 2025: स्याहु माला का महत्व और पूजन विधि

हिंदू धर्म में अहोई अष्टमी का विशेष महत्व है, खासकर संतान की लंबी आयु और सुख-समृद्धि की कामना करने वाली माताओं के लिए। यह व्रत कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन माताएं स्याहु माला धारण करती हैं, जिसके पीछे गहरी आस्था और वैज्ञानिक तर्क छिपे हैं। आइए जानते हैं इस परंपरा का रहस्य और पूजा की सही विधि।

Contents
अहोई अष्टमी 2025: स्याहु माला का महत्व और पूजन विधिअहोई अष्टमी का पौराणिक महत्वस्याहु माला क्यों धारण करते हैं?अहोई अष्टमी पूजा विधि2025 में अहोई अष्टमी की तिथि और मुहूर्तस्याहु माला बनाने की विधिनिष्कर्ष

अहोई अष्टमी का पौराणिक महत्व

पुराणों के अनुसार, अहोई माता की कथा एक गरीब किसान परिवार से जुड़ी है। कहा जाता है कि एक स्त्री ने अनजाने में स्याहु (एक प्रकार की मछली) के बच्चों को मार दिया था, जिसके प्रायश्चित स्वरूप उसने यह व्रत रखा। इस व्रत के प्रभाव से उसे पुनः संतान सुख प्राप्त हुआ। तभी से यह परंपरा चली आ रही है।

  • स्याहु मछली को शुभ माना जाता है क्योंकि यह जल में रहकर भी प्रदूषण नहीं फैलाती
  • इस दिन माताएं संतान की रक्षा के लिए अहोई माता की पूजा करती हैं
  • व्रत के साथ स्याहु माला पहनने की परंपरा सदियों से चली आ रही है

स्याहु माला क्यों धारण करते हैं?

स्याहु माला बनाने के लिए विशेष प्रकार की लकड़ी या मोतियों का उपयोग किया जाता है। इसके पीछे कई कारण हैं:

  • आध्यात्मिक महत्व: मान्यता है कि स्याहु माला पहनने से अहोई माता प्रसन्न होती हैं और संतान पर उनकी कृपा बनी रहती है
  • वैज्ञानिक तर्क: इस माला में प्रयुक्त सामग्री में एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं जो स्वास्थ्य के लिए लाभदायक हैं
  • ऊर्जा संरक्षण: माला धारण करने से शरीर की सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है और नकारात्मक प्रभाव दूर होते हैं

अहोई अष्टमी पूजा विधि

अहोई अष्टमी के दिन इस विधि से पूजा करने का विधान है:

  • सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें
  • पूजा स्थल को गंगाजल से शुद्ध करें
  • अहोई माता का चित्र या मूर्ति स्थापित करें
  • स्याहु माला को लाल कपड़े पर रखकर पूजा करें
  • इस मंत्र का उच्चारण करें: “ॐ अहोई मातायै नमः”
  • शाम को तारे दिखाई देने के बाद पूजा करके व्रत खोलें

2025 में अहोई अष्टमी की तिथि और मुहूर्त

2025 में अहोई अष्टमी 12 अक्टूबर को मनाई जाएगी। शुभ मुहूर्त इस प्रकार है:

  • अष्टमी तिथि प्रारंभ: 11 अक्टूबर रात 9:42 बजे
  • अष्टमी तिथि समाप्त: 12 अक्टूबर रात 8:13 बजे
  • पूजा का शुभ समय: शाम 5:30 से 6:45 तक

स्याहु माला बनाने की विधि

यदि आप घर पर ही शुद्धता से स्याहु माला बनाना चाहते हैं तो इस विधि का पालन करें:

  • 27 या 54 स्याहु के मोती एकत्र करें
  • लाल या पीले धागे में मोतियों को पिरोएं
  • माला बनाते समय “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करें
  • माला को गंगाजल से शुद्ध करके ही धारण करें

निष्कर्ष

अहोई अष्टमी का व्रत मातृशक्ति और संतान के बीच अटूट बंधन का प्रतीक है। स्याहु माला न सिर्फ आस्था का प्रतीक है बल्कि इसके वैज्ञानिक लाभ भी हैं। यह परंपरा हमें प्रकृति के साथ सामंजस्य बनाकर जीने की प्रेरणा देती है। 2025 में इस पावन पर्व पर सच्चे मन से अहोई माता की आराधना करें और उनकी कृपा प्राप्त करें।

You Might Also Like

Navratri 2025 राशि अनुसार मंत्रों से मां की आराधना सफलता पाएं

जब द्रौपदी और भीम ने युधिष्ठिर का अपमान किया When Draupadi and Bhim Insulted Yudhishthir

Kabirdas Jayanti 2025 Date कबीर दास जयंती तिथि और जीवन तथ्य

Shattila Ekadashi 2025 षटतिला एकादशी व्रत शुभ मुहूर्त पूजा विधि पारण समय

Magh Purnima 2025: माघ पूर्णिमा महत्व और पूजा विधि

Share

Latest News

Hanuman Chalisa: हनुमान चालीसा पाठ का सही समय और विधि
Religion Spirituality July 2, 2026
राधा कृष्णा का युगल रूप हैं बांके बिहारी
Religion Spirituality July 2, 2026
Kheer Bhawani Temple: कश्मीर के चमत्कारी खीर भवानी मंदिर की परंपराएं
Religion Spirituality July 2, 2026
Durga Puja 2025 आज से शुरू जानें कल्पारंभ पूजा का शुभ मुहूर्त
Religion Spirituality July 2, 2026

You Might also Like

Sawan Rudrabhishek 2025: सावन में रुद्राभिषेक का महत्व और फायदे

July 2, 2026

Diwali 2025: मां लक्ष्मी गणपति आरती बिना अधूरी पूजा

July 2, 2026

श्री राम ने स्थापित किया यहां ज्योतिर्लिंग जानें महत्व

July 2, 2026
MshbMshb

MSHB.in is your reliable source for the latest news in Government Schemes, Sarkari Yojana, Govt Jobs, Spirituality, lifestyle, and more.

Quick Link

  • MSHB.IN
  • About Us
  • Blogs
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms and Conditions
  • My Bookmarks
  • Contact Us

Category

  • Religion
  • Latest News
  • Sarkari Yojana

Recent Post

  • Hanuman Chalisa: हनुमान चालीसा पाठ का सही समय और विधि
  • राधा कृष्णा का युगल रूप हैं बांके बिहारी
  • Kheer Bhawani Temple: कश्मीर के चमत्कारी खीर भवानी मंदिर की परंपराएं
© 2025 MSHB. All Rights Reserved. | Website Designed By Dinox Tech HTML sitemap
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?