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Gupt Navratri 2025: गुप्त नवरात्रि आज से शुरू मां को प्रसन्न करने के मंत्र

गुप्त नवरात्रि 2025 में मां दुर्गा को प्रसन्न करने के लिए जानें शक्तिशाली मंत्र और पूजा विधि। आज से शुरू हो रही है यह विशेष अवधि, जानें कैसे करें सही पूजन।

Published July 2, 2026
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5 Min Read

Gupt Navratri 2025: आज से आरंभ है गुप्त नवरात्रि, मां को प्रसन्न करने के लिए इन मंत्रों से करें पूजन

जब चैत्र और शारदीय नवरात्रि की चर्चा सभी करते हैं, तब गुप्त नवरात्रि का महत्व कुछ विशेष साधक ही जानते हैं। यह वह पावन अवसर है जब तांत्रिक साधनाओं, मंत्र सिद्धि और गूढ़ विद्याओं का मार्ग प्रशस्त होता है। 2025 में गुप्त नवरात्रि आज से आरंभ हो रही है—एक ऐसा समय जब मां दुर्गा के गुप्त स्वरूपों की आराधना करके भक्त अपनी गहरी इच्छाओं की पूर्ति कर सकते हैं।

Contents
Gupt Navratri 2025: आज से आरंभ है गुप्त नवरात्रि, मां को प्रसन्न करने के लिए इन मंत्रों से करें पूजनगुप्त नवरात्रि क्या है और क्यों है विशेष?गुप्त नवरात्रि 2025 का शुभ मुहूर्तमां को प्रसन्न करने के लिए विशेष मंत्रपूजन विधि: सरल और प्रभावी तरीकागुप्त नवरात्रि व्रत के नियमक्या करें और क्या न करेंगुप्त नवरात्रि का आध्यात्मिक महत्वसमापन: मां की कृपा पाने का सुनहरा अवसर

गुप्त नवरात्रि क्या है और क्यों है विशेष?

शास्त्रों के अनुसार, वर्ष में चार नवरात्रि होती हैं, जिनमें से दो “गुप्त” मानी जाती हैं। ये माघ और आषाढ़ मास में आती हैं। इन दिनों में मां दुर्गा के गुप्त अवतारों—मां काली, मां तारा, मां षोडशी, मां भुवनेश्वरी, मां छिन्नमस्ता, मां त्रिपुर भैरवी और मां धूमावती—की पूजा का विधान है।

  • गूढ़ सिद्धियों का समय: तंत्र-मंत्र की साधना के लिए यह समय अत्यंत उपयुक्त माना जाता है।
  • आध्यात्मिक उन्नति: साधकों को मां की कृपा से आत्मज्ञान प्राप्त होता है।
  • मनोकामना पूर्ति: श्रद्धापूर्वक पूजन करने वालों की गुप्त इच्छाएं भी पूर्ण होती हैं।

गुप्त नवरात्रि 2025 का शुभ मुहूर्त

इस वर्ष गुप्त नवरात्रि 15 जुलाई 2025, मंगलवार से प्रारंभ होकर 23 जुलाई 2025, बुधवार तक रहेगी। प्रतिपदा तिथि का आरंभ 14 जुलाई की रात 11:58 बजे से होगा, अतः 15 जुलाई को प्रातः काल से ही पूजन-विधान आरंभ कर देना चाहिए।

मां को प्रसन्न करने के लिए विशेष मंत्र

गुप्त नवरात्रि में मंत्रों का उच्चारण विशेष फलदायी होता है। यहां प्रत्येक दिन के लिए मंत्र दिए जा रहे हैं:

1. मां काली का मंत्र

ॐ क्रीं कालिकायै नमः
इस मंत्र का जप करने से भय, शत्रु और नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है।

2. मां तारा का मंत्र

ॐ ह्रीं स्त्रीं हुं फट्
यह मंत्र विद्या और मोक्ष प्रदान करने वाला माना गया है।

3. मां षोडशी का मंत्र

ॐ ऐं ह्रीं क्लीं श्रीं नमः
इससे सुख-समृद्धि और कामना पूर्ति की सिद्धि होती है।

पूजन विधि: सरल और प्रभावी तरीका

  • प्रातः स्नान: सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
  • कलश स्थापना: मिट्टी के कलश में जल भरकर उस पर नारियल स्थापित करें।
  • घटस्थापना मंत्र: “ॐ यद्गङ्गे यमुने चैव…सर्वतीर्थं समागतम्” बोलते हुए कलश की स्थापना करें।
  • दीप प्रज्वलन: घी का दीपक जलाकर मां के समक्ष रखें।
  • मंत्र जप: ऊपर दिए गए मंत्रों में से संबंधित देवी के मंत्र का 108 बार जप करें।

गुप्त नवरात्रि व्रत के नियम

इस व्रत को करते समय कुछ विशेष बातों का ध्यान रखना चाहिए:

  • सात्विक आहार: फल, दूध और सादा भोजन ही ग्रहण करें। लहसुन-प्याज से परहेज करें।
  • मानसिक शुद्धता: क्रोध, झूठ या नकारात्मक विचारों से बचें।
  • निश्चिंतता: पूरे 9 दिन तक पूजन के समय शांत मन से मां का ध्यान करें।

क्या करें और क्या न करें

क्या करें:

  • प्रतिदिन मां के भजन या दुर्गा सप्तशती का पाठ करें।
  • गरीबों को भोजन या वस्त्र दान करें।

क्या न करें:

  • किसी भी प्रकार का नशा या तामसिक भोजन न लें।
  • पूजन के दौरान बिना स्नान किए मां के सामने न जाएं।

गुप्त नवरात्रि का आध्यात्मिक महत्व

यह नवरात्रि केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आत्मशुद्धि का समय है। जब हम मां के गुप्त स्वरूपों की आराधना करते हैं, तो हमारे भीतर छिपी हुई शक्तियाँ जागृत होती हैं। यह वह अवसर है जब हम अपने अंदर के विकारों को दूर करके दिव्य ऊर्जा प्राप्त कर सकते हैं।

समापन: मां की कृपा पाने का सुनहरा अवसर

गुप्त नवरात्रि का यह पावन समय हमें मां दुर्गा के उन स्वरूपों के निकट ले जाता है, जो सामान्यतः सभी के लिए सुलभ नहीं होते। इस वर्ष इन 9 दिनों में मंत्रों की शक्ति, भक्ति की निष्ठा और तप की गहराई से मां को प्रसन्न करें। याद रखें, गुप्त नवरात्रि की साधना से मिलने वाला फल भी गुप्त होता है—अर्थात यह सीधे आपके जीवन में चमत्कारिक परिवर्तन लाता है।

मां दुर्गा की कृपा आप सभी पर बनी रहे! जय माता दी!

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