MSHBMSHBMSHB
  • MSHB.IN
  • Latest News
  • Sarkari Yojana
Reading: महाराष्ट्र में नहीं तो फिर कहां है असली भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग
Share
Notification Show More
MSHBMSHB
  • MSHB.IN
  • Latest News
  • Sarkari Yojana
© 2024 MSHB.in. All Rights Reserved.

महाराष्ट्र में नहीं तो फिर कहां है असली भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग

क्या आप जानते हैं महाराष्ट्र के भीमाशंकर से अलग असली ज्योतिर्लिंग कहां स्थित है? इस रहस्यमयी तथ्य और धार्मिक महत्व को जानने के लिए पढ़ें हमारा यह विशेष लेख।

Published July 2, 2026
Share
4 Min Read

महाराष्ट्र में नहीं तो फिर कहां है असली भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग?

भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक, भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग, अपनी दिव्यता और रहस्यमय इतिहास के लिए प्रसिद्ध है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसकी वास्तविक स्थिति को लेकर विद्वानों में मतभेद है? कुछ का मानना है कि यह महाराष्ट्र के पुणे में स्थित है, जबकि अन्य इसे असम के कामरूप जिले में स्थित मानते हैं। आइए, इस पवित्र स्थान की असली पहचान और आध्यात्मिक महत्व को जानें।

Contents
महाराष्ट्र में नहीं तो फिर कहां है असली भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग?भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग का पौराणिक महत्वमहाराष्ट्र के भीमाशंकर की विशेषताएंअसम के भीमेश्वर धाम का रहस्यविद्वानों के मत: कौन-सा है असली ज्योतिर्लिंग?यात्रा और दर्शन की जानकारीशिव का आशीर्वाद पाने का मंत्रनिष्कर्ष: श्रद्धा ही है सर्वोपरि

भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग का पौराणिक महत्व

शिव पुराण के अनुसार, भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग का सम्बन्ध भीम नामक राक्षस की कथा से है। कहा जाता है कि भीम ने अपने पिता कुम्भकर्ण और चाचा रावण की मृत्यु का बदला लेने के लिए घोर तपस्या की और ब्रह्मा जी से वरदान पाकर देवताओं को सताने लगा। अंत में, भगवान शिव ने उसका वध किया और ज्योतिर्लिंग के रूप में प्रकट हुए।

  • महाराष्ट्र का भीमाशंकर: सह्याद्रि पर्वतमाला में स्थित, यह स्थान पश्चिमी घाट की प्राकृतिक सुंदरता से घिरा है।
  • असम का भीमाशंकर (भीमेश्वर): कामरूप में स्थित, यहां के स्थानीय लोग इसे असली ज्योतिर्लिंग मानते हैं।

महाराष्ट्र के भीमाशंकर की विशेषताएं

पुणे से लगभग 110 किलोमीटर दूर स्थित यह मंदिर नागर शैली में बना है और यहां का प्राकृतिक झरना तीर्थयात्रियों के लिए आकर्षण का केंद्र है।

  • मंदिर की वास्तुकला: 18वीं शताब्दी में नाना फडणवीस द्वारा बनवाया गया, जिसमें शिव के साथ देवी पार्वती की मूर्ति भी विराजमान है।
  • पवित्र जलधारा: मान्यता है कि शिव के त्रिशूल से निकली भीमा नदी यहां से ही प्रवाहित होती है।

असम के भीमेश्वर धाम का रहस्य

कामाख्या मंदिर के निकट स्थित इस स्थल को महाभारत कालीन माना जाता है। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार:

  • यहां भीम ने शिव की आराधना की थी और उन्होंने प्रकट होकर उसे वरदान दिया था।
  • तांत्रिक परंपरा में इस स्थान का विशेष महत्व है, जहां शिव-शक्ति की संयुक्त उपासना होती है।

विद्वानों के मत: कौन-सा है असली ज्योतिर्लिंग?

इतिहासकार डॉ. राजेंद्र प्रसाद सिंह के अनुसार, “असम का भीमेश्वर धाम प्राचीन ग्रंथों में वर्णित भीमाशंकर से मेल खाता है, जबकि महाराष्ट्र का मंदिर बाद में प्रसिद्ध हुआ।” हालांकि, दोनों ही स्थानों की आध्यात्मिक शक्ति असंदिग्ध है।

यात्रा और दर्शन की जानकारी

  • महाराष्ट्र: पुणे से बस या निजी वाहन द्वारा पहुंचा जा सकता है। श्रावण मास में यहां विशाल मेला लगता है।
  • असम: गुवाहाटी हवाई अड्डे से 80 किमी दूर, यहां नवरात्रि में विशेष पूजा होती है।

शिव का आशीर्वाद पाने का मंत्र

भीमाशंकर की पूजा में इस मंत्र का जाप करें:
“ॐ नमः शिवाय भीमाशंकराय ज्योतिर्लिंगाय स्वाहा”

निष्कर्ष: श्रद्धा ही है सर्वोपरि

चाहे महाराष्ट्र हो या असम, भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग भक्तों की आस्था का केंद्र है। जैसा कि शिव महापुराण कहता है:
“यत्र यत्र स्थितो देवः स ज्योतिर्लिंगः प्रकीर्तितः”
(जहां-जहां शिव प्रकट हुए, वे सभी ज्योतिर्लिंग हैं)। मायने रखता है तो बस हृदय की शुद्ध भक्ति।

You Might Also Like

पौष माह का महत्व और इस महीने जरूरी कार्य

Karwa Chauth 2025: करवाचौथ पर छलनी से चांद दर्शन और मिट्टी करवा का महत्व

सिक्ख गुरू बनने के लिए अंगद की 7 कठिन परीक्षाएं

शिव पंचाक्षर स्तोत्र आदि शंकराचार्य द्वारा एक क्लिक में पढ़ें

Kanwar Yatra 2025 Rules कांवड़ यात्रा नियम जानें

Share

Latest News

Hanuman Chalisa: हनुमान चालीसा पाठ का सही समय और विधि
Religion Spirituality July 2, 2026
राधा कृष्णा का युगल रूप हैं बांके बिहारी
Religion Spirituality July 2, 2026
Kheer Bhawani Temple: कश्मीर के चमत्कारी खीर भवानी मंदिर की परंपराएं
Religion Spirituality July 2, 2026
Durga Puja 2025 आज से शुरू जानें कल्पारंभ पूजा का शुभ मुहूर्त
Religion Spirituality July 2, 2026

You Might also Like

Vaishakh Amavasya 2025 वैशाख अमावस्या पर पितृ दोष से मुक्ति के उपाय

July 2, 2026

Chaitra Navratri 2025 मां दुर्गा घोड़े पर सवार जानें परिणाम

July 2, 2026

भोले बाबा को बेल और भंग ही क्यों भाता है? Why Lord Shiva Loves Bel and Bhang?

July 2, 2026
MshbMshb

MSHB.in is your reliable source for the latest news in Government Schemes, Sarkari Yojana, Govt Jobs, Spirituality, lifestyle, and more.

Quick Link

  • MSHB.IN
  • About Us
  • Blogs
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms and Conditions
  • My Bookmarks
  • Contact Us

Category

  • Religion
  • Latest News
  • Sarkari Yojana

Recent Post

  • Hanuman Chalisa: हनुमान चालीसा पाठ का सही समय और विधि
  • राधा कृष्णा का युगल रूप हैं बांके बिहारी
  • Kheer Bhawani Temple: कश्मीर के चमत्कारी खीर भवानी मंदिर की परंपराएं
© 2025 MSHB. All Rights Reserved. | Website Designed By Dinox Tech HTML sitemap
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?