MSHBMSHBMSHB
  • MSHB.IN
  • Latest News
  • Sarkari Yojana
Reading: Ahoi Ashtami 2025 Vrat Katha अहोई अष्टमी व्रत कथा पूजा दिन
Share
Notification Show More
MSHBMSHB
  • MSHB.IN
  • Latest News
  • Sarkari Yojana
© 2024 MSHB.in. All Rights Reserved.

Ahoi Ashtami 2025 Vrat Katha अहोई अष्टमी व्रत कथा पूजा दिन

अहोई अष्टमी 2025 की व्रत कथा जानें, इस पवित्र दिन पूजा के समय पढ़ने से मिलता है संतान सुख और सौभाग्य। पूरी कथा और पूजा विधि यहाँ पढ़ें।

Published July 2, 2026
Share
3 Min Read

अहोई अष्टमी 2025 व्रत कथा: संतान की सुरक्षा और सुख-समृद्धि का पावन पर्व

हिंदू धर्म में अहोई अष्टमी का विशेष महत्व है। यह व्रत संतान की लंबी आयु और कुटुंब की समृद्धि के लिए माताओं द्वारा किया जाता है। 2025 में अहोई अष्टमी 18 अक्टूबर, शनिवार को मनाई जाएगी। इस लेख में हम आपको व्रत की पूजा विधि, कथा और महत्व से जुड़ी सम्पूर्ण जानकारी देंगे।

Contents
अहोई अष्टमी 2025 व्रत कथा: संतान की सुरक्षा और सुख-समृद्धि का पावन पर्वअहोई अष्टमी का महत्वअहोई अष्टमी 2025 पूजा विधिपूजन सामग्रीविधि-विधानअहोई अष्टमी व्रत कथाकथा का मूल संदेशविशेष मंत्र एवं आरतीमुख्य मंत्रअहोई माता आरतीअहोई अष्टमी के नियमनिष्कर्ष

अहोई अष्टमी का महत्व

कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की अष्टमी को मनाए जाने वाले इस व्रत में माताएं संतान की सुख-समृद्धि के लिए अहोई माता की पूजा करती हैं। यह पर्व करवा चौथ के चार दिन बाद आता है और इसमें सायंकाल तारे देखकर पूजा की जाती है।

  • संतान की रक्षा और दीर्घायु का वरदान
  • पारिवारिक सुख-शांति का स्रोत
  • मातृत्व के त्याग और समर्पण का प्रतीक

अहोई अष्टमी 2025 पूजा विधि

पूजन सामग्री

  • अहोई माता का चित्र या कलश
  • लाल कपड़ा, सिंदूर, चावल
  • मिठाई (हलवा, पूरी)
  • दीपक, घी, कुमकुम

विधि-विधान

1. सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें
2. दिनभर निर्जला व्रत रखें
3. शाम को दीवार पर अहोई माता का चित्र बनाएं
4. तारे दिखाई देने पर पूजा आरंभ करें
5. कथा सुनने के बाद आरती कर प्रसाद वितरित करें

अहोई अष्टमी व्रत कथा

प्राचीन समय में एक साहूकार के सात पुत्र और सात बहुएं थीं। एक दिन छोटी बहू नदी से मिट्टी लाने गई। मिट्टी खोदते समय उसके हाथ से गलती से स्याहु (साही) के बच्चे की मृत्यु हो गई। इस पर स्याहु माता ने क्रोधित होकर उसके पुत्र को ले लिया।

पुत्र शोक में व्यथित बहू ने स्याहु माता से क्षमा मांगी और व्रत का संकल्प लिया। अहोई अष्टमी के दिन उसने पूरे विधि-विधान से पूजा की और स्याहु माता को प्रसन्न किया। प्रसन्न होकर स्याहु माता ने उसके पुत्र को जीवित कर दिया और आशीर्वाद दिया।

कथा का मूल संदेश

  • प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता
  • मातृत्व का पवित्र बंधन
  • पश्चाताप और प्रायश्चित का महत्व

विशेष मंत्र एवं आरती

मुख्य मंत्र

“ॐ अहोई मातायै नमः”
इस मंत्र का 108 बार जप करने से व्रत का पूर्ण फल प्राप्त होता है।

अहोई माता आरती

“जय अहोई माता जय, तुमको निसदिन ध्यावें
तुम ही संतान दात्री, भक्तन की सुख पावें…”

अहोई अष्टमी के नियम

  • दिनभर जल ग्रहण न करें (निर्जला व्रत)
  • सिलाई-कढ़ाई जैसे कार्य वर्जित
  • पूजा में केवल सात्विक भोजन ही प्रसाद रूप में चढ़ाएं

निष्कर्ष

अहोई अष्टमी का यह पावन व्रत माताओं के निस्वार्थ प्रेम और संतान के प्रति समर्पण का प्रतीक है। 2025 में 18 अक्टूबर को मनाए जाने वाले इस पर्व पर अहोई माता की कृपा से हर परिवार में सुख-शांति बनी रहे, यही हमारी कामना है। व्रत कथा का श्रवण और पाठ कर आप भी इस पुण्य पर्व का पूर्ण फल प्राप्त कर सकते हैं।

You Might Also Like

हनुमानजी गुस्से में क्यों हैं तस्वीर बनाने वाला कौन

केदारनाथ दर्शन का फल इनके दर्शन से भी मिलता है

श्रावणी पर्व: धरती पर जीवन जागा

मौत की आहट सुन सकते हैं छह महीने पहले करें यह उपाय

Moon Black Spot: चंद्रमा को क्यों और किसने दिया श्राप दाग का रहस्य?

Share

Latest News

Hanuman Chalisa: हनुमान चालीसा पाठ का सही समय और विधि
Religion Spirituality July 2, 2026
राधा कृष्णा का युगल रूप हैं बांके बिहारी
Religion Spirituality July 2, 2026
Kheer Bhawani Temple: कश्मीर के चमत्कारी खीर भवानी मंदिर की परंपराएं
Religion Spirituality July 2, 2026
Durga Puja 2025 आज से शुरू जानें कल्पारंभ पूजा का शुभ मुहूर्त
Religion Spirituality July 2, 2026

You Might also Like

शिव और कृष्ण में छिड़ा संग्राम Shiv Krishna Yudh

July 2, 2026

गणेश पूजा और उत्सव की खास बातें जानिए

July 2, 2026

जनेऊ दाएं कान पर ही क्यों लपेटते हैं? Why is Janeu worn on the right ear?

July 2, 2026
MshbMshb

MSHB.in is your reliable source for the latest news in Government Schemes, Sarkari Yojana, Govt Jobs, Spirituality, lifestyle, and more.

Quick Link

  • MSHB.IN
  • About Us
  • Blogs
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms and Conditions
  • My Bookmarks
  • Contact Us

Category

  • Religion
  • Latest News
  • Sarkari Yojana

Recent Post

  • Hanuman Chalisa: हनुमान चालीसा पाठ का सही समय और विधि
  • राधा कृष्णा का युगल रूप हैं बांके बिहारी
  • Kheer Bhawani Temple: कश्मीर के चमत्कारी खीर भवानी मंदिर की परंपराएं
© 2025 MSHB. All Rights Reserved. | Website Designed By Dinox Tech HTML sitemap
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?