Bhadli Navami 2025: जानिए कब पड़ रही है भड़ली नवमी?
हिंदू धर्म में भड़ली नवमी का विशेष महत्व है। यह त्योहार देवशयनी एकादशी से पहले आता है और विवाह जैसे शुभ कार्यों के लिए अत्यंत मंगलकारी माना जाता है। 2025 में भड़ली नवमी कब मनाई जाएगी, इसके पीछे की पौराणिक कथा क्या है और क्यों यह समय विवाह के लिए शुभ माना जाता है—आइए जानते हैं विस्तार से।
भड़ली नवमी 2025 की तिथि और शुभ मुहूर्त
- तिथि: 5 जुलाई 2025, शनिवार
- नवमी प्रारंभ: 4 जुलाई 2025, शाम 6:42 बजे
- नवमी समाप्त: 5 जुलाई 2025, शाम 5:03 बजे
- शुभ मुहूर्त: सुबह 7:15 से 11:30 तक (अभिजीत मुहूर्त)
भड़ली नवमी का धार्मिक महत्व
शास्त्रों के अनुसार, आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की नवमी को भड़ली नवमी कहा जाता है। यह वह पावन समय है जब देवी-देवता पृथ्वी पर विचरण करते हैं और भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं। इस दिन विशेष रूप से माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु की पूजा का विधान है।
पौराणिक कथा
पद्म पुराण में वर्णित कथा के अनुसार, इस दिन माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त करने के लिए कठोर तपस्या की थी। उनकी भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें आशीर्वाद दिया था। तभी से यह तिथि विवाह और सुखद दांपत्य जीवन के लिए शुभ मानी जाती है।
देवशयनी एकादशी से पहले क्यों है विशेष?
भड़ली नवमी, देवशयनी एकादशी (11 जुलाई 2025) से ठीक 6 दिन पहले आती है। इस अवधि को “विवाह का स्वर्णिम समय” माना जाता है क्योंकि:
- देवता जागृत अवस्था में होते हैं
- समस्त नक्षत्र शुभ फलदायी होते हैं
- चातुर्मास के नियम अभी लागू नहीं हुए होते
विवाह के लिए शुभ मुहूर्त
5 जुलाई 2025 के दिन विवाह करने के लिए निम्न समय अत्यंत शुभ हैं:
- सुबह 7:15 से 9:00 बजे: रोहिणी नक्षत्र का प्रभाव
- 10:15 से 11:30 बजे: अभिजीत मुहूर्त
- दोपहर 1:45 से 3:00 बजे: गुरु-शुक्र का शुभ योग
भड़ली नवमी की पूजा विधि
इस दिन निम्न विधि से पूजन करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है:
- प्रातः स्नानादि से निवृत्त होकर साफ वस्त्र धारण करें
- पूजा स्थल पर गंगाजल से शुद्धिकरण करें
- कलश स्थापना करते हुए इस मंत्र का उच्चारण करें:
“ॐ आदित्याय विद्महे दिवाकराय धीमहि तन्न: सूर्य: प्रचोदयात्” - लक्ष्मी-नारायण की प्रतिमा को पंचामृत से स्नान कराएं
- घी का दीपक जलाकर आरती करें
विशेष उपाय
जो भक्त विवाह या कन्या के योग्य वर की कामना करते हैं, वे यह उपाय अवश्य करें:
- कुंवारी कन्याओं को लाल चुनरी और मेहंदी भेंट करें
- पीपल के वृक्ष के नीचे गुड़-चना का भोग लगाएं
- शाम के समय 11 दीपक जलाकर माता लक्ष्मी का ध्यान करें
भड़ली नवमी पर क्या करें और क्या न करें
करने योग्य कार्य
- दान-पुण्य विशेष फलदायी होता है
- विवाह संबंधी कोई भी शुभ कार्य प्रारंभ कर सकते हैं
- नए वस्त्र, आभूषण खरीदने के लिए यह दिन श्रेष्ठ है
वर्जित कार्य
- किसी भी प्रकार का तामसिक भोजन न करें
- मांस-मदिरा से पूर्णतया दूर रहें
- क्रोध या नकारात्मक विचार न लाएं
निष्कर्ष
भड़ली नवमी 2025 का पर्व 5 जुलाई को मनाया जाएगा। यह तिथि विशेष रूप से विवाह और शुभ कार्यों के लिए उत्तम है क्योंकि इसके बाद देवशयनी एकादशी आने तक ऐसे मंगल कार्यों का विशेष महत्व रहता है। भक्ति भाव से इस दिन पूजन करने वालों को माता लक्ष्मी की असीम कृपा प्राप्त होती है और जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होता है।
आप सभी को भड़ली नवमी की हार्दिक शुभकामनाएं! माता लक्ष्मी आपके घर में धन-धान्य और सुख-शांति की वर्षा करें।
