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Durga Puja 2025 आज से शुरू जानें कल्पारंभ पूजा का शुभ मुहूर्त

दुर्गा पूजा 2025 का कल्पारंभ पूजा शुभ मुहूर्त जानें। आज से शुरू हो रहे इस पावन पर्व की तिथि, विधि और महत्व समझें, पूजा की तैयारी के लिए पूरी जानकारी पाएं।

Published July 2, 2026
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4 Min Read

Durga Puja 2025: आज से शुरू हो रही है दुर्गा पूजा, जानें कल्पारंभ पूजा का शुभ मुहूर्त

माँ दुर्गा के आगमन की खुशियाँ हर किसी के मन में उमंग भर देती हैं। दुर्गा पूजा का यह पावन पर्व नवरात्रि के साथ मिलकर भक्तों के लिए विशेष आध्यात्मिक अनुभूति लाता है। 2025 में दुर्गा पूजा की शुरुआत आज से हो रही है, और इसका पहला दिन कल्पारंभ पूजा के रूप में मनाया जाएगा। आइए, जानते हैं इस पूजा का महत्व, शुभ मुहूर्त और विधि-विधान।

Contents
Durga Puja 2025: आज से शुरू हो रही है दुर्गा पूजा, जानें कल्पारंभ पूजा का शुभ मुहूर्तकल्पारंभ पूजा क्या है?Durga Puja 2025: कल्पारंभ पूजा का शुभ मुहूर्तकल्पारंभ पूजा की विधिदुर्गा पूजा 2025: महत्वपूर्ण तिथियाँकल्पारंभ पूजा का आध्यात्मिक महत्वनिष्कर्ष

कल्पारंभ पूजा क्या है?

कल्पारंभ पूजा दुर्गा पूजा का प्रारंभिक अनुष्ठान है, जिसमें माँ दुर्गा के आवाहन के साथ ही पूजा की समस्त तैयारियाँ की जाती हैं। यह पूजा घटस्थापना से पहले की जाती है और इसमें माँ के आशीर्वाद की प्रार्थना की जाती है।

  • महत्व: कल्पारंभ पूजा से पूजा की औपचारिक शुरुआत होती है।
  • उद्देश्य: माँ दुर्गा का आह्वान करके उनकी कृपा प्राप्त करना।
  • विशेषता: इस दिन पंडालों और मंदिरों में विशेष सजावट की जाती है।

Durga Puja 2025: कल्पारंभ पूजा का शुभ मुहूर्त

2025 में कल्पारंभ पूजा का शुभ समय निम्नलिखित है:

  • तिथि: 26 सितंबर 2025 (शनिवार)
  • शुभ मुहूर्त: प्रातः 6:30 बजे से 8:15 बजे तक
  • विशेष योग: अमृत योग
  • राहुकाल: दोपहर 12:00 बजे से 1:30 बजे तक (इस दौरान पूजा न करें)

ध्यान रखें: स्थानीय पंचांग के अनुसार मुहूर्त में थोड़ा अंतर हो सकता है, इसलिए किसी विद्वान पंडित से सलाह लेना उचित रहेगा।

कल्पारंभ पूजा की विधि

इस पूजा को करने की सरल विधि निम्नलिखित है:

  • स्नान एवं शुद्धि: सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
  • कलश स्थापना: पूजा स्थल पर कलश स्थापित करें और उसमें जल, आम के पत्ते तथा नारियल रखें।
  • माँ दुर्गा का ध्यान: माँ दुर्गा की मूर्ति या चित्र के सामने बैठकर निम्न मंत्र का जाप करें:

मंत्र:
“या देवी सर्वभूतेषु शक्तिरूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥”

  • फूल एवं प्रसाद: माँ को फूल, फल और मिठाई अर्पित करें।
  • आरती: दुर्गा चालीसा या आरती का पाठ करें।

दुर्गा पूजा 2025: महत्वपूर्ण तिथियाँ

इस वर्ष दुर्गा पूजा से जुड़ी प्रमुख तिथियाँ इस प्रकार हैं:

  • कल्पारंभ पूजा: 26 सितंबर 2025
  • घटस्थापना: 27 सितंबर 2025
  • महाष्टमी: 3 अक्टूबर 2025
  • महानवमी: 4 अक्टूबर 2025
  • विजयादशमी (दशहरा): 5 अक्टूबर 2025

कल्पारंभ पूजा का आध्यात्मिक महत्व

कल्पारंभ पूजा का अर्थ है “नए संकल्प की शुरुआत”। यह पूजा हमें माँ दुर्गा की शक्ति और कृपा प्राप्त करने का अवसर देती है। इस दिन भक्त अपने मन में नए संकल्प लेते हैं और माँ से आशीर्वाद माँगते हैं।

पौराणिक मान्यता: ऐसा माना जाता है कि कल्पारंभ पूजा के दिन माँ दुर्गा धरती पर आती हैं और भक्तों की मनोकामनाएँ पूर्ण करती हैं।

निष्कर्ष

दुर्गा पूजा का यह पावन पर्व हमारे जीवन में नई ऊर्जा और उत्साह भर देता है। कल्पारंभ पूजा 2025 के इस शुभ अवसर पर माँ दुर्गा के चरणों में अपना श्रद्धा-भाव अर्पित करें और उनकी कृपा प्राप्त करें। आप सभी को दुर्गा पूजा की हार्दिक शुभकामनाएँ!

ध्यान दें: यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है। पूजा-विधि और मुहूर्त के लिए किसी योग्य पंडित से परामर्श अवश्य लें।

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