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पूजा में न करें इन फूलों का इस्तेमाल जानें सही तरीका

पूजा में कौन से फूल न चढ़ाएं और भगवान को कैसे पुष्प अर्पित करें जानें सही तरीका और महत्व

Published July 2, 2026
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9 Min Read

पूजा में न करें इस तरह के फूलों का इस्तेमाल, जानें भगवान को कैसे पुष्प अर्पित किए जाते हैं

हिंदू धर्म में पूजा-पाठ का विशेष महत्व है। भगवान को फूल अर्पित करना पूजा का एक अभिन्न अंग माना जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि कुछ फूलों को भगवान को अर्पित करना वर्जित माना गया है? आइए जानते हैं कि पूजा में किन फूलों का उपयोग नहीं करना चाहिए और कैसे सही तरीके से भगवान को फूल अर्पित करने चाहिए।

Contents
पूजा में फूलों का महत्वकिन फूलों का पूजा में नहीं करना चाहिए उपयोग?1. कांटेदार फूल2. सूखे या मुरझाए फूल3. कीड़े लगे फूल4. अशोक के फूल5. केतकी के फूलविभिन्न देवी-देवताओं को कौन से फूल अर्पित करें?भगवान विष्णु को चढ़ाएं ये फूलभगवान शिव को अर्पित करें ये पुष्पमां दुर्गा को प्रिय हैं ये फूलभगवान गणेश को चढ़ाएं ये फूलपूजा में फूल अर्पित करने का सही तरीकाफूल चढ़ाने से पहले ध्यान रखें ये बातेंफूल अर्पित करते समय बोलें ये मंत्रफूल चढ़ाने की सही विधिपूजा में फूलों से जुड़ी विशेष बातेंरविवार को न चढ़ाएं ये फूलशिवलिंग पर कभी न चढ़ाएं केवड़ा के फूलतुलसी दल है विष्णु जी को अतिप्रियबेलपत्र की विशेषताफूलों से जुड़ी पौराणिक कथाएंकेतकी फूल की कथातुलसी की उत्पत्ति की कथाबेलपत्र की कहानीअक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नक्या रात में तोड़े गए फूल पूजा में चढ़ाए जा सकते हैं?क्या एक ही फूल को कई बार चढ़ाया जा सकता है?पूजा के बाद फूलों का क्या करें?क्या प्लास्टिक के फूल चढ़ाए जा सकते हैं?निष्कर्ष

पूजा में फूलों का महत्व

शास्त्रों के अनुसार, फूलों में देवी-देवताओं को प्रसन्न करने की अद्भुत क्षमता होती है। फूलों की सुगंध और रंग भगवान को अत्यंत प्रिय होते हैं। पुष्प अर्पित करने से न केवल भक्ति भाव बढ़ता है, बल्कि वातावरण भी पवित्र हो जाता है।

  • फूल प्रकृति की देन हैं और इन्हें देवताओं का प्रसाद माना जाता है
  • विभिन्न देवी-देवताओं को अलग-अलग फूल प्रिय होते हैं
  • फूलों से पूजा करने से मन को शांति मिलती है

किन फूलों का पूजा में नहीं करना चाहिए उपयोग?

हालांकि सभी फूल सुंदर और सुगंधित होते हैं, लेकिन कुछ फूलों को पूजा में उपयोग करना वर्जित माना गया है। आइए जानते हैं ऐसे ही कुछ फूलों के बारे में:

1. कांटेदार फूल

किसी भी प्रकार के कांटेदार फूल जैसे गुलाब (कांटों सहित) को पूजा में नहीं चढ़ाना चाहिए। कांटे नकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माने जाते हैं।

2. सूखे या मुरझाए फूल

कभी भी सूखे, मुरझाए या बासी फूलों को भगवान को अर्पित नहीं करना चाहिए। यह अशुभ माना जाता है। फूल ताजे और सुगंधित होने चाहिए।

3. कीड़े लगे फूल

यदि फूलों पर कीड़े लगे हों या वे सड़ने लगे हों, तो ऐसे फूलों को पूजा में उपयोग नहीं करना चाहिए।

4. अशोक के फूल

हालांकि अशोक का पेड़ पवित्र माना जाता है, लेकिन इसके फूलों को पूजा में नहीं चढ़ाया जाता। मान्यता है कि ये फूल शोक का प्रतीक हैं।

5. केतकी के फूल

पौराणिक कथाओं के अनुसार, भगवान शिव ने केतकी के फूल को झूठ बोलने के कारण श्राप दिया था। इसलिए इसे शिवजी को अर्पित नहीं किया जाता।

विभिन्न देवी-देवताओं को कौन से फूल अर्पित करें?

हिंदू धर्म में अलग-अलग देवताओं को विशेष फूल अत्यंत प्रिय होते हैं। आइए जानते हैं किस देवता को कौन सा फूल चढ़ाना चाहिए:

भगवान विष्णु को चढ़ाएं ये फूल

  • तुलसी दल (सबसे प्रिय)
  • कमल का फूल
  • चमेली के फूल
  • अश्वगंधा के फूल

भगवान शिव को अर्पित करें ये पुष्प

  • धतूरा के फूल
  • बिल्व पत्र (बेलपत्र)
  • आक के फूल
  • नागकेसर के फूल

मां दुर्गा को प्रिय हैं ये फूल

  • लाल रंग के गुलाब (कांटे रहित)
  • हिबिस्कस (गुड़हल)
  • पलाश के फूल
  • चंपा के फूल

भगवान गणेश को चढ़ाएं ये फूल

  • दूर्वा घास (विशेष प्रिय)
  • सफेद या लाल गुलाब
  • मोदक फूल
  • चमेली के फूल

पूजा में फूल अर्पित करने का सही तरीका

फूल अर्पित करने का भी एक विशेष विधान है। सही तरीके से फूल चढ़ाने पर भगवान की कृपा शीघ्र प्राप्त होती है।

फूल चढ़ाने से पहले ध्यान रखें ये बातें

  • फूल तोड़ने से पहले हाथ धो लें
  • फूलों को साफ पानी से धो लें (यदि आवश्यक हो)
  • फूलों को भगवान के चरणों में रखने से पहले अपने माथे से लगाएं
  • फूलों को प्रेम और श्रद्धा से अर्पित करें

फूल अर्पित करते समय बोलें ये मंत्र

फूल अर्पित करते समय यह मंत्र बोलना शुभ माना जाता है:

“पुष्पैः पूजयामि त्वां देवदेव महेश्वर।
गृहाण मम पूजां इमां भक्त्या नमोऽस्तु ते॥”

इस मंत्र का अर्थ है – “हे देवों के देव महेश्वर, मैं आपको इन पुष्पों से पूजा करता/करती हूँ। मेरी इस भक्तिपूर्ण पूजा को स्वीकार करें, आपको नमस्कार है।”

फूल चढ़ाने की सही विधि

  1. सबसे पहले आसन पर बैठकर शांत मन से भगवान का ध्यान करें
  2. फूलों को दाहिने हाथ में लें
  3. भगवान के चरणों में या मूर्ति के सामने फूल अर्पित करें
  4. फूलों को ज़ोर से न फेंके, कोमलता से रखें
  5. यदि फूल माला के रूप में हों तो भगवान के गले में डालें

पूजा में फूलों से जुड़ी विशेष बातें

फूलों से संबंधित कुछ विशेष नियम और मान्यताएं जो हर भक्त को जाननी चाहिए:

रविवार को न चढ़ाएं ये फूल

रविवार के दिन लाल रंग के फूल विशेष रूप से भगवान सूर्य को चढ़ाए जाते हैं, लेकिन इस दिन कभी भी केतकी या अशोक के फूल नहीं चढ़ाने चाहिए।

शिवलिंग पर कभी न चढ़ाएं केवड़ा के फूल

शिव पुराण के अनुसार, केवड़ा के फूलों को शिवलिंग पर अर्पित नहीं करना चाहिए। यह भगवान शिव को अप्रिय है।

तुलसी दल है विष्णु जी को अतिप्रिय

तुलसी के पत्तों को भगवान विष्णु को सबसे प्रिय माना जाता है। कहा जाता है कि तुलसी दल के बिना विष्णु जी की पूजा अधूरी मानी जाती है।

बेलपत्र की विशेषता

भगवान शिव को तीन पत्तियों वाला बेलपत्र सबसे प्रिय है। मान्यता है कि बेलपत्र चढ़ाने से सभी पापों से मुक्ति मिल जाती है।

फूलों से जुड़ी पौराणिक कथाएं

हिंदू धर्म में फूलों से जुड़ी कई रोचक पौराणिक कथाएं प्रचलित हैं। आइए जानते हैं कुछ प्रमुख कथाएं:

केतकी फूल की कथा

पुराणों के अनुसार, एक बार भगवान शिव और भगवान विष्णु के बीच विवाद हो गया कि कौन श्रेष्ठ है। ब्रह्मा जी ने केतकी के फूल को साक्षी बनाया। केतकी ने झूठ बोल दिया जिससे शिवजी ने इसे श्राप दे दिया कि अब से इसे शिव पूजा में उपयोग नहीं किया जाएगा।

तुलसी की उत्पत्ति की कथा

पौराणिक कथा के अनुसार, तुलसी वृंदा नामक एक पवित्र स्त्री का रूप थी। उसकी भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान विष्णु ने उसे तुलसी के पौधे के रूप में पृथ्वी पर स्थापित किया और वरदान दिया कि उनकी पूजा तुलसी के बिना पूरी नहीं मानी जाएगी।

बेलपत्र की कहानी

एक कथा के अनुसार, एक बार भगवान शिव ने देवी पार्वती को बेल वृक्ष का महत्व समझाया। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति श्रद्धापूर्वक तीन पत्तियों वाला बेलपत्र चढ़ाएगा, उसके सभी कष्ट दूर हो जाएंगे और उसे मोक्ष की प्राप्ति होगी।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या रात में तोड़े गए फूल पूजा में चढ़ाए जा सकते हैं?

नहीं, रात में तोड़े गए फूलों को पूजा में उपयोग नहीं करना चाहिए। फूल सुबह के समय तोड़े जाने चाहिए जब वे ताजे और सुगंधित होते हैं।

क्या एक ही फूल को कई बार चढ़ाया जा सकता है?

नहीं, एक बार चढ़ाए गए फूल को दोबारा नहीं चढ़ाना चाहिए। हर पूजा में ताजे फूलों का ही उपयोग करना चाहिए।

पूजा के बाद फूलों का क्या करें?

पूजा के बाद फूलों को किसी पवित्र नदी में प्रवाहित कर देना चाहिए या किसी पेड़ के नीचे रख देना चाहिए। कभी भी इन्हें कूड़े में न फेंके।

क्या प्लास्टिक के फूल चढ़ाए जा सकते हैं?

प्लास्टिक के फूलों को पूजा में चढ़ाना उचित नहीं माना जाता। प्राकृतिक और ताजे फूलों का ही उपयोग करना चाहिए क्योंकि इनमें सकारात्मक ऊर्जा होती है।

निष्कर्ष

पूजा में फूलों का विशेष महत्व है, लेकिन सही फूलों का चुनाव और उन्हें सही विधि से अर्पित करना भी उतना ही आवश्यक है। भगवान को फूल अर्पित करते समय शुद्धता, श्रद्धा और भक्ति का विशेष ध्यान रखें। गलत फूलों का उपयोग करने से बचें और प्रत्येक देवी-देवता को उनके प्रिय फूल ही अर्पित करें। इससे आपकी पूजा पूर्ण फलदायी होगी और भगवान की कृपा सदैव आप पर बनी रहेगी।

हमें उम्मीद है कि यह जानकारी आपके लिए उपयोगी साबित होगी। अगर आपको यह लेख पसंद आया हो तो इसे अन्य भक्तों के साथ भी साझा करें। हरि ओम!

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