MSHBMSHBMSHB
  • MSHB.IN
  • Latest News
  • Sarkari Yojana
Reading: Solar Eclipse 2025 Date Timing in India 21 जून सूर्य ग्रहण सूतक समय
Share
Notification Show More
MSHBMSHB
  • MSHB.IN
  • Latest News
  • Sarkari Yojana
© 2024 MSHB.in. All Rights Reserved.

Solar Eclipse 2025 Date Timing in India 21 जून सूर्य ग्रहण सूतक समय

21 जून 2025 को भारत में सूर्य ग्रहण का समय, सूतक काल और देखने का तरीका जानें। पूर्ण जानकारी के लिए पढ़ें यह आर्टिकल।

Published July 2, 2026
Share
5 Min Read

सूर्य ग्रहण 2025: 21 जून को भारत में दिखेगा अद्भुत खगोलीय घटना

21 जून 2025 को भारत में एक अद्वितीय सूर्य ग्रहण देखने को मिलेगा। यह खगोलीय घटना न केवल विज्ञान प्रेमियों के लिए बल्कि आध्यात्मिक साधकों के लिए भी विशेष महत्व रखती है। हिंदू धर्म में ग्रहण को पवित्र समय माना जाता है, जिसमें विशेष सावधानियाँ और पूजा-पाठ का विधान है। इस लेख में हम आपको ग्रहण का सही समय, सूतक काल, धार्मिक महत्व और वैज्ञानिक पहलुओं के बारे में विस्तार से बताएँगे।

Contents
सूर्य ग्रहण 2025: 21 जून को भारत में दिखेगा अद्भुत खगोलीय घटनासूर्य ग्रहण 2025: मुख्य तथ्यसूर्य ग्रहण 2025 का समय (भारतीय समयानुसार)भारत के प्रमुख शहरों में ग्रहण दृश्यतासूतक काल: समय और सावधानियाँसूतक काल में क्या न करें?सूतक काल में क्या करें?धार्मिक महत्व और पौराणिक कथाएँग्रहण के समय पाठ करने योग्य मंत्रवैज्ञानिक दृष्टिकोण और सुरक्षा उपायगर्भवती महिलाओं के लिए सावधानियाँग्रहण के बाद क्या करें?दान का विशेष महत्वनिष्कर्ष

सूर्य ग्रहण 2025: मुख्य तथ्य

  • तिथि: 21 जून 2025 (शनिवार)
  • प्रकार: वलयाकार सूर्य ग्रहण
  • दृश्यता: उत्तरी भारत में आंशिक, पूर्ण ग्रहण रूस और कनाडा में
  • हिंदू पंचांग: ज्येष्ठ मास, कृष्ण पक्ष की अमावस्या

सूर्य ग्रहण 2025 का समय (भारतीय समयानुसार)

भारतीय मानक समय (IST) के अनुसार, 21 जून 2025 को होने वाले सूर्य ग्रहण का समय इस प्रकार रहेगा:

  • ग्रहण प्रारंभ: दोपहर 10:43 बजे (IST)
  • परमग्रास (अधिकतम ग्रहण): दोपहर 12:39 बजे (IST)
  • ग्रहण समाप्त: दोपहर 02:34 बजे (IST)
  • कुल अवधि: 3 घंटे 51 मिनट

भारत के प्रमुख शहरों में ग्रहण दृश्यता

  • दिल्ली: 75% सूर्य आच्छादित
  • मुंबई: 40% सूर्य आच्छादित
  • चेन्नई: 25% सूर्य आच्छादित
  • कोलकाता: 60% सूर्य आच्छादित

सूतक काल: समय और सावधानियाँ

हिंदू शास्त्रों के अनुसार, ग्रहण से 12 घंटे पूर्व सूतक काल प्रारंभ हो जाता है। इस अवधि को अशुभ माना जाता है और कुछ विशेष नियमों का पालन करना चाहिए:

  • सूतक प्रारंभ: 20 जून रात्रि 10:43 बजे (IST)
  • सूतक समाप्त: 21 जून दोपहर 02:34 बजे (IST)

सूतक काल में क्या न करें?

  • भोजन पकाना या ग्रहण करना वर्जित
  • मंदिरों के कपाट बंद रहते हैं
  • नए कार्य प्रारंभ न करें
  • सोना या शारीरिक संबंध न बनाएँ

सूतक काल में क्या करें?

  • भगवान का नाम जपें (“ॐ सूर्याय नमः” या “ॐ नमः शिवाय”)
  • ग्रहण समाप्ति पर स्नान कर दान-पुण्य करें
  • तुलसी के पत्ते डालकर जल शुद्ध करें

धार्मिक महत्व और पौराणिक कथाएँ

हिंदू पुराणों में सूर्य ग्रहण का संबंध राहु-केतु से बताया गया है। समुद्र मंथन के समय अमृत पान करने वाले राहु का सिर कटने के बाद भी अमर हो गया था। यह सिर कभी-कभी सूर्य को ग्रस लेता है, जिसे हम सूर्य ग्रहण के रूप में देखते हैं।

ग्रहण के समय पाठ करने योग्य मंत्र

ग्रहण काल में इन मंत्रों का जाप विशेष फलदायी माना जाता है:

  • सूर्य मंत्र: “ॐ घृणिं सूर्य्य: आदित्य: शक्तिमते नम:”
  • महामृत्युंजय मंत्र: “ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्…”
  • गायत्री मंत्र: “ॐ भूर्भुव: स्व: तत्सवितुर्वरेण्यं…”

वैज्ञानिक दृष्टिकोण और सुरक्षा उपाय

वैज्ञानिकों के अनुसार, सूर्य ग्रहण के समय सूर्य की हानिकारक किरणें आँखों को नुकसान पहुँचा सकती हैं। ग्रहण देखने के लिए इन सावधानियों का पालन करें:

  • कभी भी नंगी आँखों से सूर्य को न देखें
  • विशेष सोलर फिल्टर ग्लासेस या प्रोजेक्शन विधि का उपयोग करें
  • सामान्य सनग्लास या एक्स-रे फिल्म का प्रयोग न करें
  • बच्चों को विशेष निगरानी में रखें

गर्भवती महिलाओं के लिए सावधानियाँ

  • ग्रहण काल में घर के अंदर रहें
  • पेट पर हल्दी या चंदन का लेप लगाएँ
  • कैंची या नुकीली वस्तुओं का प्रयोग न करें

ग्रहण के बाद क्या करें?

ग्रहण समाप्ति के बाद इन कार्यों को करना शुभ माना जाता है:

  • स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें
  • घर और मंदिरों की शुद्धि करें
  • ब्राह्मणों या जरूरतमंदों को दान दें
  • तुलसी के पौधे में जल अर्पित करें

दान का विशेष महत्व

  • गेहूँ, गुड़, कपड़े या फलों का दान
  • कुंवारी कन्याओं को भोजन कराएँ
  • पक्षियों के लिए अन्न और जल की व्यवस्था

निष्कर्ष

21 जून 2025 का सूर्य ग्रहण भारतवासियों के लिए एक अद्भुत खगोलीय और आध्यात्मिक अनुभव होगा। इस लेख में हमने आपको ग्रहण का सही समय, सूतक काल के नियम, वैज्ञानिक सावधानियों और धार्मिक महत्व के बारे में विस्तार से बताया। ग्रहण को वैज्ञानिक दृष्टि से समझने के साथ-साथ हमारी सनातन परंपराओं का भी सम्मान करना चाहिए। याद रखें कि ग्रहण प्रकृति का एक अद्भुत नज़ारा है, जिसे सुरक्षित तरीके से देखकर हम इसका आनंद ले सकते हैं।

You Might Also Like

हनुमानजी गुस्से में क्यों हैं तस्वीर बनाने वाला कौन

केदारनाथ दर्शन का फल इनके दर्शन से भी मिलता है

श्रावणी पर्व: धरती पर जीवन जागा

मौत की आहट सुन सकते हैं छह महीने पहले करें यह उपाय

Moon Black Spot: चंद्रमा को क्यों और किसने दिया श्राप दाग का रहस्य?

Share

Latest News

Hanuman Chalisa: हनुमान चालीसा पाठ का सही समय और विधि
Religion Spirituality July 2, 2026
राधा कृष्णा का युगल रूप हैं बांके बिहारी
Religion Spirituality July 2, 2026
Kheer Bhawani Temple: कश्मीर के चमत्कारी खीर भवानी मंदिर की परंपराएं
Religion Spirituality July 2, 2026
Durga Puja 2025 आज से शुरू जानें कल्पारंभ पूजा का शुभ मुहूर्त
Religion Spirituality July 2, 2026

You Might also Like

शिव और कृष्ण में छिड़ा संग्राम Shiv Krishna Yudh

July 2, 2026

गणेश पूजा और उत्सव की खास बातें जानिए

July 2, 2026

जनेऊ दाएं कान पर ही क्यों लपेटते हैं? Why is Janeu worn on the right ear?

July 2, 2026
MshbMshb

MSHB.in is your reliable source for the latest news in Government Schemes, Sarkari Yojana, Govt Jobs, Spirituality, lifestyle, and more.

Quick Link

  • MSHB.IN
  • About Us
  • Blogs
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms and Conditions
  • My Bookmarks
  • Contact Us

Category

  • Religion
  • Latest News
  • Sarkari Yojana

Recent Post

  • Hanuman Chalisa: हनुमान चालीसा पाठ का सही समय और विधि
  • राधा कृष्णा का युगल रूप हैं बांके बिहारी
  • Kheer Bhawani Temple: कश्मीर के चमत्कारी खीर भवानी मंदिर की परंपराएं
© 2025 MSHB. All Rights Reserved. | Website Designed By Dinox Tech HTML sitemap
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?