MSHBMSHBMSHB
  • MSHB.IN
  • Latest News
  • Sarkari Yojana
Reading: Nirjala Ekadashi 2025 निर्जला एकादशी दान से दूर होते दुख
Share
Notification Show More
MSHBMSHB
  • MSHB.IN
  • Latest News
  • Sarkari Yojana
© 2024 MSHB.in. All Rights Reserved.

Nirjala Ekadashi 2025 निर्जला एकादशी दान से दूर होते दुख

निर्जला एकादशी 2025 में दान करें ये चीजें और दूर करें दुख-दर्द जानें क्या है शुभ और फलदायी

Published October 31, 2026
Share
5 Min Read
Nirjala Ekadashi 2025 निर्जला एकादशी दान से दूर होते दुख

निर्जला एकादशी का महत्व

निर्जला एकादशी हिंदू धर्म में सबसे पवित्र और कठिन व्रतों में से एक मानी जाती है। यह व्रत ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को मनाया जाता है। इस दिन भक्त बिना जल ग्रहण किए पूरे दिन उपवास रखते हैं और भगवान विष्णु की आराधना करते हैं। निर्जला एकादशी का व्रत न केवल मोक्ष प्रदान करता है बल्कि दान-पुण्य से जीवन के दुख-दर्द भी दूर होते हैं।

Contents
निर्जला एकादशी का महत्वनिर्जला एकादशी 2025: तिथि और मुहूर्तनिर्जला एकादशी पर दान का महत्वनिर्जला एकादशी पर किन चीजों का दान करें?1. जल का दान (जलदान)2. वस्त्र दान (वस्त्रदान)3. अन्न दान (अन्नदान)4. छत्र (छाता) दान5. तुलसी का पौधा दाननिर्जला एकादशी की कथानिर्जला एकादशी पूजा विधिनिर्जला एकादशी के लाभसावधानियाँ

निर्जला एकादशी 2025: तिथि और मुहूर्त

निर्जला एकादशी 2025 में 8 जून, रविवार को मनाई जाएगी।

  • एकादशी तिथि प्रारंभ: 7 जून 2025, रात 10:16 बजे
  • एकादशी तिथि समाप्त: 8 जून 2025, रात 09:17 बजे
  • पारण मुहूर्त: 9 जून, सुबह 05:43 से 08:23 तक

निर्जला एकादशी पर दान का महत्व

शास्त्रों में कहा गया है कि निर्जला एकादशी पर दान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है और जीवन के कष्ट दूर होते हैं। भविष्य पुराण में वर्णित है:

“एकादश्यां निराहारः श्रद्धया यः प्रयच्छति।

तस्य पुण्यफलं प्रोक्तं कोटिजन्मार्जितैः समम्॥”

अर्थात: जो व्यक्ति श्रद्धापूर्वक निर्जला एकादशी पर दान करता है, उसे कोटि जन्मों के पुण्य के समान फल प्राप्त होता है।

निर्जला एकादशी पर किन चीजों का दान करें?

1. जल का दान (जलदान)

निर्जला एकादशी पर जलदान का विशेष महत्व है। गर्मी के मौसम में प्यासे जीवों को पानी पिलाने से अनंत पुण्य मिलता है। आप ये कर सकते हैं:

  • मंदिर या सार्वजनिक स्थानों पर पानी के कुल्हड़ रखें
  • पक्षियों के लिए मिट्टी के बर्तन में पानी भरकर रखें
  • गरीबों को शुद्ध पेयजल दान करें

2. वस्त्र दान (वस्त्रदान)

इस दिन नए या साफ-सुथरे वस्त्र दान करने से धन-समृद्धि की प्राप्ति होती है। विशेष रूप से:

  • गरीब बच्चों को नए कपड़े दें
  • वृद्धाश्रम में चादर या कंबल दान करें
  • ब्राह्मणों को वस्त्र दान दें (यदि संभव हो)

3. अन्न दान (अन्नदान)

भूखे को भोजन कराने से बढ़कर कोई दान नहीं। निर्जला एकादशी पर:

  • गरीबों को सात्विक भोजन कराएं
  • मंदिर में भंडारे का आयोजन करें
  • गौशाला में चारा दान करें

4. छत्र (छाता) दान

गर्मी से राहत देने के लिए छत्र दान करना शुभ माना जाता है। आप ये कर सकते हैं:

  • मंदिर में छत्र चढ़ाएं
  • गरीबों को छाते बांटें
  • यात्रियों के लिए छायादार स्थान बनवाएं

5. तुलसी का पौधा दान

तुलसी दान से घर में सुख-शांति बनी रहती है। इस दिन:

  • तुलसी के पौधे बांटें
  • मंदिर में तुलसी विवाह कराएं
  • तुलसी माला का दान करें

निर्जला एकादशी की कथा

पौराणिक कथा के अनुसार, महाभारत काल में भीम ने इस व्रत को किया था। भीम जैसे शक्तिशाली व्यक्ति के लिए भी उपवास रखना कठिन था, इसलिए ऋषि व्यास ने उन्हें केवल निर्जला एकादशी का व्रत करने की सलाह दी। इस व्रत से भीम को सभी एकादशियों के पुण्य का फल मिला।

निर्जला एकादशी पूजा विधि

  1. सुबह सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करें
  2. साफ वस्त्र पहनकर भगवान विष्णु की पूजा करें
  3. निम्न मंत्र का जाप करें:

    “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय”

  4. पूरे दिन बिना जल पिए व्रत रखें
  5. शाम को दीपदान करें और आरती करें
  6. अगले दिन सूर्योदय के बाद दान-पुण्य करके व्रत खोलें

निर्जला एकादशी के लाभ

  • पापों का नाश: इस व्रत से पूर्वजन्म के पाप भी धुल जाते हैं
  • मोक्ष की प्राप्ति: मृत्यु के बाद विष्णुलोक की प्राप्ति होती है
  • सुख-समृद्धि: घर में धन-धान्य की वृद्धि होती है
  • स्वास्थ्य लाभ: शरीर और मन को शुद्धि मिलती है

सावधानियाँ

  • गर्भवती महिलाएं, बच्चे और बीमार व्यक्ति पूर्ण उपवास न रखें
  • फलाहार या दूध ले सकते हैं
  • धूप में अधिक न निकलें
  • मानसिक जाप या ध्यान करते रहें

निर्जला एकादशी का व्रत और दान जीवन को पवित्र बनाने का सर्वोत्तम अवसर है। इस दिन किया गया छोटा सा भी दान कोटि गुना फल देता है। भगवान विष्णु की कृपा पाने के लिए इस पावन दिन श्रद्धापूर्वक दान करें और अपने जीवन के दुख-दर्द को दूर करें।

“दानेन तपसा चैव मनसा च प्रसादतः।

एकादश्यां नरो याति विष्णोः परममं पदम्॥”

(भविष्य पुराण)

आप सभी को निर्जला एकादशी 2025 की हार्दिक शुभकामनाएं! 🙏

You Might Also Like

हनुमानजी गुस्से में क्यों हैं तस्वीर बनाने वाला कौन

केदारनाथ दर्शन का फल इनके दर्शन से भी मिलता है

श्रावणी पर्व: धरती पर जीवन जागा

Somvati Amavasya 2025 आज और कल मनाई जाएगी मौनी अमावस्या

सावन में शिवमंत्र जाप से पूरी होगी हर मनोकामना

Share

Latest News

Hanuman Chalisa: हनुमान चालीसा पाठ का सही समय और विधि
Religion Spirituality October 31, 2026
राधा कृष्णा का युगल रूप हैं बांके बिहारी
Religion Spirituality October 31, 2026
Kheer Bhawani Temple: कश्मीर के चमत्कारी खीर भवानी मंदिर की परंपराएं
Religion Spirituality October 31, 2026
Durga Puja 2025 आज से शुरू जानें कल्पारंभ पूजा का शुभ मुहूर्त
Religion Spirituality October 31, 2026

You Might also Like

शिव और कृष्ण में छिड़ा संग्राम Shiv Krishna Yudh
ReligionSpirituality

शिव और कृष्ण में छिड़ा संग्राम Shiv Krishna Yudh

October 31, 2026
गणेश पूजा और उत्सव की खास बातें जानिए
ReligionSpirituality

गणेश पूजा और उत्सव की खास बातें जानिए

October 31, 2026
जनेऊ दाएं कान पर ही क्यों लपेटते हैं? Why is Janeu worn on the right ear?
ReligionSpirituality

जनेऊ दाएं कान पर ही क्यों लपेटते हैं? Why is Janeu worn on the right ear?

October 31, 2026
MshbMshb

MSHB.in is your reliable source for the latest news in Government Schemes, Sarkari Yojana, Govt Jobs, Spirituality, lifestyle, and more.

Quick Link

  • MSHB.IN
  • About Us
  • Blogs
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms and Conditions
  • My Bookmarks
  • Contact Us

Category

  • Religion
  • Latest News
  • Sarkari Yojana

Recent Post

  • Hanuman Chalisa: हनुमान चालीसा पाठ का सही समय और विधि
  • राधा कृष्णा का युगल रूप हैं बांके बिहारी
  • Kheer Bhawani Temple: कश्मीर के चमत्कारी खीर भवानी मंदिर की परंपराएं
© 2025 MSHB. All Rights Reserved. | Website Designed By Dinox Tech HTML sitemap
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?