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दूर्वा के फायदे भगवान गणेश को प्रिय

जानिए दूर्वा खास लगाने के फायदे और क्यों यह भगवान गणेश को विशेष प्रिय है पूजा में इसका महत्व और लाभ जानें

Published July 2, 2026
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4 Min Read

हिंदू धर्म में दूर्वा (Cynodon dactylon) का विशेष स्थान है, खासकर भगवान गणेश की पूजा में। यह हरी-भरी घास न केवल आध्यात्मिक बल्कि वैज्ञानिक दृष्टि से भी लाभकारी है। इस लेख में हम दूर्वा के पूजन संबंधी फायदे, इसकी पौराणिक कथा और गणेश जी को यह प्रिय क्यों है, यह जानेंगे।

Contents
दूर्वा क्या है? (वैज्ञानिक व धार्मिक परिचय)दूर्वा की पहचान:भगवान गणेश को दूर्वा क्यों प्रिय है?दूर्वा चढ़ाने का मंत्र:दूर्वा चढ़ाने के 7 अद्भुत लाभ1. मनोकामना पूर्ति2. ग्रह दोष शांति3. आरोग्य लाभ4. संतान सुख5. वास्तु दोष निवारण6. धन प्राप्ति7. मानसिक शांतिदूर्वा चढ़ाने का सही तरीकाविशेष नोट:वैज्ञानिक दृष्टि से दूर्वा के लाभअक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नQ: क्या दूर्वा को खाया जा सकता है?Q: दूर्वा कहाँ उगाएं?दूर्वा – छोटी घास, बड़े गुण

दूर्वा क्या है? (वैज्ञानिक व धार्मिक परिचय)

दूर्वा, जिसे अंग्रेजी में “Bermuda Grass” कहते हैं, एक औषधीय पौधा है। आयुर्वेद में इसे शीतल, रक्तशोधक और पाचनकर्ता माना गया है। धार्मिक दृष्टि से यह शुभता, दीर्घायु और समृद्धि का प्रतीक है।

दूर्वा की पहचान:

  • तीन या पांच पत्तियों वाली हरी घास
  • जमीन पर फैलने वाली लता
  • इसकी जड़ें गहरी होती हैं

भगवान गणेश को दूर्वा क्यों प्रिय है?

पौराणिक कथा के अनुसार, देवी पार्वती ने गणेश जी को एक बार अत्यधिक गर्मी से बचाने के लिए उनके शरीर पर दूर्वा का लेप लगाया था। तभी से यह उन्हें अति प्रिय हो गई। एक अन्य कथा के अनुसार, अनंत नामक राक्षस का वध करते समय गणेश जी के शरीर से टपकी पसीने की बूंदों से दूर्वा उत्पन्न हुई।

दूर्वा चढ़ाने का मंत्र:

  
"दूर्वांकुरैर्यः समर्चयेद्गणेशं सोऽश्वमेधफलं लभेत्।"  
(जो गणेश जी को दूर्वा अर्पित करता है, उसे अश्वमेध यज्ञ का फल प्राप्त होता है।)  

दूर्वा चढ़ाने के 7 अद्भुत लाभ

1. मनोकामना पूर्ति

21 दूर्वा अंकुरों को गणपति को अर्पित करने से इच्छित फल की प्राप्ति होती है।

2. ग्रह दोष शांति

कुंडली में बुध या केतु के अशुभ प्रभाव को दूर करने के लिए दूर्वा का उपयोग किया जाता है।

3. आरोग्य लाभ

  • दूर्वा का रस पीलिया रोग में लाभकारी
  • इसकी माला से सिरदर्द दूर होता है

4. संतान सुख

संतान प्राप्ति के लिए दूर्वा को गणेश जी और चंद्र देव को समर्पित करें।

5. वास्तु दोष निवारण

घर के मुख्य द्वार पर दूर्वा बांधने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है।

6. धन प्राप्ति

दूर्वा को शुक्रवार को लक्ष्मी जी के साथ अर्पित करने से धन लाभ होता है।

7. मानसिक शांति

दूर्वा की सुगंध तनाव और चिंता को कम करती है।

दूर्वा चढ़ाने का सही तरीका

  1. सुबह स्नानादि के बाद ताजी दूर्वा तोड़ें
  2. इसे गंगाजल से शुद्ध करें
  3. 21 या 108 अंकुरों की गुच्छी बनाएं
  4. गणेश मंत्र बोलते हुए अर्पित करें

विशेष नोट:

कभी भी जड़ सहित दूर्वा न तोड़ें – इससे पौधे का विनाश होता है। केवल ऊपरी भाग ही लें।

वैज्ञानिक दृष्टि से दूर्वा के लाभ

गुण वैज्ञानिक प्रमाण
रोग प्रतिरोधक क्षमता इसमें प्रोटीन, फाइबर और क्लोरोफिल प्रचुर मात्रा में होता है
त्वचा स्वास्थ्य एंटी-बैक्टीरियल गुण मुहांसे दूर करते हैं

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

Q: क्या दूर्वा को खाया जा सकता है?

A: हां, आयुर्वेद में दूर्वा रस को रक्त शुद्धिकरण के लिए प्रयोग किया जाता है।

Q: दूर्वा कहाँ उगाएं?

A: गमले या बगीचे में; यह कम देखभाल वाला पौधा है।

दूर्वा – छोटी घास, बड़े गुण

दूर्वा केवल एक पूजन सामग्री नहीं, बल्कि प्रकृति का वरदान है। गणेश जी को दूर्वा अर्पित कर हम आध्यात्मिक और भौतिक दोनों लाभ प्राप्त कर सकते हैं। आप भी इस पवित्र घास को अपने दैनिक पूजन में स्थान दें!

ध्यान दें: दूर्वा का प्रयोग करते समय इसके संरक्षण का भी ध्यान रखें। अत्यधिक मात्रा में न तोड़ें और इसे हरा-भरा बनाए रखें।

ॐ गणेशाय नमः!

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