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Vishwakarma Jayanti 2025 विश्वकर्मा पूजा राशि उपाय व्यापार सफलता

विश्वकर्मा पूजा 2025 में राशि अनुसार उपाय करके व्यापार में सफलता पाएं जानिए कैसे करें पूजा और मनाएं यह पावन पर्व

Published July 2, 2026
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4 Min Read

भगवान विश्वकर्मा को देवताओं के शिल्पकार और सृष्टि के निर्माता के रूप में पूजा जाता है। विश्वकर्मा जयंती के पावन अवसर पर उनकी विधिवत पूजा करने से घर-परिवार, व्यापार और कार्यस्थल पर सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। आइए जानें कि कैसे आप अपनी राशि अनुसार शुभ उपाय करके इस दिन को और भी फलदायी बना सकते हैं।

Contents
विश्वकर्मा जयंती का महत्वराशि अनुसार विश्वकर्मा पूजा के उपायमेष, सिंह और धनु राशि (अग्नि तत्व)वृषभ, कन्या और मकर राशि (पृथ्वी तत्व)मिथुन, तुला और कुंभ राशि (वायु तत्व)कर्क, वृश्चिक और मीन राशि (जल तत्व)व्यापार में सफलता के लिए विशेष उपायविश्वकर्मा पूजा विधिविश्वकर्मा जयंती पर वर्जित कार्यनिष्कर्ष

विश्वकर्मा जयंती का महत्व

हिंदू पंचांग के अनुसार, भाद्रपद मास की कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को भगवान विश्वकर्मा की जयंती मनाई जाती है। 2025 में यह पर्व 17 सितंबर, बुधवार को पड़ रहा है। इस दिन कारखानों, दुकानों और कार्यस्थलों पर विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। शास्त्रों में कहा गया है:

“यस्य स्मरणमात्रेण सर्वकर्मसु सिद्धयः।
तं वन्दे विश्वकर्माणं नमस्तस्मै सदा नमः॥”

अर्थात, जिनके स्मरण मात्र से सभी कार्यों में सिद्धि प्राप्त होती है, उन विश्वकर्मा भगवान को मैं नमन करता हूँ।

राशि अनुसार विश्वकर्मा पूजा के उपाय

आपकी राशि के अनुसार किए गए उपाय विशेष फलदायी होते हैं। यहाँ जानें कि किस राशि के जातक को कौन-सा उपाय करना चाहिए:

मेष, सिंह और धनु राशि (अग्नि तत्व)

  • पूजा के समय लाल रंग के फूल और गुड़ का प्रसाद चढ़ाएं
  • कार्यस्थल पर स्वस्तिक यंत्र स्थापित करें
  • इस मंत्र का 108 बार जाप करें:
    “ॐ विश्वकर्मणे नमः, सर्वकर्मसिद्धये नमः”

वृषभ, कन्या और मकर राशि (पृथ्वी तत्व)

  • पूजा में सफेद फूल और खीर का भोग लगाएं
  • कार्यालय में हरे पौधे लगाएं या नए पौधे दान करें
  • इस मंत्र का पाठ करें:
    “ॐ आधारशक्तये नमः, विश्वकर्माय नमः”

मिथुन, तुला और कुंभ राशि (वायु तत्व)

  • पूजा के समय पीले फूल और मिश्री का प्रसाद चढ़ाएं
  • व्यापार स्थल पर हवन या धूपबत्ती जलाएं
  • इस मंत्र का जाप करें:
    “ॐ वायुपुत्राय नमः, विश्वरूपाय नमः”

कर्क, वृश्चिक और मीन राशि (जल तत्व)

  • पूजा में नीले फूल और दूध से बने मिष्ठान चढ़ाएं
  • कार्यस्थल पर शंख में जल भरकर रखें
  • इस मंत्र का उच्चारण करें:
    “ॐ नमो भगवते विश्वकर्मणे, सर्वसमृद्धये नमः”

व्यापार में सफलता के लिए विशेष उपाय

विश्वकर्मा जयंती पर किए गए ये उपाय आपके व्यवसाय को नई ऊँचाइयों तक ले जा सकते हैं:

  • नए उपकरणों की पूजा: इस दिन कार्यस्थल पर उपयोग किए जाने वाले सभी उपकरणों की पूजा करें
  • गोमूत्र से शुद्धि: कार्यालय या दुकान को गोमूत्र के छिड़काव से शुद्ध करें
  • दान का महत्व: इस दिन किसी जरूरतमंद शिल्पकार को उपकरण या वस्त्र दान करें
  • यंत्र स्थापना: विश्वकर्मा यंत्र को लाल कपड़े में लपेटकर तिजोरी में रखें

विश्वकर्मा पूजा विधि

सुबह स्नानादि से निवृत्त होकर स्वच्छ वस्त्र धारण करें। पूजा के लिए निम्न सामग्री तैयार करें:

  • रोली, चावल, फूल, फल
  • दीपक, धूप, अगरबत्ती
  • नारियल, मिष्ठान
  • विश्वकर्मा जी की प्रतिमा या चित्र

पूजा विधि:

  1. सबसे पहले पूजा स्थल को गंगाजल से शुद्ध करें
  2. चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर विश्वकर्मा जी की प्रतिमा स्थापित करें
  3. रोली से तिलक लगाएं और फूल अर्पित करें
  4. धूप-दीप दिखाकर आरती करें
  5. अंत में प्रसाद वितरण करें

विश्वकर्मा जयंती पर वर्जित कार्य

इस पावन दिन कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए:

  • कार्यस्थल पर किसी प्रकार का झगड़ा या तनाव न होने दें
  • पूजा के दिन नए कार्य का शुभारंभ न करें
  • किसी भी उपकरण को खराब न होने दें
  • पूजा के बाद क्रोध या नकारात्मक विचार न लाएं

निष्कर्ष

विश्वकर्मा जयंती का पर्व हमें यह संदेश देता है कि ईश्वर ने हमें जो कौशल और योग्यता दी है, उसका सदुपयोग समाज कल्याण के लिए करना चाहिए। राशि अनुसार किए गए ये उपाय निश्चित रूप से आपके जीवन में सुख-समृद्धि लाएंगे। विश्वकर्मा भगवान की कृपा से आपके सभी कार्य निर्विघ्न पूर्ण हों, यही हमारी कामना है।

“येन सर्वमिदं विश्वं निर्मितं सचराचरम्।
तस्मै विश्वकर्मणे देवाय नमो नमः॥”.

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