MSHBMSHBMSHB
  • MSHB.IN
  • Latest News
  • Sarkari Yojana
Reading: Ganpati Visarjan 2025: बप्पा को विदा करने का दिन और विधि
Share
Notification Show More
MSHBMSHB
  • MSHB.IN
  • Latest News
  • Sarkari Yojana
© 2024 MSHB.in. All Rights Reserved.

Ganpati Visarjan 2025: बप्पा को विदा करने का दिन और विधि

गणपति विसर्जन 2025 की तिथि और विधि जानें बप्पा को विदा करने का शुभ मुहूर्त और पूजा विधि यहाँ देखें

Published July 2, 2026
Share
3 Min Read

गणपति बप्पा का आगमन हर साल हमारे घरों में असीम आनंद और उत्साह लेकर आता है। गणेश चतुर्थी से शुरू होने वाला यह पर्व, अनंत चतुर्दशी या गणेश विसर्जन के दिन समाप्त होता है। यह दिन भक्तों के लिए भावुक और विशेष होता है, क्योंकि इस दिन हम अपने प्रिय विघ्नहर्ता को विदाई देते हैं।

Contents
गणेश विसर्जन 2025 की तिथि और शुभ मुहूर्तशुभ मुहूर्त:गणेश विसर्जन की पूर्ण विधि (Step-by-Step Guide)1. सुबह की तैयारी और पूजा2. आरती और प्रार्थना3. विसर्जन की प्रक्रिया4. विदाई के बाद का संकल्पविसर्जन के प्रकार: परंपरागत और पर्यावरण-अनुकूल1. पारंपरिक विसर्जन (जल में प्रवाहित करना)2. सांकेतिक विसर्जन (घर पर ही)3. पारिस्थितिकी-अनुकूल विसर्जनगणेश विसर्जन से जुड़ी महत्वपूर्ण बातेंबप्पा की विदाई और आगमन की प्रतीक्षा

गणेश विसर्जन 2025 की तिथि और शुभ मुहूर्त

2025 में गणेश विसर्जन का दिन 7 सितंबर, रविवार को पड़ रहा है। इस दिन अनंत चतुर्दशी का पर्व मनाया जाएगा।

शुभ मुहूर्त:

  • अनंत चतुर्दशी तिथि प्रारंभ: 6 सितंबर 2025, सुबह 09:14 बजे
  • अनंत चतुर्दशी तिथि समाप्त: 7 सितंबर 2025, सुबह 10:32 बजे
  • विसर्जन का श्रेष्ठ समय: प्रातः 06:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक

गणेश विसर्जन की पूर्ण विधि (Step-by-Step Guide)

1. सुबह की तैयारी और पूजा

  • प्रातः स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
  • बप्पा को सिंदूर और हल्दी का चंदन लगाएं।
  • मोदक, दूर्वा और फलों का भोग लगाएं।

2. आरती और प्रार्थना

विसर्जन से पहले गणेश आरती और निम्न मंत्र का जाप करें:

“गजाननं भूतगणादिसेवितं, कपित्थजम्बूफलसारभक्षितम्।
उमासुतं शोकविनाशकारकं, नमामि विघ्नेश्वरपादपंकजम्॥”

3. विसर्जन की प्रक्रिया

  • बप्पा की मूर्ति को एक सुंदर पालकी या ट्रक में सजाकर ले जाएं।
  • भक्ति गीत और नारे लगाते हुए जुलूस निकालें।
  • नदी, तालाब या समुद्र में विसर्जन करते समय “गणपति बप्पा मोरया, पुण्याचा वर्षा लावा” का उद्घोष करें।

4. विदाई के बाद का संकल्प

विसर्जन के बाद घर लौटकर दीपक जलाएं और प्रार्थना करें कि बप्पा अगले वर्ष फिर से आएं।

विसर्जन के प्रकार: परंपरागत और पर्यावरण-अनुकूल

1. पारंपरिक विसर्जन (जल में प्रवाहित करना)

  • मिट्टी की मूर्ति का उपयोग करें।
  • प्लास्टिक या नॉन-बायोडिग्रेडेबल सामग्री से बचें।

2. सांकेतिक विसर्जन (घर पर ही)

  • एक कलश में जल भरकर मूर्ति को विसर्जित करें।
  • बाद में इस जल को पौधों में डाल दें।

3. पारिस्थितिकी-अनुकूल विसर्जन

  • शुद्ध मिट्टी या पेपर माशे की मूर्तियां चुनें।
  • प्राकृतिक रंगों से सजाएं।

गणेश विसर्जन से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें

  • मूर्ति का आकार: छोटी मूर्तियां (2-3 इंच) 1.5 दिन, बड़ी मूर्तियां (5-7 दिन) तक रख सकते हैं।
  • विसर्जन के नियम: शाम के बजाय सुबह विसर्जन करना शुभ माना जाता है।
  • भावना का महत्व: विसर्जन के समय दुखी न हों, बल्कि बप्पा के आगमन की प्रतीक्षा करें।

बप्पा की विदाई और आगमन की प्रतीक्षा

गणेश विसर्जन केवल एक रस्म नहीं, बल्कि भक्ति और समर्पण का प्रतीक है। “गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ” का उद्घोष करते हुए, हम बप्पा से अगले वर्ष फिर से आने का निमंत्रण देते हैं। यह पर्व हमें सिखाता है कि जीवन में आने वाली हर चीज़ अस्थायी है, लेकिन भक्ति और प्रेम सदैव बना रहता है।

आप सभी को गणेश विसर्जन 2025 की हार्दिक शुभकामनाएं! 🎉🙏

You Might Also Like

हनुमानजी गुस्से में क्यों हैं तस्वीर बनाने वाला कौन

केदारनाथ दर्शन का फल इनके दर्शन से भी मिलता है

श्रावणी पर्व: धरती पर जीवन जागा

मौत की आहट सुन सकते हैं छह महीने पहले करें यह उपाय

Moon Black Spot: चंद्रमा को क्यों और किसने दिया श्राप दाग का रहस्य?

Share

Latest News

Hanuman Chalisa: हनुमान चालीसा पाठ का सही समय और विधि
Religion Spirituality July 2, 2026
राधा कृष्णा का युगल रूप हैं बांके बिहारी
Religion Spirituality July 2, 2026
Kheer Bhawani Temple: कश्मीर के चमत्कारी खीर भवानी मंदिर की परंपराएं
Religion Spirituality July 2, 2026
Durga Puja 2025 आज से शुरू जानें कल्पारंभ पूजा का शुभ मुहूर्त
Religion Spirituality July 2, 2026

You Might also Like

शिव और कृष्ण में छिड़ा संग्राम Shiv Krishna Yudh

July 2, 2026

गणेश पूजा और उत्सव की खास बातें जानिए

July 2, 2026

जनेऊ दाएं कान पर ही क्यों लपेटते हैं? Why is Janeu worn on the right ear?

July 2, 2026
MshbMshb

MSHB.in is your reliable source for the latest news in Government Schemes, Sarkari Yojana, Govt Jobs, Spirituality, lifestyle, and more.

Quick Link

  • MSHB.IN
  • About Us
  • Blogs
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms and Conditions
  • My Bookmarks
  • Contact Us

Category

  • Religion
  • Latest News
  • Sarkari Yojana

Recent Post

  • Hanuman Chalisa: हनुमान चालीसा पाठ का सही समय और विधि
  • राधा कृष्णा का युगल रूप हैं बांके बिहारी
  • Kheer Bhawani Temple: कश्मीर के चमत्कारी खीर भवानी मंदिर की परंपराएं
© 2025 MSHB. All Rights Reserved. | Website Designed By Dinox Tech HTML sitemap
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?