MSHBMSHBMSHB
  • MSHB.IN
  • Latest News
  • Sarkari Yojana
Reading: Janmashtami 2025 जन्माष्टमी आज शुभ मुहूर्त विधि से करें पूजा
Share
Notification Show More
MSHBMSHB
  • MSHB.IN
  • Latest News
  • Sarkari Yojana
© 2024 MSHB.in. All Rights Reserved.

Janmashtami 2025 जन्माष्टमी आज शुभ मुहूर्त विधि से करें पूजा

Published June 26, 2026
Share
5 Min Read

“`html

Contents
जन्माष्टमी 2025: श्रीकृष्ण की आराधना का पावन पर्वजन्माष्टमी 2025 का शुभ मुहूर्तश्रीकृष्ण की आराधना की विधिपूजा की तैयारीपूजन विधिमहत्वपूर्ण मंत्र और भजनजन्माष्टमी व्रत की विधिविशेष उपायजन्माष्टमी का आध्यात्मिक महत्वक्यों मनाई जाती है निशीथ पूजा?जन्माष्टमी पर विशेष आचरणनिष्कर्ष

जन्माष्टमी 2025: श्रीकृष्ण की आराधना का पावन पर्व

भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव, जन्माष्टमी, हिंदू धर्म में सबसे पवित्र त्योहारों में से एक है। यह पर्व भाद्रपद माह की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है। 2025 में, जन्माष्टमी का यह शुभ दिन [तारीख] को पड़ रहा है। इस दिन भक्त विशेष पूजा, व्रत और आराधना करके कान्हा के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हैं। आइए जानते हैं इस पावन पर्व की शुभ मुहूर्त, पूजन विधि और आध्यात्मिक महत्व।

जन्माष्टमी 2025 का शुभ मुहूर्त

  • अष्टमी तिथि प्रारंभ: [समय]
  • अष्टमी तिथि समाप्त: [समय]
  • निशीथ पूजा का समय: [समय] (मध्यरात्रि का सबसे शुभ क्षण)
  • पारण का समय: [समय] (अगले दिन अष्टमी तिथि समाप्त होने के बाद)

ध्यान दें: जन्माष्टमी का व्रत अष्टमी तिथि के दिन ही रखा जाता है, भले ही निशीथ काल अगले दिन पड़े।

श्रीकृष्ण की आराधना की विधि

पूजा की तैयारी

  • सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
  • पूजा स्थल को गंगाजल से शुद्ध करके रंगोली से सजाएं।
  • श्रीकृष्ण की मूर्ति या चित्र को स्थापित करें और उन्हें नए वस्त्र व आभूषण पहनाएं।
  • पूजा के लिए तुलसी दल, फूल, फल, माखन-मिश्री, पंचामृत आदि तैयार करें।

पूजन विधि

  1. सबसे पहले भगवान गणेश की पूजा करें।
  2. श्रीकृष्ण को पीले फूल अर्पित करके उनका आवाहन करें।
  3. उन्हें स्नान कराएं (अभिषेक) और नए वस्त्र पहनाएं।
  4. पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद और शक्कर का मिश्रण) से उनका अभिषेक करें।
  5. चंदन, अक्षत, फूल और तुलसी दल अर्पित करें।
  6. धूप-दीप दिखाकर आरती उतारें।

महत्वपूर्ण मंत्र और भजन

पूजा के दौरान इन मंत्रों का जाप करें:

  • ॐ नमो भगवते वासुदेवाय
  • कृष्णाय वासुदेवाय देवकीनन्दनाय च, नन्दगोपकुमाराय गोविन्दाय नमो नमः
  • हरे कृष्ण हरे कृष्ण, कृष्ण कृष्ण हरे हरे, हरे राम हरे राम, राम राम हरे हरे

जन्माष्टमी व्रत की विधि

जन्माष्टमी का व्रत रखने वाले भक्तों को निम्न बातों का ध्यान रखना चाहिए:

  • व्रत के दिन सात्विक भोजन (फलाहार) ग्रहण करें।
  • पूरे दिन उपवास रखकर मध्यरात्रि के पूजन के बाद ही भोजन करें।
  • व्रत तोड़ने (पारण) से पहले तुलसी का पत्ता और जल ग्रहण करें।
  • व्रत के दौरान नकारात्मक विचारों और वार्तालाप से बचें।

विशेष उपाय

  • अगर संभव हो तो इस दिन गाय के घी का दीपक जरूर जलाएं।
  • श्रीकृष्ण को माखन-मिश्री का भोग लगाएं और प्रसाद के रूप में वितरित करें।
  • भगवद् गीता का पाठ करें या कृष्ण लीला की कथाएं सुनें।

जन्माष्टमी का आध्यात्मिक महत्व

जन्माष्टमी केवल एक धार्मिक त्योहार नहीं, बल्कि आत्मज्ञान का प्रतीक है। श्रीकृष्ण का जन्म अंधकार पर प्रकाश, अधर्म पर धर्म और असत्य पर सत्य की विजय का संदेश देता है। इस दिन उनकी आराधना करने से मन को शांति और जीवन को सही दिशा मिलती है।

क्यों मनाई जाती है निशीथ पूजा?

मान्यता है कि भगवान कृष्ण का जन्म मध्यरात्रि में हुआ था, जब चारों ओर अंधकार छाया हुआ था। इसलिए इस समय की गई पूजा विशेष फलदायी मानी जाती है। निशीथ काल में की गई आराधना से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।

जन्माष्टमी पर विशेष आचरण

  • इस दिन झूठ, क्रोध और लालच से दूर रहें।
  • गरीबों और जरूरतमंदों को दान दें।
  • परिवार के साथ मिलकर भगवान की कथा सुनें और भजन गाएं।
  • मंदिर जाकर श्रीकृष्ण के दर्शन करें और प्रसाद ग्रहण करें।

निष्कर्ष

जन्माष्टमी का पावन पर्व हमें श्रीकृष्ण के जीवन से प्रेरणा लेने का अवसर देता है। इस दिन उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लेना चाहिए। भक्ति, कर्तव्य और निष्काम कर्म – यही है कृष्ण का संदेश। आइए, इस जन्माष्टमी पर श्रीकृष्ण की कृपा पाने के लिए पूरे मन से उनकी आराधना करें और उनके दिव्य गुणों को अपने जीवन में उतारने का प्रयास करें।

श्रीकृष्ण की असीम कृपा आप सभी पर बनी रहे। हरि ओम!

“`

You Might Also Like

Surya Stuti: सुख समृद्धि के लिए रविवार को पढ़ें यह स्तुति

Banke Bihari Mandir: वृंदावन में दर्शन पूजा और विग्रह रूप का महत्व

Sawan 2025 Kanwar Yatra Ke Pauranik Maanyataen Aur Mahatva

इस व्रत से बढ़ता है पति पत्नी और प्रेमियों का प्रेम Love Vrat Benefits

नवरात्र विशेष चैत्र नवरात्र का आपके जीवन में महत्व

Share

Latest News

Hanuman Chalisa: हनुमान चालीसा पाठ का सही समय और विधि
Religion Spirituality June 26, 2026
राधा कृष्णा का युगल रूप हैं बांके बिहारी
Religion Spirituality June 26, 2026
Kheer Bhawani Temple: कश्मीर के चमत्कारी खीर भवानी मंदिर की परंपराएं
Religion Spirituality June 26, 2026
Durga Puja 2025 आज से शुरू जानें कल्पारंभ पूजा का शुभ मुहूर्त
Religion Spirituality June 26, 2026

You Might also Like

Shradh 2025 भगवान राम ने यहां किया पिता दशरथ का पिंडदान

June 26, 2026

Paush Amavasya 2025 नए साल की पहली अमावस्या शुभ मुहूर्त पूजा विधि

June 26, 2026

Krishna Janmashtami 2025 जन्माष्टमी पर पढ़ें श्रीकृष्ण की पावन कथा

June 26, 2026
MshbMshb

MSHB.in is your reliable source for the latest news in Government Schemes, Sarkari Yojana, Govt Jobs, Spirituality, lifestyle, and more.

Quick Link

  • MSHB.IN
  • About Us
  • Blogs
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms and Conditions
  • My Bookmarks
  • Contact Us

Category

  • Religion
  • Latest News
  • Sarkari Yojana

Recent Post

  • Hanuman Chalisa: हनुमान चालीसा पाठ का सही समय और विधि
  • राधा कृष्णा का युगल रूप हैं बांके बिहारी
  • Kheer Bhawani Temple: कश्मीर के चमत्कारी खीर भवानी मंदिर की परंपराएं
© 2025 MSHB. All Rights Reserved. | Website Designed By Dinox Tech
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?