होली 2025: विद्वत परिषद का निर्णय, होलिका दहन 6 मार्च और धुलेंडी 7 मार्च को
प्रिय पाठकों, होली का पावन पर्व न केवल रंगों का उत्सव है बल्कि यह धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक भी है। विद्वत परिषद द्वारा जारी निर्णय के अनुसार, वर्ष 2025 में होलिका दहन 6 मार्च और धुलेंडी 7 मार्च को मनाई जाएगी। आइए जानते हैं इस पवित्र उत्सव की गहराई और महत्व को…
होली का धार्मिक महत्व
शास्त्रों में होली को “होलिकोत्सव” कहा गया है। यह पर्व भक्त प्रह्लाद की कथा और होलिका के वध से जुड़ा हुआ है:
- भक्ति की विजय: प्रह्लाद के अटूट विष्णु भक्ति ने होलिका के अभिमान को नष्ट किया
- सत्य की जीत: अग्नि में भक्त की रक्षा और अधर्मी का विनाश
- वसंत का संदेश: नवजीवन और प्रकृति के उल्लास का प्रतीक
होलिका दहन 2025: तिथि एवं मुहूर्त
6 मार्च 2025, गुरुवार के दिन होलिका दहन मनाया जाएगा:
- पूर्णिमा तिथि: 06 मार्च सुबह 08:09 से 07 मार्च सुबह 10:36 तक
- होलिका दहन मुहूर्त: शाम 06:43 से 08:58 तक
- बंगार होली: सुबह 09:24 से 10:27 तक (अगले दिन)
धुलेंडी 2025: रंगों का महोत्सव
7 मार्च 2025, शुक्रवार को धुलेंडी मनाई जाएगी। इस दिन का विशेष महत्व है:
- राधा-कृष्ण की लीलाओं की स्मृति में गुलाल उड़ाना
- पारंपरिक रंग: केसरिया, हरा, पीला और गुलाबी रंगों का विशेष महत्व
- मिठाईयाँ: गुझिया, मालपुआ और ठंडाई का आनंद
होली पूजन विधि
होलिका दहन के समय इस विधि से पूजन करें:
- होलिका के पास गोबर से 3 या 7 गोले रखें
- चावल, फूल, गुलाल और नारियल चढ़ाएं
- प्रह्लाद-होलिका की कथा सुनें
- मंत्रोच्चारण: “अहकूटा भयत्रस्तैः कृता त्वं होलि बालिशैः। अतस्त्वां पूजयिष्यामि भूति-भूति प्रदायिनीम्॥”
सावधानियाँ एवं स्वास्थ्य संबंधी टिप्स
पवित्र उत्सव को सुरक्षित बनाने के लिए:
- प्राकृतिक रंगों का ही प्रयोग करें
- आँखों में रंग जाने पर तुरंत ठंडे पानी से धोएं
- मादक पदार्थों से दूर रहकर भक्ति भाव से होली मनाएं
होली की विशेष बातें
2025 की होली में ये बातें ध्यान रखें:
- 6 मार्च को फाल्गुन पूर्णिमा के साथ ही लक्ष्मी जयंती भी है
- धुलेंडी के दिन चैत्र नवरात्रि का प्रारंभ होगा
- इस वर्ष होली वसंत ऋतु के मध्य में पड़ रही है
निष्कर्ष
होली का पर्व हमें सिखाता है कि भक्ति और सत्य की सदैव विजय होती है। विद्वत परिषद के निर्णयानुसार 6-7 मार्च 2025 को मनाए जाने वाले इस पावन पर्व पर हम सब मिलकर प्रेम, भाईचारे और आस्था के रंग बिखेरें। होलिका दहन के पावन अवसर पर अधर्म का नाश और धर्म की स्थापना हो, यही प्रभु से प्रार्थना है।
होली की हार्दिक शुभकामनाएँ! 🙏
