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होली से पहले के आठ दिन अशुभ कोई शुभ काम नहीं होता

Published June 26, 2026
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3 Min Read

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Contents
होली से पहले के वह आठ दिन अशुभ, कोई शुभ काम नहीं होताकौन से होते हैं ये आठ अशुभ दिन?धार्मिक मान्यताएं और पौराणिक कथाज्योतिषीय दृष्टिकोणक्या करें और क्या न करें?विशेष अपवादहोली पर्व की तैयारी कैसे करें?निष्कर्ष

होली से पहले के वह आठ दिन अशुभ, कोई शुभ काम नहीं होता

होली का त्योहार रंगों, उल्लास और नई शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि होली से ठीक पहले के आठ दिनों को अशुभ मुहूर्त माना जाता है? इन दिनों में कोई भी शुभ कार्य करने की मनाही होती है। आइए, जानते हैं इस परंपरा के पीछे छिपे धार्मिक और ज्योतिषीय महत्व को।

कौन से होते हैं ये आठ अशुभ दिन?

होली से पहले के आठ दिनों को अष्टक अशुभ कहा जाता है। यह अवधि फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी से लेकर पूर्णिमा (होली) तक चलती है। इन दिनों में निम्नलिखित कार्य वर्जित माने गए हैं:

  • विवाह, मुंडन या नामकरण जैसे संस्कार
  • नया घर, वाहन या व्यापार शुरू करना
  • मांगलिक कार्यों की शुरुआत
  • शुभ यात्राएं

धार्मिक मान्यताएं और पौराणिक कथा

स्कन्द पुराण के अनुसार, इन दिनों में देवी पृथ्वी रजस्वला होती हैं, जिससे यह समय अशुद्ध माना जाता है। एक अन्य कथा के अनुसार, भगवान शिव ने इसी अवधि में कामदेव को भस्म किया था, इसलिए इसे अमांगलिक काल कहते हैं।

ज्योतिषीय दृष्टिकोण

ज्योतिष शास्त्र में इन दिनों को सूर्य-चंद्रमा की अशुभ युति का समय माना गया है:

  • फाल्गुन कृष्ण अष्टमी से पूर्णिमा तक चंद्रमा की स्थिति अशुभ होती है
  • सूर्य मीन राशि में प्रवेश करते हैं, जो परिवर्तन का संकेत देता है
  • इस अवधि में ग्रहों की चाल अशांति उत्पन्न करती है

क्या करें और क्या न करें?

वर्जित कार्य

  • शुभ संकल्प लेना
  • नए कपड़े या आभूषण धारण करना
  • महत्वपूर्ण निर्णय लेना

श्रेयस्कर कार्य

  • पूर्वजों का तर्पण व श्राद्ध
  • ध्यान और आत्मचिंतन
  • पुराने ऋण चुकाना या विवाद सुलझाना

विशेष अपवाद

कुछ विशेष परिस्थितियों में इन नियमों का पालन नहीं किया जाता:

  • अगर कोई नित्य कर्म या अनिवार्य कार्य हो
  • जन्मकुंडली में विशेष योग होने पर
  • गुरु या आचार्य का विशेष आदेश हो तो

होली पर्व की तैयारी कैसे करें?

इन आठ दिनों का सदुपयोग आप इस प्रकार कर सकते हैं:

  • घर की सफाई और शुद्धिकरण
  • पुराने कपड़ों व वस्तुओं का दान
  • होलिका दहन की लकड़ियाँ एकत्र करना

निष्कर्ष

हमारे शास्त्रों में प्रत्येक पर्व और मुहूर्त का गहन विज्ञान छिपा है। होली से पहले के ये आठ अशुभ दिन वास्तव में प्रकृति के संक्रमण काल का प्रतीक हैं। इस अवधि का सदुपयोग आत्मशुद्धि और पुराने कर्मों के निपटारे में करना चाहिए, ताकि होली के नए रंगों के साथ जीवन में नई सकारात्मक ऊर्जा का आगमन हो सके।

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