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छठ पूजा कैलेंडर 2025: संध्या अर्घ्य का महत्व और शुभ मुहूर्त
छठ महापर्व भारत के सबसे पवित्र और आस्था से परिपूर्ण त्योहारों में से एक है। यह पर्व सूर्य देव और छठी मैया की उपासना का अनूठा संगम है। 2025 में छठ पूजा का तीसरा दिन (संध्या अर्घ्य) 29 अक्टूबर को मनाया जाएगा। इस लेख में हम आपको पूजा विधि, मंत्रों का सही उच्चारण और शाम के अर्घ्य का शुभ समय बताएंगे।
छठ पूजा 2025: प्रमुख तिथियाँ
- नहाय-खाय: 27 अक्टूबर 2025
- खरना: 28 अक्टूबर 2025
- संध्या अर्घ्य: 29 अक्टूबर 2025
- उषा अर्घ्य: 30 अक्टूबर 2025
संध्या अर्घ्य का शुभ मुहूर्त
2025 में छठ पूजा के तीसरे दिन संध्या अर्घ्य का शुभ समय शाम 5:17 बजे से 5:43 बजे तक रहेगा। सूर्यास्त का समय 5:30 बजे होगा। अर्घ्य देते समय इस मंत्र का जाप करें:
ॐ सूर्याय नमः, ॐ छठी मैया नमः
संध्या अर्घ्य की तैयारी
- स्नान के बाद साफ लाल या पीले वस्त्र धारण करें
- बांस की टोकरी में पूजा सामग्री सजाएं
- गन्ने के खंभे से छत्र बनाएं
- सूप में फल, ठेकुआ और मिठाई रखें
संध्या अर्घ्य पूजा विधि
प्रथम चरण: घाट पर पूजा
पहले जल में खड़े होकर गंगा माता का आवाहन करें। फिर इस मंत्र से सूर्य देव को जल अर्पित करें:
“आदित्याय विद्महे दिवाकराय धीमहि, तन्नः सूर्यः प्रचोदयात्”
द्वितीय चरण: अर्घ्य देना
- पानी में दूध मिलाकर अर्घ्य दें
- डूबते सूर्य को तीन बार परिक्रमा करें
- छठी मैया के लिए प्रसाद अर्पित करें
छठ पूजा का आध्यात्मिक महत्व
यह पर्व प्रकृति पूजन और वैज्ञानिक दृष्टिकोण का अद्भुत संयोग है। सूर्य की किरणें इस समय विटामिन डी का सर्वोत्तम स्रोत होती हैं। छठ व्रत रखने से शरीर की डिटॉक्सिफिकेशन प्रक्रिया सफल होती है।
विशेष सावधानियाँ
- पूजा सामग्री में किसी प्रकार की कमी न रखें
- मिट्टी के चूल्हे का ही प्रयोग करें
- पूजा के समय मौन रहने का प्रयास करें
छठ गीतों की महिमा
संध्या अर्घ्य के समय पारंपरिक छठ गीत गाने की परंपरा है। ये गीत भक्ति और लोक संस्कृति का अनूठा मिश्रण हैं:
“केलवा जे फरेला घवद से, ओह पर सुगा मंडराय…”
निष्कर्ष
छठ महापर्व हमें प्रकृति के साथ सामंजस्य बनाकर रहने की प्रेरणा देता है। 2025 में संध्या अर्घ्य का यह पावन अवसर हम सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लेकर आए। छठी मैया की कृपा से हर परिवार को मंगलमय जीवन प्राप्त हो, यही हमारी कामना है।
सूर्य देव और छठी मैया सबकी मनोकामनाएं पूर्ण करें!
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