रमज़ान 2025: 07 अप्रैल को सहरी और इफ्तार का समय
रमज़ान का पवित्र महीना मुसलमानों के लिए आत्मशुद्धि, इबादत और सब्र का समय होता है। यह वह पाक महीना है जब अल्लाह की रहमतें बरसती हैं और हर नेकी का सवाब 70 गुना बढ़ जाता है। 07 अप्रैल 2025 को रमज़ान का पहला रोज़ा होने की संभावना है, इसलिए हम आपके लिए इस दिन के सहरी और इफ्तार के सटीक समय के साथ-साथ ज़रूरी दुआओं और आदाब की जानकारी लेकर आए हैं।
इस लेख में आप जानेंगे:
- 07 अप्रैल 2025 को सहरी और इफ्तार का समय (शहरवार)
- रोज़े की नियत और दुआ का महत्व
- सहरी खाने के सुन्नत तरीके
- इफ्तार करने की फ़ज़ीलत भरी परंपराएं
- रमज़ान के पहले रोज़े की खास अहमियत
07 अप्रैल 2025 को सहरी और इफ्तार का समय (शहरवार)
नीचे दिए गए टेबल में भारत के प्रमुख शहरों के लिए सुबह-ए-सादिक (सहरी का अंतिम समय) और मग़रिब की अज़ान (इफ्तार का समय) दिया गया है:
दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब
- सहरी का अंतिम समय: 04:45 AM
- इफ्तार का समय: 06:38 PM
मुंबई, महाराष्ट्र, गोवा
- सहरी का अंतिम समय: 05:12 AM
- इफ्तार का समय: 06:58 PM
बेंगलुरु, चेन्नई, हैदराबाद
- सहरी का अंतिम समय: 04:58 AM
- इफ्तार का समय: 06:32 PM
कोलकाता, पश्चिम बंगाल
- सहरी का अंतिम समय: 04:18 AM
- इफ्तार का समय: 06:05 PM
रोज़े की नियत और दुआ
रोज़े की शुरुआत नियत से होती है। सहरी खाते समय यह दुआ पढ़ें:
وَبِصَوْمِ غَدٍ نَّوَيْتُ مِنْ شَهْرِ رَمَضَانَ
“व बिसौमि ग़दिन नवैतु मिन शहरि रमज़ान”
(मैंने रमज़ान के कल के रोज़े की नियत की)
सहरी के समय की सुन्नतें
- सहरी देर से खाएं (अज़ान से कुछ मिनट पहले तक)
- खजूर या पानी से इफ्तार करने का इंतज़ार करें
- सहरी में पौष्टिक आहार लें (दही, फल, ओट्स आदि)
इफ्तार की फ़ज़ीलत और आदाब
पैग़म्बर मोहम्मद (स.अ.व.) ने फरमाया: “जो शख्स रोज़ेदार को इफ्तार कराए, उसे भी उतना ही सवाब मिलेगा” (तिर्मिज़ी)। इफ्तार के समय यह दुआ पढ़ें:
اللَّهُمَّ لَكَ صُمْتُ وَعَلَى رِزْقِكَ أَفْطَرْتُ
“अल्लाहुम्मा लका सुमतु व अला रिज़्किका अफ्तरतु”
(ऐ अल्लाह! मैंने तेरे लिए रोज़ा रखा और तेरे दिए हुए रिज़्क से इफ्तार किया)
इफ्तार के सुन्नत तरीके
- खजूर या पानी से इफ्तार शुरू करें
- जल्दी इफ्तार करना सुन्नत है (सूरज डूबते ही)
- इफ्तार के बाद यह दुआ पढ़ें: “ज़हबज़्ज़मा वबतल्लतिल उरूक़ व सबतल अज्र इंशा अल्लाह”
रमज़ान के पहले रोज़े की खास अहमियत
07 अप्रैल 2025 को पड़ने वाला पहला रोज़ा इसलिए खास है क्योंकि:
- यह तकवा (ईश-भय) की शुरुआत का प्रतीक है
- पूरे महीने के रोज़ों का संकल्प इसी दिन से बनता है
- पहले रोज़े की दुआओं को अल्लाह खास तौर पर क़बूल करता है
समापन
रमज़ान 2025 का पहला रोज़ा 07 अप्रैल को पड़ने की उम्मीद है। हमने आपके लिए प्रमुख शहरों के सहरी और इफ्तार के समय, ज़रूरी दुआओं और इस्लाही तरीकों को विस्तार से बताया है। याद रखें, रोज़ा सिर्फ भूखा-प्यासा रहना नहीं बल्कि अपने अमल, आचरण और नीयत को सुधारने का पाक महीना है। अल्लाह हम सबको इस रमज़ान की बरकतों से भरपूर हिस्सा दें। आमीन!
