MSHBMSHBMSHB
  • MSHB.IN
  • Latest News
  • Sarkari Yojana
Reading: Navratri Day 3 Chandraghanta Devi Puja Ka Rahasya
Share
Notification Show More
MSHBMSHB
  • MSHB.IN
  • Latest News
  • Sarkari Yojana
© 2024 MSHB.in. All Rights Reserved.

Navratri Day 3 Chandraghanta Devi Puja Ka Rahasya

नवरात्र के तीसरे दिन चन्द्रघंटा देवी की पूजा का रहस्य जानें - इस दिन की विशेष महिमा, पूजा विधि और आशीर्वाद पाने के लिए जरूरी मंत्र व उपाय।

Published July 2, 2026
Share
5 Min Read

नवरात्र के तीसरे दिन चन्द्रघंटा देवी की पूजा का ये है रहस्य

नवरात्रि का तीसरा दिन माँ दुर्गा के तीसरे स्वरूप चन्द्रघंटा देवी को समर्पित है। इस दिन भक्तगण माँ के इस रूप की विधिवत पूजा-अर्चना करते हैं। चन्द्रघंटा देवी का नाम सुनते ही मन में एक दिव्य छवि उभरती है – माँ के मस्तक पर अर्धचन्द्राकार घंटा सुशोभित है, जो उनके नाम का रहस्य भी है। आइए जानते हैं इस दिव्य स्वरूप की पूजा का महत्व, विधि और गूढ़ रहस्य।

Contents
नवरात्र के तीसरे दिन चन्द्रघंटा देवी की पूजा का ये है रहस्यचन्द्रघंटा देवी का स्वरूप और महत्वचन्द्रघंटा देवी पूजा विधिचन्द्रघंटा देवी की कथा और रहस्यचन्द्रघंटा देवी के मंत्र और उनका महत्वनवरात्रि के तीसरे दिन का विशेष महत्वचन्द्रघंटा देवी की आरतीनिष्कर्ष

चन्द्रघंटा देवी का स्वरूप और महत्व

माँ चन्द्रघंटा का स्वरूप अत्यंत ही मनोहर और तेजस्वी है। इनके दस हाथ हैं जिनमें वे विभिन्न अस्त्र-शस्त्र धारण करती हैं। इनके मस्तक पर अर्धचन्द्र के आकार का घंटा होने के कारण ही इन्हें चन्द्रघंटा कहा जाता है। यह घंटा दैवीय ध्वनि का प्रतीक है जो भक्तों के मन से भय और नकारात्मकता को दूर करता है।

  • माँ का यह रूप शांति, साहस और आध्यात्मिक ऊर्जा का प्रतीक है।
  • इनकी पूजा से मनुष्य के भीतर दिव्य शक्ति का संचार होता है।
  • माँ चन्द्रघंटा की कृपा से भक्तों को कठिनाइयों से मुक्ति मिलती है।

चन्द्रघंटा देवी पूजा विधि

नवरात्रि के तीसरे दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि से निवृत्त होकर पूजा स्थल को स्वच्छ करें। लाल रंग के फूल और वस्त्रों से माँ का श्रृंगार करें। निम्नलिखित विधि से पूजा संपन्न करें:

  • सर्वप्रथम माँ चन्द्रघंटा का ध्यान करें: “ॐ देवी चन्द्रघण्टायै नमः”
  • लाल चंदन, अक्षत, पुष्प और धूप-दीप से माँ की आरती उतारें।
  • माँ को मालपुए का भोग लगाएं – यह इनका प्रिय प्रसाद माना जाता है।
  • चन्द्रघंटा देवी के मंत्र का जाप करें: “ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चन्द्रघण्टायै नमः”

चन्द्रघंटा देवी की कथा और रहस्य

पौराणिक कथाओं के अनुसार, जब देवी ने चन्द्रघंटा का रूप धारण किया तो उनके मस्तक के घंटे की ध्वनि से समस्त दानव भयभीत हो गए। यह ध्वनि संसार को यह संदेश देती है कि सत्य और धर्म की ध्वनि हमेशा अधर्म पर विजय प्राप्त करती है।

माँ के इस स्वरूप का गूढ़ रहस्य यह है कि:

  • मस्तक का अर्धचन्द्र मन की चंचलता पर नियंत्रण का प्रतीक है
  • घंटे की ध्वनि आंतरिक जागृति का संकेत देती है
  • दस हाथों में अस्त्र-शस्त्र दस दिशाओं में व्याप्त माँ की शक्ति को दर्शाते हैं

चन्द्रघंटा देवी के मंत्र और उनका महत्व

माँ चन्द्रघंटा के मंत्रों का जाप करने से भक्तों को विशेष लाभ प्राप्त होता है। यहाँ कुछ प्रमुख मंत्र दिए जा रहे हैं:

  • मूल मंत्र: “ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चन्द्रघण्टायै नमः”
  • ध्यान मंत्र: “पिण्डज प्रवरारूढ़ा चण्डकोपास्त्रकैर्युता। प्रसादं तनुते मह्यं चन्द्रघण्टेति विश्रुता॥”
  • स्तुति मंत्र: “या देवी सर्वभूतेषु माँ चन्द्रघंटा रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥”

नवरात्रि के तीसरे दिन का विशेष महत्व

नवरात्रि का तीसरा दिन मनुष्य के मणिपुर चक्र (नाभि केंद्र) को जागृत करने का दिन माना जाता है। इस दिन माँ चन्द्रघंटा की पूजा करने से:

  • मन की नकारात्मकता दूर होती है
  • आत्मविश्वास और साहस में वृद्धि होती है
  • कुंडलिनी शक्ति का जागरण होता है
  • सांसारिक बाधाएं दूर होती हैं

चन्द्रघंटा देवी की आरती

पूजा के अंत में माँ चन्द्रघंटा की आरती गाकर उनका गुणगान करें:

“जय चन्द्रघंटा माता, तेरा नाम सुन हर जाता भक्तों के दुख दर्द
तेरे चरणों में सारा जग रखता मनवांछित फल पावे, जो तेरी शरण आता॥”

निष्कर्ष

नवरात्रि के तीसरे दिन माँ चन्द्रघंटा की पूजा करने से भक्त को आंतरिक शक्ति और दिव्य ऊर्जा की प्राप्ति होती है। माँ का यह स्वरूप हमें सिखाता है कि जीवन के संघर्षों में धैर्य और साहस से काम लेना चाहिए। मस्तक पर विराजमान अर्धचन्द्राकार घंटा यह संदेश देता है कि हमारे विचार और कर्म हमेशा शुद्ध और नियंत्रित होने चाहिए। माँ चन्द्रघंटा की कृपा से भक्त के जीवन में आनंद, शांति और समृद्धि का वास होता है।

You Might Also Like

हनुमानजी गुस्से में क्यों हैं तस्वीर बनाने वाला कौन

केदारनाथ दर्शन का फल इनके दर्शन से भी मिलता है

श्रावणी पर्व: धरती पर जीवन जागा

मौत की आहट सुन सकते हैं छह महीने पहले करें यह उपाय

Moon Black Spot: चंद्रमा को क्यों और किसने दिया श्राप दाग का रहस्य?

Share

Latest News

Hanuman Chalisa: हनुमान चालीसा पाठ का सही समय और विधि
Religion Spirituality July 2, 2026
राधा कृष्णा का युगल रूप हैं बांके बिहारी
Religion Spirituality July 2, 2026
Kheer Bhawani Temple: कश्मीर के चमत्कारी खीर भवानी मंदिर की परंपराएं
Religion Spirituality July 2, 2026
Durga Puja 2025 आज से शुरू जानें कल्पारंभ पूजा का शुभ मुहूर्त
Religion Spirituality July 2, 2026

You Might also Like

शिव और कृष्ण में छिड़ा संग्राम Shiv Krishna Yudh

July 2, 2026

गणेश पूजा और उत्सव की खास बातें जानिए

July 2, 2026

जनेऊ दाएं कान पर ही क्यों लपेटते हैं? Why is Janeu worn on the right ear?

July 2, 2026
MshbMshb

MSHB.in is your reliable source for the latest news in Government Schemes, Sarkari Yojana, Govt Jobs, Spirituality, lifestyle, and more.

Quick Link

  • MSHB.IN
  • About Us
  • Blogs
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms and Conditions
  • My Bookmarks
  • Contact Us

Category

  • Religion
  • Latest News
  • Sarkari Yojana

Recent Post

  • Hanuman Chalisa: हनुमान चालीसा पाठ का सही समय और विधि
  • राधा कृष्णा का युगल रूप हैं बांके बिहारी
  • Kheer Bhawani Temple: कश्मीर के चमत्कारी खीर भवानी मंदिर की परंपराएं
© 2025 MSHB. All Rights Reserved. | Website Designed By Dinox Tech
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?