MSHBMSHBMSHB
  • MSHB.IN
  • Latest News
  • Sarkari Yojana
Reading: Hariyali Amavasya 2025 हरियाली अमावस्या पूजा विधि और महत्व
Share
Notification Show More
MSHBMSHB
  • MSHB.IN
  • Latest News
  • Sarkari Yojana
© 2024 MSHB.in. All Rights Reserved.

Hariyali Amavasya 2025 हरियाली अमावस्या पूजा विधि और महत्व

हरियाली अमावस्या 2025 के शुभ मुहूर्त में पूजा विधि, महत्व और आराधना का सही तरीका जानें। इस पावन दिन पर शुभ फल पाने के लिए पूर्ण जानकारी प्राप्त करें।

Published July 2, 2026
Share
5 Min Read

हरियाली अमावस्या 2025: प्रकृति और आध्यात्म का पावन संगम

हिन्दू पंचांग में हरियाली अमावस्या का विशेष महत्व है। यह दिन वर्षा ऋतु की हरियाली और आध्यात्मिक शुद्धि का प्रतीक माना जाता है। 2025 में यह पर्व 26 जुलाई, शनिवार को मनाया जाएगा। इस लेख में हम आपको बताएंगे इस दिन की पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और गहन आध्यात्मिक महत्व।

Contents
हरियाली अमावस्या 2025: प्रकृति और आध्यात्म का पावन संगमहरियाली अमावस्या का महत्वपौराणिक आधारहरियाली अमावस्या 2025 का शुभ मुहूर्तपूजा विधि: स्टेप बाय स्टेप गाइडपूर्व तैयारीमुख्य पूजा विधानविशेष अनुष्ठानहरियाली अमावस्या की विशेष कथावैज्ञानिक दृष्टिकोणक्या करें और क्या न करेंक्या करेंक्या न करेंहरियाली अमावस्या का आध्यात्मिक संदेशनिष्कर्ष

हरियाली अमावस्या का महत्व

श्रावण मास की अमावस्या को “हरियाली अमावस्या” कहा जाता है। इस समय प्रकृति हरी-भरी होती है और वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

पौराणिक आधार

  • मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव ने समुद्र मंथन से निकले विष का पान किया था
  • वृक्षों की पूजा का विशेष महत्व – पीपल, तुलसी और बरगद को देवतुल्य माना गया है
  • पितृदोष शांति के लिए उत्तम समय – पितरों को तर्पण देने की परंपरा

हरियाली अमावस्या 2025 का शुभ मुहूर्त

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस वर्ष हरियाली अमावस्या के दिन पूजा के लिए निम्न समय उत्तम रहेगा:

  • अमावस्या तिथि प्रारंभ: 25 जुलाई 2025 रात 09:02 बजे
  • अमावस्या तिथि समाप्त: 26 जुलाई 2025 रात 11:04 बजे
  • सर्वोत्तम पूजा काल: 26 जुलाई प्रातः 05:30 से 08:30 तक
  • तर्पण मुहूर्त: सूर्योदय के बाद का प्रथम प्रहर

पूजा विधि: स्टेप बाय स्टेप गाइड

पूर्व तैयारी

  • सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें
  • पूजा स्थल को गंगाजल से शुद्ध करें
  • तुलसी/पीपल के पेड़ के नीचे पूजा की व्यवस्था करें

मुख्य पूजा विधान

  • सर्वप्रथम गणेश जी और माता पार्वती का आवाहन करें
  • पेड़ के मूल में जल, फूल, अक्षत, रोली चढ़ाएं
  • इस मंत्र का उच्चारण करें: “ॐ वृक्षाय नमः, धरित्री माते नमो नमः”
  • पेड़ के चारों ओर कलावा लपेटकर रक्षा सूत्र बांधें
  • नैवेद्य में गुड़-चना या फल अर्पित करें

विशेष अनुष्ठान

  • दीपदान: शाम को तुलसी के पास दीप जलाएं
  • व्रत कथा: हरियाली अमावस्या से जुड़ी कथा का पाठ करें
  • दान: हरे वस्त्र, हरी सब्जियां या घड़ा दान करें

हरियाली अमावस्या की विशेष कथा

पुराणों में वर्णित है कि एक बार माता पार्वती ने भगवान शिव से पूछा: “हे प्रभु, वृक्षों की पूजा क्यों करनी चाहिए?” तब शिवजी ने बताया कि वृक्षों में सभी देवताओं का वास होता है। पीपल में विष्णु, बरगद में ब्रह्मा और तुलसी में लक्ष्मी जी निवास करती हैं। इसलिए इनकी पूजा से तीनों लोकों के देव प्रसन्न होते हैं।

वैज्ञानिक दृष्टिकोण

आधुनिक विज्ञान भी इस परंपरा की महत्ता स्वीकार करता है:

  • वृक्षों को जल देने से पर्यावरण संतुलन बढ़ता है
  • सुबह के समय पेड़ों के पास प्राणायाम करने से शुद्ध ऑक्सीजन मिलती है
  • पेड़-पौधों से निकलने वाली सकारात्मक ऊर्जा मानसिक शांति देती है

क्या करें और क्या न करें

क्या करें

  • पीपल के पेड़ पर जल चढ़ाएं और 108 परिक्रमा करें
  • ब्राह्मणों को हरा अनाज, सब्जियां या वस्त्र दान दें
  • मंदिर में हरि रंग के फूल अर्पित करें

क्या न करें

  • किसी भी पेड़ की पत्तियां न तोड़ें
  • इस दिन मांस-मदिरा का सेवन वर्जित है
  • क्रोध या नकारात्मक विचार न लाएं

हरियाली अमावस्या का आध्यात्मिक संदेश

यह पर्व हमें प्रकृति के साथ सामंजस्य बनाकर जीने की प्रेरणा देता है। जिस प्रकार वृक्ष बिना किसी भेदभाव के छाया और फल देते हैं, उसी प्रकार मनुष्य को भी निस्वार्थ भाव से जीवन जीना चाहिए। हरियाली अमावस्या का यही मूल संदेश है – “जियो और जीने दो”।

निष्कर्ष

हरियाली अमावस्या का पावन पर्व हमें प्रकृति और आध्यात्म के बीच के गहरे संबंध का स्मरण कराता है। 26 जुलाई 2025 को इस शुभ दिन पर वृक्ष पूजन और दान-पुण्य करके हम न सिर्फ अपना कल्याण सुनिश्चित कर सकते हैं, बल्कि धरती माता को हरा-भरा रखने में भी योगदान दे सकते हैं। आइए, इस हरियाली अमावस्या पर प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का संकल्प लें।

You Might Also Like

Religion: अध्यात्म के बिना मानव जीवन अधूरा

Navratri Day 3 Chandraghanta Devi Puja Ka Rahasya

Jai Dev Jai Dev Jai Mangal Murti Lyrics जयदेव जयदेव जय मंगलमूर्ति

Ganga Saptami 2025 मां गंगा स्तोत्रम पाठ से पाप मुक्ति

Shabari Jayanti 2025: शबरी ने पशु बलि के खिलाफ बड़ा कदम उठाया

Share

Latest News

Hanuman Chalisa: हनुमान चालीसा पाठ का सही समय और विधि
Religion Spirituality July 2, 2026
राधा कृष्णा का युगल रूप हैं बांके बिहारी
Religion Spirituality July 2, 2026
Kheer Bhawani Temple: कश्मीर के चमत्कारी खीर भवानी मंदिर की परंपराएं
Religion Spirituality July 2, 2026
Durga Puja 2025 आज से शुरू जानें कल्पारंभ पूजा का शुभ मुहूर्त
Religion Spirituality July 2, 2026

You Might also Like

हनुमानजी गुस्से में क्यों हैं तस्वीर बनाने वाला कौन

July 2, 2026

केदारनाथ दर्शन का फल इनके दर्शन से भी मिलता है

July 2, 2026

श्रावणी पर्व: धरती पर जीवन जागा

July 2, 2026
MshbMshb

MSHB.in is your reliable source for the latest news in Government Schemes, Sarkari Yojana, Govt Jobs, Spirituality, lifestyle, and more.

Quick Link

  • MSHB.IN
  • About Us
  • Blogs
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms and Conditions
  • My Bookmarks
  • Contact Us

Category

  • Religion
  • Latest News
  • Sarkari Yojana

Recent Post

  • Hanuman Chalisa: हनुमान चालीसा पाठ का सही समय और विधि
  • राधा कृष्णा का युगल रूप हैं बांके बिहारी
  • Kheer Bhawani Temple: कश्मीर के चमत्कारी खीर भवानी मंदिर की परंपराएं
© 2025 MSHB. All Rights Reserved. | Website Designed By Dinox Tech HTML sitemap
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?