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सावन माह 2025: इस साल रहेगा 2 महीने का सावन, जानिए तिथि, दुर्लभ संयोग और महत्व
हिंदू धर्म में सावन माह का विशेष आध्यात्मिक और धार्मिक महत्व है। यह महीना भगवान शिव की भक्ति, व्रत-उपवास और प्रकृति की हरियाली से जुड़ा होता है। साल 2025 में सावन का यह पवित्र महीना और भी खास होने वाला है, क्योंकि इस बार दो महीने तक सावन रहेगा। आइए जानते हैं इस दुर्लभ संयोग, तिथियों और सावन के महत्व के बारे में विस्तार से।
सावन माह 2025: तिथि और कैलेंडर
सन 2025 में सावन माह 13 जुलाई से शुरू होकर 10 सितंबर तक रहेगा। यह अद्भुत संयोग मलमास (अधिकमास) के कारण बन रहा है, जिसमें एक ही चंद्र माह दो बार आता है।
- पहला सावन: 13 जुलाई 2025 से 11 अगस्त 2025
- दूसरा सावन (मलमास): 12 अगस्त 2025 से 10 सितंबर 2025
सोमवार व्रत की तिथियाँ
सावन के सोमवार व्रत इस प्रकार होंगे:
- 14 जुलाई 2025 (पहला सोमवार)
- 21 जुलाई 2025
- 28 जुलाई 2025
- 4 अगस्त 2025
- 18 अगस्त 2025 (मलमास सावन)
- 25 अगस्त 2025
- 1 सितंबर 2025
- 8 सितंबर 2025 (अंतिम सोमवार)
सावन 2025 का दुर्लभ संयोग
इस वर्ष सावन का महीना इसलिए विशेष है क्योंकि यह मलमास के साथ पड़ रहा है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, हर 3 साल में एक बार मलमास आता है, जिसमें एक अतिरिक्त महीना जुड़ जाता है। इस वर्ष यह संयोग सावन माह में बन रहा है, जो भक्तों के लिए दुर्लभ आशीर्वाद समान है।
मलमास सावन का महत्व
मलमास को पुरुषोत्तम मास भी कहा जाता है। इस दौरान किए गए धार्मिक कार्यों का अनंत फल मिलता है। सावन के साथ मलमास का संयोग होने से:
- शिव आराधना का पुण्य दोगुना हो जाता है
- व्रत-उपवास से मनोकामनाएं शीघ्र पूर्ण होती हैं
- गंगा स्नान और दान का विशेष महत्व है
सावन माह का धार्मिक महत्व
सावन को भगवान शंकर का प्रिय माह माना जाता है। पुराणों के अनुसार, इसी महीने में समुद्र मंथन हुआ था और विषपान करने वाले शिव को नीलकंठ कहा गया।
शिव भक्ति के विशेष लाभ
- जलाभिषेक: बेलपत्र, दूध और गंगाजल से शिवलिंग का अभिषेक
- रुद्राभिषेक: विशेष मुहूर्त में रुद्राक्ष की माला से जाप
- सावन सोमवार व्रत: 16 सोमवार व्रत का संपूर्ण फल एक सावन में
सावन 2025 में करने योग्य विशेष पूजा
1. कांवर यात्रा
सावन में कांवरिया गंगाजल लेकर पैदल यात्रा करते हैं और शिवलिंग पर जल चढ़ाते हैं। 2025 में यह यात्रा दो बार करने का अवसर मिलेगा।
2. शिव चालीसा पाठ
प्रतिदिन शिव चालीसा का पाठ करने से जीवन के सभी संकट दूर होते हैं। मलमास में इसका पाठ विशेष फलदायी होगा।
3. महामृत्युंजय मंत्र जाप
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥
इस मंत्र के 108 जाप से आयु और स्वास्थ्य लाभ मिलता है।
सावन के त्योहार और व्रत
- हरियाली तीज: 10 अगस्त 2025 (पहला सावन)
- नाग पंचमी: 28 जुलाई 2025
- रक्षा बंधन: 3 अगस्त 2025
- कृष्ण जन्माष्टमी: 26 अगस्त 2025 (मलमास सावन)
सावन माह में इन बातों का रखें ध्यान
- सावन में पत्तेदार सब्जियां न खाएं
- मांस-मदिरा का सेवन वर्जित है
- प्रतिदिन शिव आरती अवश्य करें
- व्रत में सेंधा नमक का ही प्रयोग करें
निष्कर्ष
सावन माह 2025 भक्तों के लिए वरदान से कम नहीं होगा। दो महीने तक चलने वाले इस पावन माह में भगवान शिव की कृपा पाने का यह अद्वितीय अवसर है। मलमास के संयोग से सभी धार्मिक कार्यों का फल कई गुना बढ़ जाएगा। आइए, इस सावन को श्रद्धा और समर्पण से मनाएं और जीवन में शिव कृपा प्राप्त करें।
हर हर महादेव!
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