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Vinayak Chaturthi 2025: मार्गशीर्ष विनायक चतुर्थी तिथि शुभ मुहूर्त

मार्गशीर्ष माह की विनायक चतुर्थी 2025 की तिथि, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि जानें। इस लेख में पढ़ें गणेश जी की विशेष पूजा का सही समय और महत्व।

Published July 2, 2026
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5 Min Read

विनायक चतुर्थी 2025: मार्गशीर्ष माह की पवित्र तिथि और शुभ मुहूर्त

हिंदू धर्म में विनायक चतुर्थी का विशेष महत्व है। यह व्रत भगवान गणेश की आराधना के लिए समर्पित है, जिन्हें विघ्नहर्ता और मंगलमूर्ति कहा जाता है। मार्गशीर्ष माह में आने वाली विनायक चतुर्थी का अपना ही एक अलग आध्यात्मिक महत्व है। आइए जानते हैं कि 2025 में मार्गशीर्ष गणेश चतुर्थी कब है, इसकी तिथि, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि के बारे में विस्तार से।

Contents
विनायक चतुर्थी 2025: मार्गशीर्ष माह की पवित्र तिथि और शुभ मुहूर्तमार्गशीर्ष विनायक चतुर्थी 2025 की तिथि और समयमार्गशीर्ष मास में विनायक चतुर्थी का महत्वक्यों विशेष है मार्गशीर्ष गणेश चतुर्थी?विनायक चतुर्थी 2025 का शुभ मुहूर्तपूजा विधि और विधानविनायक चतुर्थी व्रत कथाव्रत के नियम और सावधानियांमार्गशीर्ष विनायक चतुर्थी के विशेष लाभकैसे करें व्रत का पारण?निष्कर्ष

मार्गशीर्ष विनायक चतुर्थी 2025 की तिथि और समय

  • तिथि: 24 दिसंबर 2025, बुधवार
  • चतुर्थी प्रारंभ: 23 दिसंबर 2025 को रात 09:32 बजे
  • चतुर्थी समाप्त: 24 दिसंबर 2025 को रात 10:13 बजे

ध्यान रखें कि उदया तिथि के अनुसार 24 दिसंबर को ही चतुर्थी मानी जाएगी, क्योंकि सूर्योदय के समय यह तिथि प्रभावी होगी।

मार्गशीर्ष मास में विनायक चतुर्थी का महत्व

मार्गशीर्ष हिंदू पंचांग का नौवां महीना होता है, जिसे अगहन मास भी कहा जाता है। इस माह में की जाने वाली गणेश पूजा विशेष फलदायी मानी जाती है। शास्त्रों के अनुसार, इस दिन व्रत रखने और गणपति की आराधना करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं तथा जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होता है।

क्यों विशेष है मार्गशीर्ष गणेश चतुर्थी?

  • इस माह में भगवान कृष्ण ने गीता का उपदेश दिया था, जिससे इसकी पवित्रता और बढ़ जाती है।
  • मार्गशीर्ष मास में स्नान-दान का विशेष महत्व है, ऐसे में गणेश पूजा करने से पुण्य की प्राप्ति होती है।
  • इस समय वातावरण में सात्विकता बनी रहती है, जिससे आध्यात्मिक लाभ अधिक मिलता है।

विनायक चतुर्थी 2025 का शुभ मुहूर्त

व्रत और पूजा के लिए चतुर्थी तिथि के साथ-साथ शुभ मुहूर्त का भी ध्यान रखना आवश्यक है। नीचे दिए गए समय में पूजा करने से अधिकतम लाभ प्राप्त होगा:

  • सुबह का शुभ मुहूर्त: 06:14 AM से 10:32 AM
  • मध्याह्न का शुभ मुहूर्त: 12:15 PM से 02:45 PM
  • चतुर्थी तिथि का सर्वोत्तम समय: सुबह 05:30 AM से 08:00 AM

नोट: स्थानीय पंचांग के अनुसार समय में थोड़ा अंतर हो सकता है। अपने नजदीकी ज्योतिषी से सलाह लें।

पूजा विधि और विधान

मार्गशीर्ष मास की विनायक चतुर्थी पर इस विधि से पूजा करें:

  • सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
  • लाल या पीले रंग का आसन बिछाकर गणेश जी की मूर्ति या चित्र स्थापित करें।
  • संकल्प लेते हुए व्रत का पालन करें।
  • गणेश जी को दुर्वा, मोदक और लड्डू का भोग लगाएं।
  • नीचे दिए मंत्र का 108 बार जप करें:

मंत्र:
“ॐ गं गणपतये नमः”
या
“वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ।
निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥”

विनायक चतुर्थी व्रत कथा

पौराणिक कथा के अनुसार, माता पार्वती ने गणेश जी को अपने उबटन से बनाया था और उन्हें अपना द्वारपाल नियुक्त किया। जब भगवान शिव आए तो गणेश जी ने उन्हें रोक दिया। इस पर क्रोधित होकर शिव जी ने उनका सिर काट दिया। बाद में, एक हाथी के बच्चे का सिर लगाकर गणेश जी को पुनर्जीवित किया गया और उन्हें प्रथम पूज्य का वरदान मिला। यही कारण है कि किसी भी शुभ कार्य से पहले गणेश जी की पूजा की जाती है।

व्रत के नियम और सावधानियां

  • इस दिन पूर्ण ब्रह्मचर्य का पालन करें।
  • चावल और नमक का सेवन न करें (निर्जला व्रत नहीं है)।
  • क्रोध, झूठ और नकारात्मक विचारों से बचें।
  • रात में भगवान चंद्रमा को अर्घ्य दें (चांद देखने से बचें यदि चतुर्थी दिखे)।

मार्गशीर्ष विनायक चतुर्थी के विशेष लाभ

इस दिन विधि-विधान से पूजा करने पर भक्तों को यह लाभ प्राप्त होते हैं:

  • कर्ज से मुक्ति मिलती है और आर्थिक स्थिति सुधरती है।
  • विद्या और बुद्धि का वरदान प्राप्त होता है।
  • विवाह में आ रही बाधाएं दूर होती हैं।
  • नौकरी और व्यवसाय में प्रगति के योग बनते हैं।

कैसे करें व्रत का पारण?

अगले दिन सुबह स्नान आदि से निवृत्त होकर ब्राह्मण को भोजन करवाएं या गरीबों को दान दें। इसके बाद ही स्वयं भोजन ग्रहण करें। पारण के समय चन्द्र दर्शन न करें।

निष्कर्ष

मार्गशीर्ष मास की विनायक चतुर्थी भक्तों के लिए विशेष फलदायी है। 24 दिसंबर 2025 को इस पावन तिथि पर गणपति बप्पा की भक्ति पूरे विधि-विधान से करें। शुभ मुहूर्त में पूजा करने से जीवन के सभी संकट दूर होते हैं और सुख-शांति की प्राप्ति होती है। यह व्रत साधक को आध्यात्मिक और भौतिक दोनों ही लाभ प्रदान करता है।

आप सभी को विनायक चतुर्थी 2025 की हार्दिक शुभकामनाएं! मंगलमूर्ति गणेश आपके जीवन से सभी विघ्नों को दूर करें और आपको सुख-समृद्धि प्रदान करें।

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