Kharmas: इस दिन खरमास होगा समाप्त, मांगलिक कार्य फिर होंगे शुरू
हिंदू धर्म में खरमास का विशेष महत्व है। यह वह समय होता है जब सूर्य देव धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करते हैं और इस अवधि में मांगलिक कार्य वर्जित माने जाते हैं। लेकिन जनवरी में खरमास समाप्त होने के साथ ही शुभ कार्यों की शुरुआत हो जाएगी। आइए, जानते हैं कि खरमास कब समाप्त होगा और इससे जुड़ी सभी महत्वपूर्ण जानकारियां।
खरमास क्या है?
खरमास को मलमास या पुरुषोत्तम मास भी कहा जाता है। यह अवधि सूर्य के धनु राशि में होने के दौरान होती है, जिसे अशुभ माना जाता है। इस दौरान निम्नलिखित कार्य नहीं किए जाते:
- विवाह, मुंडन, यज्ञोपवीत जैसे संस्कार
- नए घर या व्यवसाय का प्रवेश
- बड़े निवेश या शुभ यात्राएं
मान्यता है कि इस समय किए गए मांगलिक कार्यों में बाधाएं आती हैं, इसलिए लोग इन्हें टाल देते हैं।
खरमास 2024: समाप्ति तिथि और शुभ मुहूर्त
इस वर्ष खरमास 16 दिसंबर 2023 से शुरू हुआ था और यह 14 जनवरी 2024 को समाप्त होगा। इस दिन सूर्य देव मकर राशि में प्रवेश करेंगे, जिसे मकर संक्रांति के नाम से जाना जाता है। इसके बाद से ही सभी शुभ कार्यों की शुरुआत हो सकेगी।
- मकर संक्रांति: 15 जनवरी 2024
- पहला शुभ मुहूर्त: 16 जनवरी से
- विशेष योग: इस दिन गंगा स्नान और दान का महत्व
जनवरी में बजेंगी इतनी शहनाइयां
मकर संक्रांति के अवसर पर देशभर में उत्सव का माहौल रहता है। खासकर उत्तर भारत में इस दिन शहनाइयों की मधुर धुन गूंजती है। यह परंपरा विशेष रूप से बिहार और उत्तर प्रदेश में देखने को मिलती है।
इस वर्ष जनवरी में कई प्रमुख त्योहार हैं, जिनमें शहनाई वादन की परंपरा निभाई जाएगी:
- लोहड़ी: 13 जनवरी
- मकर संक्रांति: 15 जनवरी
- पोंगल: 15-18 जनवरी
- बिहू: मध्य जनवरी
खरमास के दौरान क्या करें?
हालांकि इस अवधि में शुभ कार्य वर्जित हैं, लेकिन कुछ ऐसे धार्मिक कार्य हैं जिन्हें करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है:
- भगवान विष्णु की आराधना: इस समय विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ विशेष फलदायी माना जाता है।
- दान-पुण्य: गरीबों को अन्न, वस्त्र दान करना चाहिए।
- व्रत एवं उपवास: सूर्य देव को जल अर्पित करने से पापों का नाश होता है।
मकर संक्रांति के बाद शुरू करें ये कार्य
जैसे ही खरमास समाप्त होगा, आप निम्नलिखित शुभ कार्यों की योजना बना सकते हैं:
- विवाह संस्कार एवं सगाई समारोह
- गृह प्रवेश या नए व्यवसाय का शुभारंभ
- वाहन या संपत्ति की खरीदारी
- धार्मिक यात्राएं एवं तीर्थ दर्शन
निष्कर्ष
खरमास का समय आध्यात्मिक साधना और आत्मचिंतन के लिए उत्तम माना जाता है। 14 जनवरी को इसकी समाप्ति के बाद मांगलिक कार्यों की धूम देखने को मिलेगी। मकर संक्रांति पर सूर्य देव की उपासना और दान-पुण्य से जीवन में सुख-समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है। इसलिए इस पावन अवसर पर धार्मिक कार्यों में भाग लें और नए शुभ कार्यों की योजना बनाएं।
