MSHBMSHBMSHB
  • MSHB.IN
  • Latest News
  • Sarkari Yojana
Reading: Mahalaya 2025: महालया पर देवी दुर्गा का पृथ्वी पर आगमन
Share
Notification Show More
MSHBMSHB
  • MSHB.IN
  • Latest News
  • Sarkari Yojana
© 2024 MSHB.in. All Rights Reserved.

Mahalaya 2025: महालया पर देवी दुर्गा का पृथ्वी पर आगमन

महालया 2025 पर जानें देवी दुर्गा के पृथ्वी आगमन की पौराणिक कथा, महत्व और आधुनिक समय में इसकी प्रासंगिकता। पूजा विधि और शुभ मुहूर्त भी जानें।

Published July 2, 2026
Share
5 Min Read

Mahalaya 2025: महालया पर देवी दुर्गा का हुआ पृथ्वी पर आगमन, जानिए महत्व और कथा

महालया, जिसे “देवी पक्ष का प्रारंभ” भी कहा जाता है, हिंदू धर्म में एक पवित्र अवसर है। यह वह दिन है जब माँ दुर्गा पृथ्वी पर आती हैं और देवी पक्ष की शुरुआत होती है। 2025 में महालया का विशेष महत्व है, क्योंकि यह नवरात्रि के पवित्र नौ दिनों के लिए आध्यात्मिक उत्साह जगाता है। आइए जानते हैं इसकी पौराणिक कथा, महत्व और परंपराओं के बारे में।

Contents
Mahalaya 2025: महालया पर देवी दुर्गा का हुआ पृथ्वी पर आगमन, जानिए महत्व और कथामहालया क्या है?महालया की पौराणिक कथाकथा का विस्तारमहालया 2025 का महत्वमहालया पर विशेष पूजा विधिमहालया और बंगाल की परंपरामहालया पर क्या करें और क्या न करेंमहालया 2025 की तिथि और मुहूर्तनिष्कर्ष

महालया क्या है?

महालया अश्विन मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या को मनाया जाता है। यह दिन माँ दुर्गा के आगमन और पितृ पक्ष के समापन का प्रतीक है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन देवी दुर्गा अपने पुत्री रूप में पृथ्वी पर आती हैं और नवरात्रि तक यहाँ निवास करती हैं।

  • महालया शब्द का अर्थ: “महा” (महान) + “अलय” (आश्रय) – देवी का महान आगमन
  • समय: सुबह 4:30 बजे से 6:30 बजे तक (ब्रह्म मुहूर्त में पूजा का विशेष महत्व)
  • मुख्य परंपरा: तर्पण (पितृ श्राद्ध) और देवी चंडी पाठ

महालया की पौराणिक कथा

महालया से जुड़ी कथा देवी दुर्गा और महिषासुर के युद्ध से संबंधित है। पुराणों के अनुसार, महिषासुर नामक राक्षस ने स्वर्गलोक पर अधिकार कर लिया था। देवताओं ने मिलकर देवी दुर्गा की रचना की, जिन्होंने नौ दिनों तक चले भीषण युद्ध के बाद महिषासुर का वध किया।

कथा का विस्तार

महालया के दिन, देवी दुर्गा ने पृथ्वी पर अवतार लिया और महिषासुर से युद्ध की तैयारी की। इसी दिन से देवी के नौ रूपों (नवदुर्गा) की पूजा का आरंभ होता है। कहा जाता है कि महालया पर देवी की आराधना से भक्तों को असीम शक्ति और साहस प्राप्त होता है।

महालया 2025 का महत्व

2025 में महालया 23 सितंबर को मनाया जाएगा। इस दिन का विशेष धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व है:

  • पितृ तर्पण: पूर्वजों को जल अर्पित कर उनका आशीर्वाद लिया जाता है
  • देवी आह्वान: “यो देवी सर्वभूतेषु…” मंत्र से माँ दुर्गा को आमंत्रित किया जाता है
  • नवरात्रि प्रारंभ: महालया के बाद नौ दिनों तक देवी के विभिन्न रूपों की पूजा होती है

महालया पर विशेष पूजा विधि

महालया पर पूजा का विशेष विधान है:

  • प्रातः ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें
  • सूर्योदय से पहले गंगाजल से तर्पण करें
  • लाल वस्त्र पहनकर देवी दुर्गा की प्रतिमा स्थापित करें
  • “ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे” मंत्र का जाप करें
  • नारियल, फल और मिठाई का भोग लगाएं

महालया और बंगाल की परंपरा

पश्चिम बंगाल और ओडिशा में महालया को “देवी पक्ष के आगमन” के रूप में धूमधाम से मनाया जाता है। इस दिन आकाशवाणी पर प्रसारित “महिषासुर मर्दिनी” कार्यक्रम सुनने की विशेष परंपरा है, जिसमें बीरेंद्र कृष्ण भद्र की आवाज में देवी स्तुतियाँ प्रसारित की जाती हैं।

महालया पर क्या करें और क्या न करें

करने योग्य:

  • पितरों को जल अर्पित करें
  • दान-पुण्य करें (विशेषकर कपड़े और अनाज)
  • देवी दुर्गा के मंत्रों का जाप करें

न करने योग्य:

  • मांस-मदिरा का सेवन न करें
  • किसी को अपशब्द न कहें
  • अनावश्यक व्यय न करें

महालया 2025 की तिथि और मुहूर्त

2025 में महालया 23 सितंबर, मंगलवार को पड़ रहा है। शुभ मुहूर्त इस प्रकार है:

  • महालया अमावस्या तिथि प्रारंभ: 22 सितंबर रात 9:14 बजे
  • महालया अमावस्या तिथि समाप्त: 23 सितंबर रात 11:24 बजे
  • तर्पण का शुभ समय: सुबह 5:30 बजे से 6:30 बजे तक

निष्कर्ष

महालया न केवल एक धार्मिक पर्व है, बल्कि यह हमें हमारी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ता है। 2025 के महालया पर माँ दुर्गा के आगमन के इस पावन अवसर पर हम सभी को अपने पूर्वजों को याद करते हुए देवी की आराधना करनी चाहिए। यह दिन हमें बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश देता है और आंतरिक शक्ति जागृत करने का अवसर प्रदान करता है।

महालया की इस पावन बेला पर हम सभी को माँ दुर्गा का आशीर्वाद प्राप्त हो, यही कामना है। जय माँ दुर्गा!

You Might Also Like

हनुमानजी गुस्से में क्यों हैं तस्वीर बनाने वाला कौन

केदारनाथ दर्शन का फल इनके दर्शन से भी मिलता है

श्रावणी पर्व: धरती पर जीवन जागा

मौत की आहट सुन सकते हैं छह महीने पहले करें यह उपाय

Moon Black Spot: चंद्रमा को क्यों और किसने दिया श्राप दाग का रहस्य?

Share

Latest News

Hanuman Chalisa: हनुमान चालीसा पाठ का सही समय और विधि
Religion Spirituality July 2, 2026
राधा कृष्णा का युगल रूप हैं बांके बिहारी
Religion Spirituality July 2, 2026
Kheer Bhawani Temple: कश्मीर के चमत्कारी खीर भवानी मंदिर की परंपराएं
Religion Spirituality July 2, 2026
Durga Puja 2025 आज से शुरू जानें कल्पारंभ पूजा का शुभ मुहूर्त
Religion Spirituality July 2, 2026

You Might also Like

शिव और कृष्ण में छिड़ा संग्राम Shiv Krishna Yudh

July 2, 2026

गणेश पूजा और उत्सव की खास बातें जानिए

July 2, 2026

जनेऊ दाएं कान पर ही क्यों लपेटते हैं? Why is Janeu worn on the right ear?

July 2, 2026
MshbMshb

MSHB.in is your reliable source for the latest news in Government Schemes, Sarkari Yojana, Govt Jobs, Spirituality, lifestyle, and more.

Quick Link

  • MSHB.IN
  • About Us
  • Blogs
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms and Conditions
  • My Bookmarks
  • Contact Us

Category

  • Religion
  • Latest News
  • Sarkari Yojana

Recent Post

  • Hanuman Chalisa: हनुमान चालीसा पाठ का सही समय और विधि
  • राधा कृष्णा का युगल रूप हैं बांके बिहारी
  • Kheer Bhawani Temple: कश्मीर के चमत्कारी खीर भवानी मंदिर की परंपराएं
© 2025 MSHB. All Rights Reserved. | Website Designed By Dinox Tech HTML sitemap
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?