Masik Shivaratri 2025: इस दिन है अश्विन मास की शिवरात्रि, जानिए तिथि, महत्व और पूजा विधि
हर महीने कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मासिक शिवरात्रि का पावन पर्व मनाया जाता है। यह दिन भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष माना जाता है। अश्विन मास की शिवरात्रि 2025 में 25 सितंबर, गुरुवार को पड़ रही है। इस लेख में हम आपको इस पर्व की तिथि, महत्व, पूजा विधि और कथा के बारे में विस्तार से बताएंगे।
अश्विन मासिक शिवरात्रि 2025 की तिथि और समय
- तिथि: 25 सितंबर 2025, गुरुवार
- चतुर्दशी प्रारंभ: 24 सितंबर रात 10:15 बजे
- चतुर्दशी समाप्त: 25 सितंबर रात 08:35 बजे
- पूजा का शुभ मुहूर्त: 25 सितंबर प्रातः 05:30 से 08:35 तक
क्यों महत्वपूर्ण है मासिक शिवरात्रि?
शास्त्रों के अनुसार, मासिक शिवरात्रि पर भगवान शिव की उपासना करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। इस दिन शिवलिंग पर जल चढ़ाने और ॐ नमः शिवाय मंत्र का जाप करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है।
अश्विन मासिक शिवरात्रि का धार्मिक महत्व
हिंदू धर्म में प्रत्येक मास की शिवरात्रि का विशेष महत्व है। अश्विन मास की शिवरात्रि को कोजागरी पूर्णिमा से पहले आने के कारण इसे और भी पवित्र माना जाता है।
- इस दिन शिव पुराण का पाठ करने से सभी पापों से मुक्ति मिलती है
- व्रत रखने से आयु, स्वास्थ्य और धन में वृद्धि होती है
- अश्विन मास में शिव आराधना से पितृ दोष से मुक्ति मिलती है
पौराणिक कथा
पुराणों में वर्णित है कि एक बार एक गरीब शिकारी को जंगल में रात बितानी पड़ी। वह अनजाने में बेल पत्र के पेड़ पर चढ़ गया और पत्ते टूटकर नीचे स्थापित शिवलिंग पर गिरने लगे। इससे प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उसे मोक्ष का वरदान दिया। तभी से मासिक शिवरात्रि मनाने की परंपरा शुरू हुई।
अश्विन मासिक शिवरात्रि की पूजा विधि
सुबह की तैयारी
- प्रातः ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें
- साफ वस्त्र धारण कर शिव मंदिर जाएं या घर में ही पूजा स्थल तैयार करें
- शिवलिंग को गंगाजल से स्नान कराएं
मुख्य पूजा विधान
- शिवलिंग पर दूध, दही, घी, शहद और गंगाजल से पंचामृत अभिषेक करें
- बेल पत्र, धतूरा, अकुआ के फूल और भांग चढ़ाएं
- चंदन का लेप लगाएं और सफेद फूल अर्पित करें
- ॐ नमः शिवाय मंत्र का 108 बार जाप करें
- शिव चालीसा या शिव तांडव स्तोत्र का पाठ करें
विशेष उपाय
अश्विन मास में निम्न उपाय विशेष फलदायी माने गए हैं:
- शिवलिंग पर सफेद तिल मिश्रित जल से अभिषेक करें
- गरीबों को सफेद वस्त्र और उड़द की दाल दान करें
- रात्रि में शिव आरती करके महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें
मासिक शिवरात्रि व्रत कथा
इस दिन निम्न कथा सुनने का विधान है:
“प्राचीन काल में एक धर्मपरायण ब्राह्मण थे जिन्होंने नियमित रूप से मासिक शिवरात्रि का व्रत किया। एक बार उन्हें राजदरबार में झूठे आरोप में फंसा दिया गया। शिव भक्त होने के कारण उन्होंने शिवजी को याद किया। भगवान शिव ने प्रकट होकर उन्हें निर्दोष साबित करवाया और राजा को दंडित किया। तभी से मासिक शिवरात्रि व्रत की महिमा सर्वविदित हुई।”
निष्कर्ष
अश्विन मास की मासिक शिवरात्रि भक्तों के लिए विशेष फलदायी है। इस दिन सच्चे मन से की गई शिव आराधना सभी कष्टों को दूर करती है। 25 सितंबर 2025 को इस पावन पर्व पर शिवजी की विधि-विधान से पूजा करके आप जीवन में सुख, शांति और समृद्धि प्राप्त कर सकते हैं। हर हर महादेव!
