MSHBMSHBMSHB
  • MSHB.IN
  • Latest News
  • Sarkari Yojana
Reading: Sarva Pitru Amavasya 2025 25 सितंबर महत्व और पूजा विधि
Share
Notification Show More
MSHBMSHB
  • MSHB.IN
  • Latest News
  • Sarkari Yojana
© 2024 MSHB.in. All Rights Reserved.

Sarva Pitru Amavasya 2025 25 सितंबर महत्व और पूजा विधि

Published June 26, 2026
Share
4 Min Read

“`html

Contents
Sarva Pitru Amavasya 2025: 25 सितंबर को सर्वपितृ अमावस्या, जानिए महत्व और पूजा विधिसर्वपितृ अमावस्या का महत्वसर्वपितृ अमावस्या 2025 की तिथि और शुभ मुहूर्तसर्वपितृ अमावस्या पूजा विधिसर्वपितृ अमावस्या पर पढ़े जाने वाले मंत्रसर्वपितृ अमावस्या के नियम और सावधानियांसर्वपितृ अमावस्या की कथानिष्कर्ष

Sarva Pitru Amavasya 2025: 25 सितंबर को सर्वपितृ अमावस्या, जानिए महत्व और पूजा विधि

हिंदू धर्म में सर्वपितृ अमावस्या का विशेष महत्व है। यह दिन पितरों को समर्पित होता है और मान्यता है कि इस दिन किया गया तर्पण, श्राद्ध और दान पितृ दोष से मुक्ति दिलाता है। 25 सितंबर 2025 को पड़ने वाली इस पावन अमावस्या के बारे में विस्तार से जानते हैं।

सर्वपितृ अमावस्या का महत्व

शास्त्रों के अनुसार, सर्वपितृ अमावस्या पितृ पक्ष का अंतिम दिन होता है। इस दिन उन सभी पूर्वजों का तर्पण किया जाता है जिनकी मृत्यु तिथि ज्ञात नहीं है या जिनका श्राद्ध अन्य दिनों में छूट गया हो। इसका महत्व इसलिए भी अधिक है क्योंकि:

  • इस दिन पितृ लोक के द्वार खुलते हैं और पितर धरती पर आकर तर्पण ग्रहण करते हैं।
  • पिंड दान और तर्पण से पितृ प्रसन्न होकर वंशजों को आशीर्वाद देते हैं।
  • यह दिन पितृ दोष शांति के लिए सर्वोत्तम माना जाता है।

सर्वपितृ अमावस्या 2025 की तिथि और शुभ मुहूर्त

साल 2025 में सर्वपितृ अमावस्या 25 सितंबर, गुरुवार को मनाई जाएगी। शुभ मुहूर्त इस प्रकार है:

  • अमावस्या तिथि प्रारंभ: 24 सितंबर 2025, रात 11:07 बजे
  • अमावस्या तिथि समाप्त: 25 सितंबर 2025, रात 09:14 बजे
  • तर्पण का श्रेष्ठ समय: प्रातः 06:00 बजे से 11:30 बजे तक

सर्वपितृ अमावस्या पूजा विधि

इस दिन पितरों की शांति के लिए निम्न विधि से पूजा करनी चाहिए:

सुबह की तैयारी

  • प्रातः स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
  • पूर्व दिशा की ओर मुख करके आसन बिछाएं।
  • चावल, काले तिल, जौ, दूध और गंगाजल को पूजा सामग्री के रूप में तैयार रखें।

तर्पण की विधि

  • हाथ में जल, काले तिल और अक्षत लेकर निम्न मंत्र बोलें: “ॐ पितृदेवताभ्यो नमः, अक्षत तिलान् समर्पयामि”
  • पितरों का नाम लेकर जल अर्पित करें।
  • पिंड दान के लिए चावल और काले तिल के मिश्रण से पिंड बनाकर गाय, कौए या ब्राह्मण को दान दें।

ब्राह्मण भोज और दान

  • ब्राह्मणों को भोजन कराएं और दक्षिणा दें।
  • गरीबों को अनाज, वस्त्र या धन का दान करें।
  • इस दिन पीपल के वृक्ष की पूजा करना भी शुभ माना जाता है।

सर्वपितृ अमावस्या पर पढ़े जाने वाले मंत्र

पितृ तर्पण के समय इन मंत्रों का जाप करें:

  • गायत्री मंत्र: “ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्”
  • पितृ सूक्त मंत्र: “ये नः पितरः सोम्यासः…” (ऋग्वेद 10.15.1)

सर्वपितृ अमावस्या के नियम और सावधानियां

इस दिन कुछ विशेष नियमों का पालन करना चाहिए:

  • इस दिन मांसाहार, मदिरा और प्याज-लहसुन का सेवन वर्जित है।
  • किसी भी प्रकार का अनादर या अपशब्द न बोलें।
  • तर्पण के समय काले तिल का प्रयोग अवश्य करें।

सर्वपितृ अमावस्या की कथा

पुराणों में एक कथा प्रचलित है कि महाभारत काल में जब कर्ण की मृत्यु हुई, तो उन्हें स्वर्ग में भोजन के रूप में सोना-चांदी दिया गया। कर्ण ने इंद्र से पूछा कि उन्हें वास्तविक भोजन क्यों नहीं मिला? तब इंद्र ने बताया कि उन्होंने जीवनभर सोना दान किया, परंतु पितरों के नाम पर अन्न दान नहीं किया। तब कर्ण को 15 दिनों के लिए पृथ्वी पर भेजा गया, जहां उन्होंने पितरों के नाम पर अन्न दान किया। तभी से पितृ पक्ष और सर्वपितृ अमावस्या की परंपरा शुरू हुई।

निष्कर्ष

सर्वपितृ अमावस्या हमारे पूर्वजों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का पावन अवसर है। इस दिन श्रद्धापूर्वक किया गया तर्पण और दान पितृ ऋण से मुक्ति दिलाता है तथा पारिवारिक सुख-समृद्धि का मार्ग प्रशस्त करता है। 25 सितंबर 2025 को इस पर्व को पूरी श्रद्धा और विधि-विधान से मनाएं और पितरों का आशीर्वाद प्राप्त करें।

“`

You Might Also Like

Mokshada Ekadashi 2025 मोक्षदा एकादशी महत्व और व्रत कथा

भगवान श्री कृष्ण के परमधाम का नजारा जानिए

Pradosh Vrat 2025: सोम प्रदोष व्रत आरती से शिव प्रसन्न हर मनोकामना पूरी

Lalita Panchami 2025: ललिता पंचमी व्रत पूजा विधि शुभ मुहूर्त

शिव जी ही नहीं गणेश को भी प्रिय हैं शमी के पत्ते | Shiv Ji Hi Nahi Ganesh Ko Bhi Priya Hai Shami Ke Patte

Share

Latest News

Hanuman Chalisa: हनुमान चालीसा पाठ का सही समय और विधि
Religion Spirituality June 26, 2026
राधा कृष्णा का युगल रूप हैं बांके बिहारी
Religion Spirituality June 26, 2026
Kheer Bhawani Temple: कश्मीर के चमत्कारी खीर भवानी मंदिर की परंपराएं
Religion Spirituality June 26, 2026
Durga Puja 2025 आज से शुरू जानें कल्पारंभ पूजा का शुभ मुहूर्त
Religion Spirituality June 26, 2026

You Might also Like

हनुमानजी गुस्से में क्यों हैं तस्वीर बनाने वाला कौन

June 26, 2026

नए साल का आगमन बुधवार से ऐसे करें शुरुआत

June 26, 2026

सर्वपितृ अमावस्या पर पितरों की विदाई

June 26, 2026
MshbMshb

MSHB.in is your reliable source for the latest news in Government Schemes, Sarkari Yojana, Govt Jobs, Spirituality, lifestyle, and more.

Quick Link

  • MSHB.IN
  • About Us
  • Blogs
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms and Conditions
  • My Bookmarks
  • Contact Us

Category

  • Religion
  • Latest News
  • Sarkari Yojana

Recent Post

  • Hanuman Chalisa: हनुमान चालीसा पाठ का सही समय और विधि
  • राधा कृष्णा का युगल रूप हैं बांके बिहारी
  • Kheer Bhawani Temple: कश्मीर के चमत्कारी खीर भवानी मंदिर की परंपराएं
© 2025 MSHB. All Rights Reserved. | Website Designed By Dinox Tech
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?