Dhanteras 2025: कब है धनतेरस, जानिए पूजन का शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि
धनतेरस, जिसे धनत्रयोदशी भी कहा जाता है, दिवाली उत्सव का पहला दिन होता है। यह त्योहार समृद्धि, स्वास्थ्य और सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है। 2025 में धनतेरस का पर्व 21 अक्टूबर, मंगलवार को मनाया जाएगा। आइए जानते हैं इस पावन अवसर का शुभ मुहूर्त, पौराणिक महत्व और विधिवत पूजा विधि।
धनतेरस 2025 का शुभ मुहूर्त
तिथि और समय
- धनतेरस तिथि: 21 अक्टूबर 2025 (मंगलवार)
- त्रयोदशी तिथि प्रारंभ: 20 अक्टूबर को रात 09:32 बजे से
- त्रयोदशी तिथि समाप्त: 21 अक्टूबर को रात 11:43 बजे तक
पूजा का शुभ समय
- प्रदोष काल: शाम 05:43 बजे से 08:21 बजे तक (सर्वोत्तम समय)
- वृषभ काल: शाम 05:43 बजे से 07:39 बजे तक (धन-समृद्धि के लिए विशेष)
धनतेरस का पौराणिक महत्व
धनतेरस से जुड़ी कई पौराणिक कथाएं प्रचलित हैं। सबसे प्रसिद्ध कथा भगवान धन्वंतरि के अवतरण से जुड़ी है:
- समुद्र मंथन के दौरान इसी दिन भगवान धन्वंतरि अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे।
- एक अन्य कथा के अनुसार, राजा हिमा के पुत्र की राशि के अनुसार उसकी मृत्यु चौथे दिन विवाह के बाद होनी थी, लेकिन उसकी पत्नी ने धनतेरस की रात जागरण करके उसे बचा लिया।
धनतेरस के चार प्रमुख संदेश
- धन का सदुपयोग
- आरोग्य का महत्व
- अंधविश्वासों से मुक्ति
- पारिवारिक एकता
धनतेरस पूजा विधि
पूजा की तैयारी
- सुबह स्नानादि से निवृत्त होकर घर की सफाई करें।
- नए वस्त्र धारण करें और पूजा स्थल को गंगाजल से शुद्ध करें।
- लकड़ी की चौकी पर लाल कपड़ा बिछाएं और उस पर भगवान गणेश, माता लक्ष्मी और धन्वंतरि की मूर्ति/तस्वीर स्थापित करें।
विधिवत पूजन प्रक्रिया
- सबसे पहले भगवान गणेश की पूजा करें।
- फिर माता लक्ष्मी और भगवान धन्वंतरि को फूल, अक्षत, रोली अर्पित करें।
- धूप-दीप जलाकर इस मंत्र का उच्चारण करें: “ॐ धन्वंतरये नम:”
- कलश पर रोली से स्वास्तिक बनाएं और उसमें सिक्के रखें।
- अंत में आरती करें और प्रसाद वितरित करें।
विशेष उपाय
- इस दिन नए बर्तन खरीदना शुभ माना जाता है।
- सोने-चांदी के आभूषण या सिक्के खरीदें।
- यम दीपक दक्षिण दिशा में जलाएं।
धनतेरस पर क्या खरीदें?
धनतेरस पर इन वस्तुओं की खरीदारी विशेष फलदायी मानी जाती है:
- धातु: सोना, चांदी, तांबा
- बर्तन: स्टील, पीतल या चांदी के बर्तन
- इलेक्ट्रॉनिक्स: नए उपकरण (माना जाता है कि इस दिन खरीदे गए सामान से घर में लक्ष्मी का वास होता है)
- धार्मिक वस्तुएं: दीपक, पूजा थाली, मूर्तियां
धनतेरस के विशेष मंत्र
धन्वंतरि मंत्र
“ॐ नमो भगवते महासुदर्शनाय वासुदेवाय धन्वंतराये: अमृतकलश हस्ताय सर्वभय विनाशाय सर्वरोग निवारणाय त्रिलोकपथाय त्रिलोकनाथाय श्री महाविष्णुस्वरूप श्री धन्वंतरी स्वरूप श्री श्री श्री औषधचक्र नारायणाय नम:”
लक्ष्मी मंत्र
“ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं त्रिभुवन महालक्ष्म्यै अस्मांक दारिद्र्य नाशय प्रयच्छ स्वाहा”
निष्कर्ष
धनतेरस का पर्व हमें सिखाता है कि सच्चा धन केवल सोना-चांदी नहीं, बल्कि स्वास्थ्य, ज्ञान और पारिवारिक सुख है। इस वर्ष 21 अक्टूबर 2025 को मनाए जाने वाले इस पावन पर्व पर भगवान धन्वंतरि और माता लक्ष्मी की कृपा प्राप्त करने के लिए विधिवत पूजा-अर्चना करें। नए बर्तन या धातु खरीदते समय गुणवत्ता और आवश्यकता को प्राथमिकता दें। याद रखें, धन का सदुपयोग ही सच्ची समृद्धि का मार्ग है।
धनतेरस की हार्दिक शुभकामनाएं! मां लक्ष्मी आपके घर में सदैव विराजें और आपके जीवन को समृद्धि एवं खुशियों से भर दें।
