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Chaitra Navratri 2025: चैत्र नवरात्रि अष्टमी नवमी तिथि शुभ मुहूर्त

चैत्र नवरात्रि 2025 की अष्टमी और नवमी तिथि व शुभ मुहूर्त जानें। पूजा विधि, महत्व और शुभ समय की पूरी जानकारी प्राप्त करें।

Published July 2, 2026
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5 Min Read

चैत्र नवरात्रि 2025: माँ दुर्गा के आशीर्वाद का पावन पर्व

चैत्र नवरात्रि हिंदू धर्म में विशेष आस्था और उत्साह के साथ मनाया जाने वाला एक महत्वपूर्ण त्योहार है। यह नौ दिनों तक चलने वाला उत्सव है जिसमें माँ दुर्गा के नौ रूपों की पूजा-अर्चना की जाती है। 2025 में चैत्र नवरात्रि की अष्टमी और नवमी तिथि कब पड़ रही है? इसके साथ ही पूजा के शुभ मुहूर्त और विधि के बारे में जानने के लिए यह लेख पढ़ें।

Contents
चैत्र नवरात्रि 2025: माँ दुर्गा के आशीर्वाद का पावन पर्वचैत्र नवरात्रि 2025 की तिथियाँचैत्र नवरात्रि का धार्मिक महत्वअष्टमी और नवमी का विशेष महत्वचैत्र नवरात्रि 2025 अष्टमी पूजा विधि और शुभ मुहूर्तअष्टमी तिथि और शुभ समयअष्टमी पूजा विधिचैत्र नवरात्रि 2025 नवमी पूजा विधि और शुभ मुहूर्तनवमी तिथि और शुभ समयनवमी पूजा विधिकन्या पूजन और हवन विधिहवन सामग्रीचैत्र नवरात्रि 2025 के विशेष उपायनिष्कर्ष

चैत्र नवरात्रि 2025 की तिथियाँ

  • प्रारंभ तिथि: 30 मार्च 2025 (रविवार)
  • अष्टमी तिथि: 6 अप्रैल 2025 (रविवार)
  • नवमी तिथि: 7 अप्रैल 2025 (सोमवार)
  • राम नवमी: 7 अप्रैल 2025
  • दशमी (विजयादशमी): 8 अप्रैल 2025 (मंगलवार)

चैत्र नवरात्रि का धार्मिक महत्व

हिंदू पंचांग के अनुसार, चैत्र नवरात्रि का आरंभ चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से होता है। यह पर्व वसंत ऋतु के आगमन का संकेत देता है और नवसंवत्सर (हिंदू नववर्ष) की शुरुआत भी माना जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार इसी दिन माँ दुर्गा ने महिषासुर का वध किया था।

अष्टमी और नवमी का विशेष महत्व

नवरात्रि के अंतिम दो दिन अष्टमी और नवमी विशेष रूप से पूजनीय माने जाते हैं। इन दिनों कन्या पूजन और हवन का विशेष महत्व है। अष्टमी के दिन माँ महागौरी की पूजा होती है जबकि नवमी को माँ सिद्धिदात्री की आराधना की जाती है।

चैत्र नवरात्रि 2025 अष्टमी पूजा विधि और शुभ मुहूर्त

अष्टमी तिथि और शुभ समय

  • अष्टमी तिथि प्रारंभ: 6 अप्रैल 2025 को सुबह 05:47 बजे
  • अष्टमी तिथि समाप्त: 7 अप्रैल 2025 को सुबह 08:09 बजे
  • पूजा का शुभ मुहूर्त: सुबह 06:30 बजे से 10:15 बजे तक
  • कन्या पूजन समय: दोपहर 12:00 बजे से 03:45 बजे तक

अष्टमी पूजा विधि

अष्टमी के दिन प्रातःकाल स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें। माँ महागौरी की प्रतिमा या कलश स्थापना करें। निम्न मंत्र से आवाहन करें:

ॐ देवी महागौर्यै नमः॥

पूजा में निम्न वस्तुएं अर्पित करें:

  • सफेद फूल (विशेषतः सफेद गुलाब)
  • नारियल
  • सफेद वस्त्र
  • खीर का भोग

चैत्र नवरात्रि 2025 नवमी पूजा विधि और शुभ मुहूर्त

नवमी तिथि और शुभ समय

  • नवमी तिथि प्रारंभ: 7 अप्रैल 2025 को सुबह 08:09 बजे
  • नवमी तिथि समाप्त: 8 अप्रैल 2025 को सुबह 10:34 बजे
  • पूजा का शुभ मुहूर्त: सुबह 06:30 बजे से 10:45 बजे तक
  • हवन समय: दोपहर 12:30 बजे से 02:15 बजे तक

नवमी पूजा विधि

नवमी के दिन माँ सिद्धिदात्री की पूजा का विशेष महत्व है। इस दिन नवरात्रि का समापन होता है और राम नवमी का पर्व भी मनाया जाता है। पूजा विधि इस प्रकार है:

सर्वप्रथम माँ सिद्धिदात्री को निम्न मंत्र से प्रणाम करें:

सिद्धगन्धर्वयक्षाद्यैरसुरैरमरैरपि।
सेव्यमाना सदा भूयात् सिद्धिदा सिद्धिदायिनी॥

पूजा में निम्न वस्तुएं अर्पित करें:

  • लाल फूल
  • तिल के लड्डू
  • नारियल
  • पान के पत्ते

कन्या पूजन और हवन विधि

नवरात्रि के अष्टमी और नवमी के दिन कन्या पूजन का विशेष महत्व है। इस दिन नौ कन्याओं को भोजन करवाकर उन्हें दक्षिणा देना चाहिए। कन्या पूजन के समय इस मंत्र का उच्चारण करें:

कन्याभ्यो नमो नित्यं भक्त्या संपूजयाम्यहम्।
तासां पूजनमात्रेण जन्मजन्मांतरैः सुखम्॥

हवन सामग्री

  • आम की लकड़ी
  • घी
  • लौंग
  • इलायची
  • कपूर

चैत्र नवरात्रि 2025 के विशेष उपाय

इस नवरात्रि में कुछ विशेष उपाय करने से माँ दुर्गा की कृपा प्राप्त हो सकती है:

  • लाल कपड़े में हल्दी बांधकर मंदिर में चढ़ाएं
  • प्रतिदिन दुर्गा सप्तशती का पाठ करें
  • अष्टमी के दिन 8 दीपक जलाएं
  • नवमी को 9 कन्याओं को भोजन कराएं

निष्कर्ष

चैत्र नवरात्रि 2025 में 6 अप्रैल को अष्टमी और 7 अप्रैल को नवमी मनाई जाएगी। यह पर्व हमें आंतरिक शक्ति और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करता है। उपरोक्त शुभ मुहूर्त और पूजा विधि के अनुसार यदि आप माँ दुर्गा की आराधना करेंगे तो निश्चित ही आपको उनकी कृपा प्राप्त होगी। माँ दुर्गा सभी भक्तों को सुख, समृद्धि और मंगल कामनाएं प्रदान करें।

जय माता दी!

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