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आषाढ़ माह 2025: कब से शुरू होंगे आषाढ़ माह? जानिए महत्व और पूजा उपासना विधि
हिंदू पंचांग के अनुसार, आषाढ़ माह चौथे स्थान पर आता है और यह वर्षा ऋतु का प्रारंभ माना जाता है। इस माह का विशेष धार्मिक एवं आध्यात्मिक महत्व है। 2025 में आषाढ़ माह की शुरुआत कब से होगी, इसके पीछे की पौराणिक कथाएं, पूजा-विधि और महत्व जानने के लिए यह लेख पढ़ें।
आषाढ़ माह 2025 की तिथि और समय
2025 में आषाढ़ माह की शुरुआत 14 जून, शनिवार से होगी और यह 13 जुलाई, रविवार तक रहेगा। इस दौरान कई प्रमुख व्रत एवं त्योहार मनाए जाएंगे, जिनमें देवशयनी एकादशी सबसे महत्वपूर्ण है।
- आषाढ़ माह प्रारंभ: 14 जून 2025
- आषाढ़ माह समाप्त: 13 जुलाई 2025
- देवशयनी एकादशी: 8 जुलाई 2025
आषाढ़ माह का धार्मिक महत्व
आषाढ़ माह को विष्णु भगवान का प्रिय महीना माना जाता है। इस माह में की गई पूजा-उपासना से भक्तों को मोक्ष की प्राप्ति होती है। शास्त्रों में कहा गया है:
“आषाढ़े मासि यः श्राद्धं कुर्यात् पितृसुतर्पणम्।
सर्वपापविनिर्मुक्तो विष्णुलोके महीयते॥”
अर्थात, आषाढ़ माह में पितृ तर्पण और श्राद्ध करने वाला व्यक्ति सभी पापों से मुक्त होकर विष्णु लोक को प्राप्त करता है।
आषाढ़ माह के प्रमुख त्योहार
- गुरु पूर्णिमा: आषाढ़ माह की पूर्णिमा को गुरु पूजन का विशेष महत्व है।
- देवशयनी एकादशी: इस दिन भगवान विष्णु चार माह के लिए योगनिद्रा में जाते हैं।
- जगन्नाथ रथ यात्रा: इस माह में पुरी की प्रसिद्ध रथ यात्रा आयोजित होती है।
आषाढ़ माह में पूजा विधि
आषाढ़ माह में निम्नलिखित विधि से पूजा-अर्चना करने पर विशेष फल की प्राप्ति होती है:
प्रातःकाल की दिनचर्या
- ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें
- स्वच्छ वस्त्र धारण कर तुलसी के पौधे को जल अर्पित करें
- भगवान विष्णु के इस मंत्र का जाप करें: “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय”
विशेष पूजा विधि
आषाढ़ माह में श्री हरि विष्णु की पूजा इस प्रकार करें:
- पूजा स्थल को गंगाजल से शुद्ध करें
- लाल कपड़े पर विष्णु यंत्र स्थापित करें
- भगवान को पीले फूल, तुलसी दल अर्पित करें
- निम्न मंत्र से आह्वान करें:
“आषाढ़स्य प्रियो मासः श्रीहरेः प्रीतिवर्धनः।
तस्मिन् यः पूजयेद् विष्णुं स याति परमां गतिम्॥”
आषाढ़ माह के व्रत और उपवास
इस माह में निम्न व्रत रखने का विशेष महत्व है:
- एकादशी व्रत: आषाढ़ शुक्ल एकादशी को देवशयनी एकादशी का व्रत रखें
- सोमवार व्रत: शिवजी की विशेष कृपा के लिए
- सत्यनारायण व्रत: पारिवारिक सुख-शांति के लिए
व्रत में खाए जाने वाले भोजन
- फलाहार
- साबुदाना खिचड़ी
- कुट्टू के आटे की रोटी
- मखाने की खीर
आषाढ़ माह की विशेष सावधानियां
इस माह में निम्न बातों का विशेष ध्यान रखें:
- किसी भी प्रकार का तामसिक भोजन न करें
- झूठ बोलने या किसी का अहित सोचने से बचें
- प्रतिदिन गीता पाठ का संकल्प लें
- अधिक से अधिक दान-पुण्य करें
निष्कर्ष
आषाढ़ माह हिंदू धर्म में एक पवित्र और फलदायी महीना माना जाता है। 2025 में यह 14 जून से प्रारंभ होगा। इस माह में भगवान विष्णु की विशेष पूजा, व्रत-उपवास और दान-पुण्य करने से जीवन के सभी कष्ट दूर होते हैं। आषाढ़ माह की सभी धार्मिक गतिविधियों में भाग लेकर आप आध्यात्मिक लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
इस लेख में दी गई जानकारी आपके लिए उपयोगी रहे, इसी कामना के साथ! हरि ॐ तत्सत्!
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