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बगलामुखी जयंती 2025: मां बगलामुखी के मंत्रों से समस्याएं दूर

Published June 26, 2026
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Contents
बगलामुखी जयंती 2025: मां बगलामुखी के प्राकट्योत्सव की महिमामां बगलामुखी: स्वरूप और महत्वबगलामुखी जयंती 2025 का शुभ मुहूर्तमां बगलामुखी के चमत्कारी मंत्र1. बीज मंत्र (सर्वसिद्धिकारक)2. ध्यान मंत्र (मानसिक शांति हेतु)3. स्तुति मंत्र (विशेष कृपा प्राप्ति हेतु)मंत्र जप की विधिसावधानियांबगलामुखी जयंती पर विशेष उपाय1. पीले प्रसाद का महत्व2. तांत्रिक फूलों का प्रयोगप्रसिद्ध बगलामुखी मंदिरों में जयंती उत्सवमां बगलामुखी की कृपा प्राप्ति के लिए नियमनिष्कर्ष: मां की कृपा है सर्वसमस्याओं का समाधान

बगलामुखी जयंती 2025: मां बगलामुखी के प्राकट्योत्सव की महिमा

मां बगलामुखी, दस महाविद्याओं में आठवीं महाविद्या, शक्ति और सुरक्षा की अद्भुत देवी हैं। बगलामुखी जयंती के पावन अवसर पर इनके मंत्रों का जप करने से भक्तों की सभी समस्याएं दूर हो जाती हैं और शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती है। 2025 में यह पर्व वैशाख मास की पूर्णिमा (मई 12, 2025) को मनाया जाएगा। आइए जानें मां के चमत्कारिक मंत्रों और पूजन विधि के रहस्य।

मां बगलामुखी: स्वरूप और महत्व

मां बगलामुखी का नाम “बगला” (वाग् + ला) शब्द से बना है, जिसका अर्थ है वाणी को नियंत्रित करने वाली। इन्हें पीताम्बरा देवी भी कहा जाता है क्योंकि इनका वस्त्र और आभूषण पीले रंग के होते हैं। इनका स्वरूप अत्यंत तेजस्वी है:

  • वाहन: रथ या हंस
  • आयुध: गदा और शत्रु की जीभ पकड़े हुए
  • प्रतीक: पीला रंग – बुद्धि और विजय का प्रतीक

बगलामुखी जयंती 2025 का शुभ मुहूर्त

  • तिथि: 12 मई 2025 (सोमवार)
  • पूर्णिमा आरंभ: सुबह 06:45 बजे
  • पूर्णिमा समाप्त: अगले दिन सुबह 07:42 बजे
  • पूजा का श्रेष्ठ समय: प्रातः 10:00 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक

मां बगलामुखी के चमत्कारी मंत्र

1. बीज मंत्र (सर्वसिद्धिकारक)

ॐ ह्लीं बगलामुखी सर्वदुष्टानां वाचं मुखं पदं स्तंभय जिह्वां कीलय बुद्धिं विनाशय ह्लीं ॐ स्वाहा॥

लाभ: यह मंत्र शत्रुओं के मुख बंद करने, कानूनी विवादों में जीत और नकारात्मक ऊर्जा को नष्ट करने में सक्षम है।

2. ध्यान मंत्र (मानसिक शांति हेतु)

वन्दे वां छिन्नरूपां च पीताम्बरधरां पराम्।
हस्तैश्च खड्गं गदकं शत्रून् निहन्ति भयानकाम्॥

3. स्तुति मंत्र (विशेष कृपा प्राप्ति हेतु)

या देवी सर्वभूतेषु बगलामुखी रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥

मंत्र जप की विधि

  • स्नान: प्रातः सूर्योदय से पहले स्नान कर पीले वस्त्र धारण करें
  • आसन: पीले रंग का आसन बिछाकर बैठें
  • सामग्री: हल्दी की माला, पीले फूल, चंदन और घी का दीपक
  • मंत्र संख्या: 108 बार नियमित जप (विशेष संकट में 11,000 बार अनुष्ठान)
  • समय: रात्रि 11 बजे से 12 बजे के बीच (निशिथ काल) विशेष फलदायी

सावधानियां

  • मंत्र जप के समय मांस-मदिरा का सेवन वर्जित है
  • जपकर्ता को ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए
  • मंत्र सिद्धि के बाद अनावश्यक प्रदर्शन न करें

बगलामुखी जयंती पर विशेष उपाय

1. पीले प्रसाद का महत्व

  • मां को पीले चावल (हल्दी मिश्रित) का भोग लगाएं
  • बेसन के लड्डू या केसरिया हलवा अर्पित करें
  • प्रसाद में सरसों का तेल दान करें

2. तांत्रिक फूलों का प्रयोग

मां बगलामुखी को गेंदे के फूल विशेष प्रिय हैं। इन्हें अर्पित करते समय यह मंत्र बोलें:
“ॐ ह्लीं पीतांबरायै नमः फुल्लांजलि समर्पयामि”

प्रसिद्ध बगलामुखी मंदिरों में जयंती उत्सव

  • दतिया, मध्य प्रदेश: शक्तिपीठ में 3 दिवसीय विशेष पूजा
  • कांगड़ा, हिमाचल: जागरण और हवन यज्ञ
  • कामाख्या, असम: तांत्रिक अनुष्ठानों का आयोजन

मां बगलामुखी की कृपा प्राप्ति के लिए नियम

  • जयंती के दिन एक समय भोजन (फलाहार) करें
  • सत्य बोलने का संकल्प लें – मां झूठ से रक्षा करती हैं
  • किसी भी प्राणी को पीले रंग का अन्न (चना, बेसन) दान करें

निष्कर्ष: मां की कृपा है सर्वसमस्याओं का समाधान

बगलामुखी जयंती 2025 पर इन मंत्रों का सच्चे हृदय से जप करने वाले भक्तों के सभी संकट दूर हो जाते हैं। मां अपने भक्तों को शत्रु बाधा, कर्ज, मुकदमे और निराशा से मुक्ति दिलाती हैं। याद रखें, मंत्र सिद्धि के लिए श्रद्धा, नियम और सात्विकता आवश्यक है। जय मां बगलामुखी!

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