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बलराम जयंती 2025: तिथि, महत्व और पूजा विधि
भगवान श्रीकृष्ण के अग्रज एवं शेषावतार बलराम जी की जयंती हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखती है। यह पर्व भाद्रपद मास की शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि को मनाया जाता है। 2025 में बलराम जयंती का पावन अवसर 7 सितंबर, रविवार को पड़ रहा है। आइए जानें इस पर्व की पूजन विधि, व्रत कथा और आध्यात्मिक प्रभाव।
बलराम जयंती 2025 की तिथि और शुभ मुहूर्त
- तिथि: 7 सितंबर 2025 (रविवार)
- द्वादशी प्रारंभ: 6 सितंबर को रात 10:32 बजे
- द्वादशी समाप्त: 7 सितंबर को रात 08:47 बजे
- पूजा का शुभ समय: प्रातः 06:00 से 10:30 तक
बलराम जयंती का धार्मिक महत्व
शास्त्रों के अनुसार, बलराम जी भगवान विष्णु के आठवें अवतार श्रीकृष्ण के सहचर एवं अग्रज हैं। इन्हें हलधर, संकर्षण और बलदेव नामों से भी जाना जाता है। इस दिन व्रत रखकर पूजन करने से:
- पारिवारिक सुख-शांति की प्राप्ति
- कृषि कार्य में सफलता
- शारीरिक बल एवं साहस में वृद्धि
- संतान सुख की प्राप्ति
बलराम जी की पौराणिक कथा
पद्म पुराण के अनुसार, द्वापर युग में भगवान विष्णु ने देवकी के गर्भ से जन्म लेने का वचन दिया था। कंस के भय से योगमाया ने देवकी के सातवें गर्भ को रोहिणी के गर्भ में स्थानांतरित कर दिया। इस प्रकार भाद्रपद शुक्ल द्वादशी को रोहिणी नक्षत्र में बलराम जी का जन्म हुआ।
बलराम जयंती पूजन विधि
पूजा की तैयारी
- प्रातः स्नानादि से निवृत्त होकर स्वच्छ वस्त्र धारण करें
- पूजा स्थल को गंगाजल से शुद्ध करें
- लकड़ी की चौकी पर पीला वस्त्र बिछाएं
- बलराम जी की मूर्ति या चित्र स्थापित करें
मुख्य पूजन विधि
- सर्वप्रथम गणेश जी का स्मरण करें
- कलश स्थापना करते हुए वरुण देव का आवाहन करें
- बलराम जी को पीले फूल, हल्दी और माखन-मिश्री अर्पित करें
- निम्न मंत्र से आरती उतारें:
“ॐ नमो भगवते बलदेवाय नमः” - हल, मूसल और गदा का विशेष पूजन करें
विशेष आरती
पूजन के बाद यह आरती गाएं:
“जय बलदेव हलधर, जय रेवती रमण।
नीलाम्बर पीतांबर, शोभित तनु श्यामा॥”
बलराम जयंती व्रत कथा
स्कन्द पुराण में वर्णित कथा के अनुसार, गोकुल में एक ब्राह्मण दंपत्ति ने निसंतान होने के कारण बलराम जी का व्रत किया। व्रत के प्रभाव से उन्हें पुत्र रत्न की प्राप्ति हुई। तभी से यह मान्यता है कि इस व्रत से संतान सुख और पारिवारिक समृद्धि प्राप्त होती है।
बलराम जयंती के विशेष उपाय
- इस दिन हल (कृषि उपकरण) की पूजा करके किसान समृद्धि प्राप्त कर सकते हैं
- पीले वस्त्र धारण करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं
- गरीबों को पीली वस्तुएं (चने की दाल, हल्दी, वस्त्र) दान करें
- भगवद्गीता के 10वें अध्याय का पाठ करें
निष्कर्ष
बलराम जयंती का पर्व हमें शक्ति, धैर्य और कर्तव्यपरायणता का संदेश देता है। इस दिन सात्विक भाव से पूजन करने वाले भक्तों को बलराम जी की विशेष कृपा प्राप्त होती है। 2025 में इस पावन पर्व पर हलधर की आराधना करके हम जीवन में संतुलन, बल और नैतिकता का आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं।
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