ज्योतिष शास्त्र में देवगुरु बृहस्पति को विशेष स्थान प्राप्त है। ये ज्ञान, समृद्धि और भाग्य के दाता माने जाते हैं। बृहस्पति ग्रह की कृपा से व्यक्ति के जीवन में सुख, शांति और उन्नति के द्वार खुलते हैं। अगर आपकी कुंडली में बृहस्पति कमजोर है या आपको लगता है कि भाग्य आपका साथ नहीं दे रहा, तो इन आसान उपायों को अपनाकर आप अपनी किस्मत चमका सकते हैं।
बृहस्पति देव को प्रसन्न करने के शुभ उपाय
1. पीले वस्त्र और पीली वस्तुओं का दान
- प्रत्येक गुरुवार को पीले रंग के वस्त्र, चने की दाल, हल्दी या पीले फल (केला, चीकू) का दान करें।
- दान करते समय इस मंत्र का जाप करें: “ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरवे नमः”
- इससे बृहस्पति की कृपा बढ़ती है और धन-समृद्धि के योग बनते हैं।
2. गुरुवार का व्रत एवं पूजा
- गुरुवार के दिन सुबह स्नान करके पीले वस्त्र धारण करें।
- भगवान विष्णु या बृहस्पति देव की मूर्ति/तस्वीर पर पीले फूल, चंदन और गुड़ चढ़ाएं।
- इस मंत्र का 108 बार जाप करें:
“ॐ बृं बृहस्पतये नमः” - व्रत में केवल पीले या सफेद भोजन (दही, चावल, मूंग दाल) ग्रहण करें।
3. तुलसी के पौधे की सेवा
- बृहस्पति देव को तुलसी अत्यंत प्रिय है। प्रतिदिन तुलसी को जल चढ़ाएं और दीपक जलाएं।
- तुलसी के नीचे बैठकर “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप करें।
- गुरुवार को तुलसी के पत्ते भगवान विष्णु को अर्पित करने से विशेष फल मिलता है।
बृहस्पति मंत्रों का जाप
1. मूल बृहस्पति मंत्र
मंत्र:
“ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरवे नमः”
- इस मंत्र का गुरुवार को 108 बार जाप करने से बृहस्पति की कृपा प्राप्त होती है।
- जाप के लिए पुखराज या पीला कपड़ा धारण करना शुभ होता है।
2. बृहस्पति स्तोत्रम्
श्लोक:
“देवानां च ऋषीणां च गुरुं कांचनसन्निभम्।
बुद्धिभूतं त्रिलोकेशं तं नमामि बृहस्पतिम्॥”
- इस श्लोक का नियमित पाठ करने से ज्ञान, विवेक और आत्मबल बढ़ता है।
ज्योतिषीय उपाय: पुखराज धारण करें
- अगर कुंडली में बृहस्पति कमजोर है, तो पुखराज रत्न (Yellow Sapphire) धारण करना चमत्कारी हो सकता है।
- इसे गुरुवार के दिन सुबह 6-8 बजे के बीच सोने की अंगूठी में जड़वाकर धारण करें।
- धारण करने से पहले रत्न को गंगाजल से शुद्ध करके मंत्रों से प्राण-प्रतिष्ठा करवाएं।
श्रद्धा और नियम से करें उपाय
बृहस्पति देव की कृपा पाने के लिए श्रद्धा, विश्वास और नियमितता सबसे जरूरी हैं। उपरोक्त उपायों में से किसी एक को भी पूरी निष्ठा से करें, तो आपकी किस्मत अवश्य चमकेगी। याद रखें, भाग्य परिश्रम से ही जागता है और ईश्वर की कृपा सच्ची भक्ति से मिलती है।
आपका जीवन धन, यश और सुख से भर जाए, इसी कामना के साथ!

