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Dhanteras 2025 Date: धनतेरस कब मनाएं 22 या 23 अक्तूबर ? शुभ खरीदारी के लिए त्रिपुष्कर और सर्वार्थ सिद्धि योग
धनतेरस, जिसे धनत्रयोदशी भी कहा जाता है, हिंदू धर्म के सबसे महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक है। यह दिवाली उत्सव की शुरुआत का प्रतीक है और भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी तथा भगवान कुबेर की पूजा का विशेष दिन माना जाता है। 2025 में धनतेरस की तिथि को लेकर कई लोगों के मन में सवाल है: क्या यह 22 अक्टूबर को मनाई जाएगी या 23 अक्टूबर को? इस लेख में हम न सिर्फ इस प्रश्न का उत्तर देंगे, बल्कि शुभ खरीदारी के लिए त्रिपुष्कर योग और सर्वार्थ सिद्धि योग के महत्व को भी समझेंगे।
धनतेरस 2025: सही तिथि और महत्व
धनतेरस कब है – 22 या 23 अक्टूबर 2025?
2025 में धनतेरस 23 अक्टूबर, गुरुवार को मनाई जाएगी। हालांकि, त्रयोदशी तिथि 22 अक्टूबर की रात 8:04 बजे से शुरू होकर 23 अक्टूबर की रात 7:33 बजे तक रहेगी। चूंकि धनतेरस पूजा प्रदोष काल (सूर्यास्त के बाद) में की जाती है, इसलिए 23 अक्टूबर को ही शुभ मुहूर्त माना जाएगा।
- त्रयोदशी तिथि आरंभ: 22 अक्टूबर, रात 8:04 बजे
- त्रयोदशी तिथि समाप्त: 23 अक्टूबर, रात 7:33 बजे
- शुभ पूजा मुहूर्त: 23 अक्टूबर, शाम 6:15 से 8:15 तक
धनतेरस का आध्यात्मिक महत्व
धनतेरस के दिन भगवान धन्वंतरि का अवतरण हुआ था, जिन्हें आयुर्वेद का जनक माना जाता है। इस दिन सोना, चांदी, बर्तन या नए बर्तन खरीदने की परंपरा है, क्योंकि ऐसा माना जाता है कि इससे घर में सुख-समृद्धि आती है। माता लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए इस दिन दीपदान और विशेष पूजा का भी विधान है।
शुभ खरीदारी के लिए योग: त्रिपुष्कर और सर्वार्थ सिद्धि
त्रिपुष्कर योग – दुर्लभ और अत्यंत शुभ
2025 की धनतेरस पर त्रिपुष्कर योग बन रहा है, जो एक दुर्लभ संयोग है। यह योग तब बनता है जब चंद्रमा, सूर्य और बृहस्पति तीनों शुभ स्थिति में हों। इस योग में किया गया कोई भी शुभ कार्य फलदायी माना जाता है।
- त्रिपुष्कर योग में खरीदारी करने से धन की वृद्धि होती है
- इस दिन खरीदे गए सोने-चांदी पर लक्ष्मी जी की विशेष कृपा रहती है
- नए व्यापार शुरू करने के लिए भी यह योग उत्तम है
सर्वार्थ सिद्धि योग – सभी मनोकामनाओं की पूर्ति
धनतेरस 2025 पर सर्वार्थ सिद्धि योग भी बन रहा है, जो चंद्रमा और गुरु के विशेष संयोग से उत्पन्न होता है। इस योग में किए गए धार्मिक कार्यों से सभी प्रकार की इच्छाओं की पूर्ति होती है।
इस योग के दौरान निम्न मंत्र का जाप करना विशेष फलदायी माना गया है:
“ॐ ह्रीं श्रीं लक्ष्मीभयो नमः”
धनतेरस पूजा विधि और विशेष उपाय
सरल पूजा विधि
- स्नानादि से निवृत्त होकर साफ-सुथरे वस्त्र धारण करें
- पूजा स्थल पर स्वच्छ आसन बिछाएं
- भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी और कुबेर की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें
- घी का दीपक जलाएं और फूल, अक्षत, धूप आदि अर्पित करें
- नीचे दिए गए मंत्र का 108 बार जाप करें
धनतेरस विशेष मंत्र
“ॐ धन्वंतरये नमः” – भगवान धन्वंतरि के लिए
“ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं महालक्ष्म्यै नमः” – माता लक्ष्मी के लिए
धनवृद्धि के उपाय
- धनतेरस की रात एक दीपक दक्षिण दिशा में जलाएं
- चावल से भरा एक कलश पूजा स्थल पर रखें
- नए बर्तन में मिठाई रखकर दान करें
निष्कर्ष
2025 में धनतेरस का पर्व 23 अक्टूबर को मनाया जाएगा, जिस दिन त्रिपुष्कर योग और सर्वार्थ सिद्धि योग जैसे दुर्लभ शुभ योग भी बन रहे हैं। यह समय धन-संपत्ति की प्राप्ति और आर्थिक उन्नति के लिए अत्यंत फलदायी है। धनतेरस की पूजा और शुभ मुहूर्त में की गई खरीदारी से घर में सुख-समृद्धि का वास होता है। आइए, हम सभी इस पावन अवसर पर भगवान धन्वंतरि और माता लक्ष्मी की कृपा प्राप्त करने का संकल्प लें।
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