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देवी पूजा में कौनसा फूल किस देवी को चढ़ाएं

देवी मां की पूजा में अलग-अलग फूलों का महत्व जानें कौन सा फूल किस देवी को प्रसन्न करता है और क्यों

Published July 2, 2026
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5 Min Read

हिंदू धर्म में देवी-देवताओं की पूजा में फूलों का विशेष महत्व है। मान्यता है कि अलग-अलग देवी अलग-अलग फूलों से प्रसन्न होती हैं और उनकी कृपा प्राप्त करने के लिए विशेष फूलों का प्रयोग किया जाता है। आज हम जानेंगे कि किस देवी को कौन सा फूल अर्पित करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है।

Contents
फूलों का आध्यात्मिक महत्वकुछ प्रमुख फूलों का महत्व:प्रमुख देवियों को प्रिय फूल1. मां दुर्गा2. मां लक्ष्मी3. मां सरस्वती4. मां कालीविशेष फूलों के मंत्रसामान्य देवी मंत्रफूल अर्पित करते समयफूल चढ़ाने के नियमनिषेध फूलफूलों के वैज्ञानिक लाभनिष्कर्ष

फूलों का आध्यात्मिक महत्व

शास्त्रों में फूलों को देवी-देवताओं का प्रिय माना गया है। फूल न केवल सुगंध से देवताओं को प्रसन्न करते हैं बल्कि उनके रंग और आकार से भी विशेष ऊर्जा का संचार होता है। देवी पूजा में फूलों का चयन करते समय यह ध्यान रखना चाहिए कि वे ताजे और कीटाणु रहित हों।

कुछ प्रमुख फूलों का महत्व:

  • लाल रंग के फूल: मां दुर्गा और मां काली को प्रिय
  • सफेद फूल: मां सरस्वती और शांति देवी को अर्पित
  • पीले फूल: मां लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए

प्रमुख देवियों को प्रिय फूल

1. मां दुर्गा

नवरात्रि के समय मां दुर्गा की पूजा में लाल रंग के गुड़हल के फूल (Hibiscus) का विशेष महत्व है। यह फूल मां दुर्गा को अत्यंत प्रिय है।

मान्यता है कि:

  • गुड़हल के फूल से पूजा करने पर मां दुर्गा शीघ्र प्रसन्न होती हैं
  • इस फूल को ‘देवी का प्रिय फूल’ माना जाता है
  • नवरात्रि में प्रतिदिन गुड़हल अर्पित करने से विशेष फल मिलता है

“या देवी सर्वभूतेषु शक्ति रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥”

2. मां लक्ष्मी

धन और समृद्धि की देवी मां लक्ष्मी को कमल का फूल सबसे अधिक प्रिय है। कमल का फूल पवित्रता और समृद्धि का प्रतीक है।

मां लक्ष्मी की पूजा में:

  • ताजा कमल के फूल अर्पित करें
  • गुलाब और चंपा के फूल भी प्रिय हैं
  • पीले रंग के फूल विशेष रूप से शुभ माने जाते हैं

3. मां सरस्वती

विद्या और ज्ञान की देवी मां सरस्वती को सफेद रंग के फूल विशेष प्रिय हैं। इनमें प्रमुख हैं:

  • सफेद कमल
  • चमेली के फूल
  • मोगरे के फूल

मां सरस्वती की पूजा में इन फूलों का प्रयोग करने से विद्या और बुद्धि का वरदान प्राप्त होता है।

4. मां काली

मां काली को नीले या गहरे रंग के फूल अर्पित किए जाते हैं। इनमें प्रमुख हैं:

  • कृष्ण कमल
  • नीलकमल
  • गुड़हल की कुछ प्रजातियाँ

मां काली की उग्र रूप को प्रसन्न करने के लिए इन फूलों का विशेष महत्व है।

विशेष फूलों के मंत्र

देवी पूजा में फूल अर्पित करते समय विशेष मंत्रों का उच्चारण करने से अधिक फल की प्राप्ति होती है:

सामान्य देवी मंत्र

“ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे॥
नमो देव्यै महादेव्यै शिवायै सततं नमः॥”

फूल अर्पित करते समय

“इदं पुष्पं मया दत्तं प्रीयतां मे जगदम्बिका।
गृहाण मम भक्त्यर्थं नमस्ते परमेश्वरि॥”

फूल चढ़ाने के नियम

देवी मां को फूल अर्पित करते समय कुछ विशेष नियमों का पालन करना चाहिए:

  • ताजे फूल: हमेशा ताजे और सुगंधित फूल ही चढ़ाएं
  • कीटाणु रहित: फूलों पर कीड़े न हों
  • सही दिशा: फूल देवी के चरणों में या सिर पर अर्पित करें
  • शुद्ध हाथ: फूल चढ़ाने से पहले हाथ धो लें
  • भावना: श्रद्धा और भक्ति के साथ फूल अर्पित करें

निषेध फूल

कुछ फूल ऐसे हैं जिन्हें देवी मां को नहीं चढ़ाना चाहिए:

  • कांटेदार फूल (गुलाब को छोड़कर)
  • सूखे या मुरझाए हुए फूल
  • कटे-फटे फूल
  • अशुद्ध या गंदे फूल

फूलों के वैज्ञानिक लाभ

देवी पूजा में फूलों का प्रयोग न केवल आध्यात्मिक दृष्टि से बल्कि वैज्ञानिक दृष्टि से भी लाभकारी है:

  • फूलों की सुगंध से मन शांत होता है
  • कुछ फूलों में औषधीय गुण होते हैं
  • फूलों के रंग मनोवैज्ञानिक प्रभाव डालते हैं
  • पूजा स्थल का वातावरण शुद्ध होता है

निष्कर्ष

देवी मां की पूजा में फूलों का विशेष महत्व है। प्रत्येक देवी को अलग-अलग फूल प्रिय हैं और उनके अनुसार फूल चढ़ाने से देवी की विशेष कृपा प्राप्त होती है। याद रखें कि फूल चढ़ाते समय श्रद्धा और भक्ति सबसे महत्वपूर्ण हैं। सही फूलों का चयन करके और विधि-विधान से पूजा करके हम देवी मां का आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं।

“सर्वमंगलमांगल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके।
शरण्ये त्र्यम्बके गौरि नारायणि नमोऽस्तु ते॥”

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