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पूजा के बाद जरूर करें यह काम तभी पूरी होगी पूजा

पूजन के बाद इन जरूरी कार्यों को करने से आपकी पूजा पूर्ण होगी। जानें कैसे सही तरीके से पूजा समाप्त करें और दिव्य आशीर्वाद पाएं।

Published July 2, 2026
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5 Min Read

पूजन के बाद जरूर करें यह कार्य, तभी पूरी होगी आपकी पूजा

हमारे हिंदू धर्म में पूजा-पाठ का विशेष महत्व है। भक्ति भाव से की गई पूजा न केवल हमारे मन को शांति देती है, बल्कि ईश्वर की कृपा भी प्राप्त होती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि पूजन के बाद कुछ आवश्यक कार्य करने से हमारी पूजा पूर्ण मानी जाती है? आज हम आपको बताएंगे कि पूजा समाप्त करने के बाद किन बातों का ध्यान रखना चाहिए, जिससे आपकी भक्ति का पूरा फल मिल सके।

Contents
पूजन के बाद जरूर करें यह कार्य, तभी पूरी होगी आपकी पूजापूजन के बाद क्यों जरूरी हैं यह कार्य?पूजन के बाद करने योग्य आवश्यक कार्य1. प्रसाद का वितरण2. आरती के बाद की विधि3. पूजा सामग्री का उचित निपटान4. दान का महत्वपूजा के बाद की गलतियां जो नहीं करनी चाहिए1. पूजा स्थल को अव्यवस्थित छोड़ना2. जल्दबाजी में पूजा समाप्त करना3. पूजा के बाद नकारात्मक बातें करनापूजा के बाद की विशेष प्रार्थनाएंनिष्कर्ष

पूजन के बाद क्यों जरूरी हैं यह कार्य?

शास्त्रों के अनुसार, पूजा केवल मंत्रोच्चार और आरती तक ही सीमित नहीं होती। पूजन के बाद किए जाने वाले कार्य भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं। यह क्रियाएं हमारी पूजा को संपूर्ण बनाती हैं और देवी-देवताओं की कृपा प्राप्त करने में सहायक होती हैं।

  • आध्यात्मिक शुद्धि: पूजा के बाद की क्रियाएं हमारे मन और वातावरण को शुद्ध करती हैं
  • पूर्णता का भाव: यह कार्य पूजा को सम्पूर्णता प्रदान करते हैं
  • देव कृपा: ऐसी मान्यता है कि इन कार्यों से देवताओं की विशेष कृपा प्राप्त होती है

पूजन के बाद करने योग्य आवश्यक कार्य

1. प्रसाद का वितरण

पूजा में चढ़ाया गया प्रसाद केवल भोग नहीं, बल्कि देवी-देवताओं का आशीर्वाद होता है। पूजा समाप्त होने के बाद इस प्रसाद को सभी उपस्थित लोगों में वितरित करना चाहिए।

  • प्रसाद को हमेशा श्रद्धा और सम्मान के साथ ग्रहण करें
  • प्रसाद बांटते समय “स्वीकार करो” या “ग्रहण करो” जैसे शब्द न कहें
  • प्रसाद को कभी भी फेंके नहीं, यह अशुभ माना जाता है

2. आरती के बाद की विधि

आरती पूजा का अंतिम चरण होती है, लेकिन आरती के बाद भी कुछ महत्वपूर्ण कार्य करने होते हैं:

  • आरती के बाद शांति पाठ अवश्य करें
  • दीपक को सही स्थान पर रखें, इधर-उधर न छोड़ें
  • आरती के बाद थोड़ी देर मौन रहकर ध्यान करें

3. पूजा सामग्री का उचित निपटान

पूजा में प्रयुक्त सामग्री का सही तरीके से निपटान करना बेहद आवश्यक है:

  • फूल, पत्ते आदि को पवित्र नदी में प्रवाहित करें या पेड़ के नीचे रख दें
  • कपूर और धूपबत्ती की राख को किसी पवित्र स्थान पर ही डालें
  • पूजा में प्रयुक्त जल को तुलसी के पौधे में डाल सकते हैं

4. दान का महत्व

पूजा के बाद दान करना अत्यंत पुण्यदायी माना गया है। यह हमारी पूजा को और अधिक फलदायी बनाता है:

  • अन्नदान: गरीबों को भोजन कराएं
  • वस्त्रदान: जरूरतमंदों को वस्त्र दान करें
  • ज्ञानदान: धार्मिक पुस्तकों का वितरण करें

पूजा के बाद की गलतियां जो नहीं करनी चाहिए

1. पूजा स्थल को अव्यवस्थित छोड़ना

पूजा समाप्त होने के बाद पूजा स्थल को साफ-सुथरा और व्यवस्थित करना आवश्यक है। इसे अव्यवस्थित छोड़ना अशुभ माना जाता है।

2. जल्दबाजी में पूजा समाप्त करना

कई लोग पूजा समाप्त करते ही तुरंत उठ जाते हैं। यह उचित नहीं है। पूजा के बाद कुछ देर शांत बैठकर ईश्वर का धन्यवाद करें।

3. पूजा के बाद नकारात्मक बातें करना

पूजा के तुरंत बाद किसी के बारे में नकारात्मक बातें करना या झगड़ा करना पूजा के पुण्य को नष्ट कर देता है।

पूजा के बाद की विशेष प्रार्थनाएं

पूजा समाप्त करने से पहले ये विशेष मंत्र पढ़ने चाहिए:

  • करचरण कृतं वाक्कायजं कर्मजं वा श्रवणनयनजं वा मानसं वापराधम्। विहितमविहितं वा सर्वमेतत्क्षमस्व जय जय करुणाब्धे श्रीमहादेव शम्भो॥
  • सर्वमंगलमांगल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके। शरण्ये त्र्यंबके गौरि नारायणि नमोऽस्तु ते॥

निष्कर्ष

पूजा हमारे जीवन का अभिन्न अंग है, लेकिन पूजन के बाद के कार्य उतने ही महत्वपूर्ण हैं जितनी पूजा स्वयं। इन कार्यों को करने से हमारी पूजा पूर्ण होती है और हमें दैवीय कृपा की प्राप्ति होती है। आइए, हम सभी पूजा के बाद इन आवश्यक कार्यों को अवश्य करें और अपनी भक्ति को सफल बनाएं।

याद रखें, भगवान की पूजा तभी पूर्ण होती है जब हम पूरी श्रद्धा, विधि-विधान और समर्पण भाव से उसे करते हैं। पूजा के बाद के यह कार्य हमारी भक्ति को और गहरा बनाते हैं।

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