MSHBMSHBMSHB
  • MSHB.IN
  • Latest News
  • Sarkari Yojana
Reading: Ganga Dussehra 2025 मां गंगा भागीरथी जटाशंकरी जाह्नवी
Share
Notification Show More
MSHBMSHB
  • MSHB.IN
  • Latest News
  • Sarkari Yojana
© 2024 MSHB.in. All Rights Reserved.

Ganga Dussehra 2025 मां गंगा भागीरथी जटाशंकरी जाह्नवी

Ganga Dussehra 2025: जानिए मां गंगा के भागीरथी जटाशंकरी और जाह्नवी नामों की पौराणिक कथा और महत्व

Published July 2, 2026
Share
5 Min Read

गंगा दशहरा और मां गंगा का महत्व

गंगा दशहरा हिंदू धर्म में एक पावन पर्व है जो ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को मनाया जाता है। यह वह दिन है जब मां गंगा स्वर्ग से धरती पर अवतरित हुईं और राजा भगीरथ के तप से प्रसन्न होकर उनकी पीढ़ियों के उद्धार का मार्ग प्रशस्त किया। इस दिन गंगा स्नान, दान और पूजा का विशेष महत्व है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि मां गंगा को भागीरथी, जटाशंकरी और जाह्नवी क्यों कहा जाता है? आइए, इस लेख में इन रहस्यों को जानें।

Contents
गंगा दशहरा और मां गंगा का महत्वमां गंगा के तीन नाम और उनकी कथाएं1. भागीरथी: राजा भगीरथ की तपस्या का फल2. जटाशंकरी: शिवजी की जटाओं से जुड़ी गंगा3. जाह्नवी: ऋषि जह्नु की पुत्रीगंगा दशहरा 2025: पूजा विधि और महत्वपूजा विधिमहत्वगंगा की महिमा: पौराणिक और आध्यात्मिक दृष्टिकोणगंगा दशहरा की शुभकामनाएं

मां गंगा के तीन नाम और उनकी कथाएं

1. भागीरथी: राजा भगीरथ की तपस्या का फल

मां गंगा को भागीरथी नाम राजा भगीरथ के कारण मिला। पौराणिक कथाओं के अनुसार, राजा भगीरथ के पूर्वजों को ऋषि कपिल के श्राप से भस्म हो जाने के बाद मुक्ति नहीं मिली थी। उनके उद्धार के लिए भगीरथ ने कठोर तपस्या की और ब्रह्माजी से गंगा को धरती पर लाने का वरदान माँगा।

  • ब्रह्माजी की अनुमति: गंगा को धरती पर उतारने के लिए भगीरथ ने फिर शिवजी की आराधना की।
  • शिवजी की जटाओं में गंगा: गंगा का वेग संभालने के लिए शिवजी ने उन्हें अपनी जटाओं में धारण किया।
  • धरती पर अवतरण: शिवजी की कृपा से गंगा धरती पर आईं और भगीरथ के पूर्वजों को मुक्ति मिली।

2. जटाशंकरी: शिवजी की जटाओं से जुड़ी गंगा

गंगा का दूसरा नाम जटाशंकरी है, जो उनके शिवजी से जुड़ाव को दर्शाता है। जब गंगा स्वर्ग से धरती पर उतरने लगीं, तो उनका वेग इतना प्रचंड था कि धरती उसे सहन नहीं कर पाती। तब शिवजी ने उन्हें अपनी जटाओं में समाहित कर लिया और धीरे-धीरे धरती पर छोड़ा।

श्लोक:
“जटाटवीगलज्जलप्रवाहपावितस्थले।
गलेऽवलम्ब्य लम्बितां भुजंगतुंगमालिकाम्॥”
(शिव तांडव स्तोत्र)

इस श्लोक में शिवजी की जटाओं से बहती गंगा का वर्णन है। इसी कारण गंगा को जटाशंकरी कहा जाता है।

3. जाह्नवी: ऋषि जह्नु की पुत्री

गंगा का तीसरा प्रसिद्ध नाम जाह्नवी है, जो ऋषि जह्नु से जुड़ा है। कथा के अनुसार, जब गंगा धरती पर बह रही थीं, तो उनके प्रवाह ने ऋषि जह्नु के यज्ञ को भंग कर दिया। क्रोधित होकर ऋषि ने गंगा का सम्पूर्ण जल पी लिया।

  • देवताओं की प्रार्थना: देवताओं ने ऋषि जह्नु से गंगा को मुक्त करने की विनती की।
  • कानों से निकली गंगा: प्रसन्न होकर ऋषि ने गंगा को अपने कानों से बाहर निकाला।
  • पुत्री समान मान्यता: तभी से गंगा को जाह्नवी (जह्नु की पुत्री) कहा जाने लगा।

गंगा दशहरा 2025: पूजा विधि और महत्व

गंगा दशहरा 2025 में 8 जून, रविवार को मनाया जाएगा। इस दिन गंगा स्नान, दान और पूजा का विशेष महत्व है। आइए जानते हैं कैसे करें गंगा दशहरा की पूजा:

पूजा विधि

  1. प्रातः स्नान: सुबह जल्दी उठकर गंगा या किसी पवित्र नदी में स्नान करें।
  2. अर्घ्य देना: गंगाजल से सूर्यदेव को अर्घ्य दें और मां गंगा की आरती करें।
  3. दान-पुण्य: गरीबों को भोजन, वस्त्र या जलपात्र दान करें।
  4. मंत्र जाप: “ॐ नमः शिवाय” या “गंगा गंगेति कोटिभिः प्रणामामि शुभां नदीम्” का जाप करें।

महत्व

गंगा दशहरा पर 10 पापों का नाश होता है, इसलिए इसे दशहरा कहा जाता है। ये 10 पाप हैं:

  • काम (वासना)
  • क्रोध
  • लोभ
  • मोह
  • अहंकार
  • ईर्ष्या
  • असत्य
  • अन्याय
  • हिंसा
  • चोरी

गंगा की महिमा: पौराणिक और आध्यात्मिक दृष्टिकोण

मां गंगा को केवल एक नदी नहीं, बल्कि मोक्षदायिनी माना जाता है। पुराणों में कहा गया है:

श्लोक:
“गंगे तव दर्शनात् स्पर्शात् नामोच्चारणमात्रतः।
नरः पापविनिर्मुक्तो विष्णुलोकं स गच्छति॥”
(पद्म पुराण)

अर्थात, गंगा के दर्शन, स्पर्श या नाम उच्चारण मात्र से मनुष्य पापों से मुक्त होकर विष्णु लोक को प्राप्त करता है।

गंगा दशहरा की शुभकामनाएं

गंगा दशहरा 2025 पर मां गंगा की कृपा सभी पर बनी रहे। उनके भागीरथी, जटाशंकरी और जाह्नवी स्वरूप की कथाएं हमें धर्म, तप और समर्पण का संदेश देती हैं। इस पावन अवसर पर गंगा स्नान करें, दान दें और अपने मन को शुद्ध करें।

हर हर गंगे! गंगा मैया की जय!

You Might Also Like

हनुमानजी गुस्से में क्यों हैं तस्वीर बनाने वाला कौन

केदारनाथ दर्शन का फल इनके दर्शन से भी मिलता है

श्रावणी पर्व: धरती पर जीवन जागा

मौत की आहट सुन सकते हैं छह महीने पहले करें यह उपाय

सावन में शिवमंत्र जाप से पूरी होगी हर मनोकामना

Share

Latest News

Hanuman Chalisa: हनुमान चालीसा पाठ का सही समय और विधि
Religion Spirituality July 2, 2026
राधा कृष्णा का युगल रूप हैं बांके बिहारी
Religion Spirituality July 2, 2026
Kheer Bhawani Temple: कश्मीर के चमत्कारी खीर भवानी मंदिर की परंपराएं
Religion Spirituality July 2, 2026
Durga Puja 2025 आज से शुरू जानें कल्पारंभ पूजा का शुभ मुहूर्त
Religion Spirituality July 2, 2026

You Might also Like

शिव और कृष्ण में छिड़ा संग्राम Shiv Krishna Yudh

July 2, 2026

गणेश पूजा और उत्सव की खास बातें जानिए

July 2, 2026

जनेऊ दाएं कान पर ही क्यों लपेटते हैं? Why is Janeu worn on the right ear?

July 2, 2026
MshbMshb

MSHB.in is your reliable source for the latest news in Government Schemes, Sarkari Yojana, Govt Jobs, Spirituality, lifestyle, and more.

Quick Link

  • MSHB.IN
  • About Us
  • Blogs
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms and Conditions
  • My Bookmarks
  • Contact Us

Category

  • Religion
  • Latest News
  • Sarkari Yojana

Recent Post

  • Hanuman Chalisa: हनुमान चालीसा पाठ का सही समय और विधि
  • राधा कृष्णा का युगल रूप हैं बांके बिहारी
  • Kheer Bhawani Temple: कश्मीर के चमत्कारी खीर भवानी मंदिर की परंपराएं
© 2025 MSHB. All Rights Reserved. | Website Designed By Dinox Tech HTML sitemap
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?