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Hanuman Janmotsav 2025: हनुमान जन्मोत्सव पर जरूर करें 12 नामों का जाप

Hanuman Janmotsav 2025 पर बजरंगबली के 12 नामों का जाप करें और पाएं सुख-समृद्धि। जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और लाभ। आज ही करें इन मंत्रों का उच्चारण।

Published July 2, 2026
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5 Min Read

हनुमान जन्मोत्सव 2025: बजरंगबली के 12 नामों का जाप और महत्व

आज हनुमान जयंती का पावन पर्व है! पूरे देश में भक्त बजरंगबली के जन्मोत्सव को उत्साह और भक्ति के साथ मना रहे हैं। इस पवित्र दिन पर हनुमान जी के 12 दिव्य नामों का जाप करने से जीवन में सुख-समृद्धि, बाधाओं का नाश और आत्मबल की प्राप्ति होती है। आइए जानें इस पर्व की महिमा और मंत्रों का रहस्य…

Contents
हनुमान जन्मोत्सव 2025: बजरंगबली के 12 नामों का जाप और महत्वहनुमान जन्मोत्सव का आध्यात्मिक महत्वहनुमान जी के 12 नामों का जाप और उनका प्रभाव1. ॐ हनुमते नमः2. ॐ अंजनीसुताय नमः3. ॐ महावीराय नमः4. ॐ रामेष्ठाय नमः5. ॐ फाल्गुनसखाय नमः6. ॐ पिंगाक्षाय नमः7. ॐ अमितविक्रमाय नमः8. ॐ उदधिक्रमणाय नमः9. ॐ श्रीमते नमः10. ॐ वायुपुत्राय नमः11. ॐ सीताशोक विनाशनाय नमः12. ॐ लक्ष्मणप्राणदात्रे नमःहनुमान जन्मोत्सव मनाने की विधिविशेष टिप्स:हनुमान जन्मोत्सव की कथाहनुमान जयंती पर विशेष आरतीनिष्कर्ष

हनुमान जन्मोत्सव का आध्यात्मिक महत्व

चैत्र मास की पूर्णिमा को मनाए जाने वाले इस पर्व को “हनुमत जयंती” भी कहते हैं। शास्त्रों के अनुसार इसी दिन वानरराज केसरी और अंजना के घर पवनपुत्र हनुमान का जन्म हुआ था।

  • समय: 12 अप्रैल 2025 (शनिवार)
  • मुहूर्त: सुबह 05:32 से 08:04 तक
  • विशेषता: इस बार हनुमान जयंती पर शनि-मंगल योग बन रहा है, जो संकटों के निवारण के लिए शुभ माना जाता है।

हनुमान जी के 12 नामों का जाप और उनका प्रभाव

तुलसीदास जी ने हनुमान बाहुक में इन नामों को “द्वादश नाम स्तोत्र” के रूप में वर्णित किया है। प्रतिदिन इनका जाप करने से भक्त को अद्भुत लाभ प्राप्त होते हैं:

1. ॐ हनुमते नमः

अर्थ: सभी दोषों का नाश करने वाले
लाभ: मानसिक शांति और नकारात्मकता से मुक्ति

2. ॐ अंजनीसुताय नमः

अर्थ: माता अंजनी के पुत्र
लाभ: पारिवारिक सुख और संतान प्राप्ति

3. ॐ महावीराय नमः

अर्थ: सर्वशक्तिमान वीर
लाभ: भय मुक्ति और साहस की प्राप्ति

4. ॐ रामेष्ठाय नमः

अर्थ: श्रीराम के परम भक्त
लाभ: आध्यात्मिक प्रगति और भक्ति की प्राप्ति

5. ॐ फाल्गुनसखाय नमः

अर्थ: अर्जुन के मित्र
लाभ: शत्रुओं पर विजय और रिश्तों में मधुरता

6. ॐ पिंगाक्षाय नमः

अर्थ: सुनहरी आँखों वाले
लाभ: नेत्र रोगों से मुक्ति और दिव्य दृष्टि

7. ॐ अमितविक्रमाय नमः

अर्थ: अतुलित बलशाली
लाभ: शारीरिक बल और सहनशक्ति में वृद्धि

8. ॐ उदधिक्रमणाय नमः

अर्थ: समुद्र लांघने वाले
लाभ: असंभव कार्यों में सफलता

9. ॐ श्रीमते नमः

अर्थ: श्री युक्त (लक्ष्मी के स्वामी)
लाभ: धन-धान्य की प्राप्ति

10. ॐ वायुपुत्राय नमः

अर्थ: वायुदेव के पुत्र
लाभ: स्वास्थ्य लाभ और प्राणशक्ति में वृद्धि

11. ॐ सीताशोक विनाशनाय नमः

अर्थ: सीता के शोक का नाश करने वाले
लाभ: मन के दुखों का अंत

12. ॐ लक्ष्मणप्राणदात्रे नमः

अर्थ: लक्ष्मण के प्राणदाता
लाभ: आयु वृद्धि और रोगों से मुक्ति

हनुमान जन्मोत्सव मनाने की विधि

इस पावन दिन को श्रद्धापूर्वक मनाने के लिए निम्न विधि अपनाएं:

  • प्रातःकाल: सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करें
  • वस्त्र: लाल या केसरिया वस्त्र धारण करें
  • पूजा सामग्री: सिंदूर, फूल, धूप, दीप, चोला (वस्त्र), प्रसाद (बूंदी के लड्डू)
  • मंत्र जाप: हनुमान चालीसा, सुंदरकांड पाठ या ऊपर बताए गए 12 नामों का 108 बार जाप
  • दान: गरीबों को भोजन या वस्त्र दान दें

विशेष टिप्स:

  • मंगलवार या शनिवार को हनुमान जी के मंदिर में सिंदूर चढ़ाने का विशेष महत्व है
  • हनुमान जी को लाल फूल अर्पित करने से शत्रु भय दूर होता है
  • हनुमान यंत्र को पूजा घर में स्थापित करने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है

हनुमान जन्मोत्सव की कथा

पौराणिक कथाओं के अनुसार, माता अंजनी ने भगवान शिव की घोर तपस्या की थी। प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें वरदान दिया कि वे उनके पुत्र के रूप में जन्म लेंगे। इसी वरदान के फलस्वरूप चैत्र पूर्णिमा के दिन हनुमान जी का जन्म हुआ।

एक अन्य कथा के अनुसार, बाल्यावस्था में हनुमान जी ने सूर्य को फल समझकर निगल लिया था। इस पर इंद्र ने उनपर वज्र से प्रहार किया, जिससे वे मूर्छित हो गए। पवन देव के क्रोधित होने पर सभी देवताओं ने हनुमान जी को अनेक वरदान दिए, जिससे वे अजेय हो गए।

हनुमान जयंती पर विशेष आरती

पूजा के अंत में यह आरती अवश्य गाएं:

आरती कीजै हनुमान लला की। 
दुष्ट दलन रघुनाथ कला की॥
जाके बल से गिरिवर कांपे। 
रोग दोष जाके निकट न झांके॥

निष्कर्ष

हनुमान जन्मोत्सव के इस पावन अवसर पर बजरंगबली के इन 12 दिव्य नामों का जाप करके हम अपने जीवन को धन-धान्य, सुख-शांति और आरोग्य से भर सकते हैं। हनुमान जी का स्मरण मात्र ही भक्तों के सभी संकटों को हर लेता है। इस पवित्र दिन पर प्राणपण से हनुमान जी की भक्ति करें और उनके आशीर्वाद को प्राप्त करें।

जय श्री राम! जय हनुमान!

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