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अप्रैल 2025 के पवित्र पर्व: हनुमान जयंती और अक्षय तृतीया की तिथियाँ
अप्रैल का महीना भक्ति और उत्साह से भरपूर होता है। इस माह में दो प्रमुख त्योहार हनुमान जयंती और अक्षय तृतीया मनाए जाते हैं, जिनका हिंदू धर्म में विशेष महत्व है। यह लेख आपको इन पर्वों की सही तिथियाँ, पूजा विधि, महत्व और अप्रैल 2025 के अन्य व्रत-त्योहारों की पूरी जानकारी देगा।
अप्रैल 2025 में हनुमान जयंती कब है?
हनुमान जयंती, जिसे बजरंगबली की जन्मतिथि के रूप में मनाया जाता है, 2025 में 12 अप्रैल, शनिवार को पड़ रही है। यह तिथि चैत्र मास की पूर्णिमा के दिन मनाई जाती है।
- मुहूर्त: 12 अप्रैल की सुबह 5:30 बजे से शाम 6:15 बजे तक
- पूजा का शुभ समय: सुबह 7:00 बजे से 11:00 बजे तक
- विशेष आरती: संध्या काल में “सुंदरकांड” पाठ का आयोजन
हनुमान जयंती कैसे मनाएँ?
इस दिन भक्त लाल रंग के वस्त्र धारण कर हनुमान मंदिर जाते हैं। पूजा में इन चीजों का प्रयोग करें:
- सिंदूर और लाल चुनरी चढ़ाएँ
- बेसन के लड्डू या गुड़-चना का भोग लगाएँ
- “ॐ हनुमते नमः” मंत्र का 108 बार जाप करें
अक्षय तृतीया 2025: तिथि और महत्व
वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया को मनाई जाने वाली अक्षय तृतीया इस साल 30 अप्रैल, बुधवार को है। यह पर्व अन्नदाता कुबेर और माता लक्ष्मी की विशेष पूजा के लिए जाना जाता है।
- मुहूर्त: सुबह 5:45 बजे से दोपहर 12:15 बजे तक
- दान-पुण्य: इस दिन किया गया दान अक्षय फल देता है
- विशेषता: सोना खरीदने का सर्वोत्तम दिन माना जाता है
अप्रैल 2025 के अन्य प्रमुख व्रत और त्योहार
1. चैत्र नवरात्रि (8 अप्रैल – 16 अप्रैल)
- प्रतिपदा: 8 अप्रैल – घटस्थापना
- राम नवमी: 15 अप्रैल
- दुर्गा अष्टमी: 14 अप्रैल
2. महावीर जयंती (10 अप्रैल)
जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर का जन्मोत्सव
3. गुड फ्राइडे (18 अप्रैल)
ईसाई समुदाय द्वारा मनाया जाने वाला पवित्र दिन
4. अमावस्या (20 अप्रैल)
- स्नान दान: पितृ तर्पण के लिए शुभ
- शनिवार होने से: शनि देव की विशेष पूजा
पूजा और व्रत के लिए विशेष सुझाव
- सात्विक भोजन: नवरात्रि में अनाज न खाएँ
- मंत्र जाप: हनुमान चालीसा या दुर्गा सप्तशती का पाठ करें
- दान: गरीबों को भोजन, वस्त्र या जल दान करें
निष्कर्ष
अप्रैल 2025 का महीना आध्यात्मिक उन्नति के लिए अद्भुत अवसर प्रदान करता है। हनुमान जयंती पर बजरंगबली की कृपा पाने के लिए भक्ति भाव से पूजा करें और अक्षय तृतीया के पुण्य दिन सकारात्मक कार्यों का संकल्प लें। इस लेख में दी गई तिथियाँ और मुहूर्त आपको धार्मिक कार्यक्रमों की योजना बनाने में मदद करेंगे।
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