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Hartalika Teej: मां पार्वती चालीसा पाठ से पाएं सुख सौभाग्य

आज हरतालिका तीज पर मां पार्वती चालीसा का पाठ करने का सही तरीका जानें, सुख-सौभाग्य और मनोकामना पूर्ति के लिए। पूजा विधि और महत्व समझें।

Published July 2, 2026
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4 Min Read

हरतालिका तीज: मां पार्वती की कृपा पाने का पावन अवसर

हरतालिका तीज का पर्व भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है। यह व्रत विशेष रूप से सुहागिन महिलाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन मां पार्वती की आराधना और चालीसा पाठ करने से सुख, सौभाग्य और पति की दीर्घायु का आशीर्वाद प्राप्त होता है। आइए जानें कैसे करें इस दिन पूजन और चालीसा पाठ का विधान।

Contents
हरतालिका तीज: मां पार्वती की कृपा पाने का पावन अवसरहरतालिका तीज का महत्वमुख्य लाभ:हरतालिका तीज पूजन विधिसामग्री:विधि:मां पार्वती चालीसा पाठ का महत्वचालीसा पाठ के लाभ:मां पार्वती चालीसा पाठ विधिआवश्यक नियम:पाठ का समय:हरतालिका तीज व्रत कथाकथा का संक्षिप्त सार:हरतालिका तीज के विशेष उपायसौभाग्य वृद्धि के उपाय:निष्कर्ष

हरतालिका तीज का महत्व

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन मां पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए कठोर तपस्या की थी। इस व्रत को सुहाग की रक्षा और पारिवारिक सुख का प्रतीक माना जाता है।

मुख्य लाभ:

  • वैवाहिक जीवन में सुख-शांति
  • संतान सुख की प्राप्ति
  • सौभाग्य में वृद्धि
  • कष्टों से मुक्ति

हरतालिका तीज पूजन विधि

इस व्रत को निर्जला रखने का विशेष महत्व है। पूजन के लिए निम्न विधि अपनाएं:

सामग्री:

  • मां पार्वती की मूर्ति या चित्र
  • लाल वस्त्र, चुनरी
  • फूल, अक्षत, रोली
  • फल, मिठाई, पंचामृत
  • दीपक, धूप, घी

विधि:

  1. सुबह स्नानादि से निवृत्त होकर स्वच्छ वस्त्र धारण करें
  2. पूजा स्थल को गंगाजल से शुद्ध करें
  3. लाल कपड़े पर मां पार्वती की प्रतिमा स्थापित करें
  4. घी का दीपक जलाएं और धूप दिखाएं
  5. फूल, अक्षत, सिंदूर चढ़ाएं
  6. मिठाई और फल का भोग लगाएं

मां पार्वती चालीसा पाठ का महत्व

हरतालिका तीज के दिन पार्वती चालीसा का पाठ विशेष फलदायी माना जाता है। यह चालीसा मां के गुणों, महिमा और कृपा का वर्णन करती है।

चालीसा पाठ के लाभ:

  • मनोकामनाओं की पूर्ति
  • कष्टों से मुक्ति
  • आध्यात्मिक शक्ति की प्राप्ति
  • पारिवारिक सुख में वृद्धि

मां पार्वती चालीसा पाठ विधि

चालीसा पाठ करने के लिए इस विधि का पालन करें:

आवश्यक नियम:

  • पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके बैठें
  • शुद्ध आसन पर बैठकर पाठ करें
  • मन को एकाग्र करें
  • पाठ के बाद आरती अवश्य करें

पाठ का समय:

प्रातःकाल या संध्या के समय चालीसा पाठ करना सर्वोत्तम माना गया है। पूजन के बाद निम्न मंत्र का जाप करें:

“ॐ जय पार्वती माता, मैया जय शिवा माता”

हरतालिका तीज व्रत कथा

इस व्रत से जुड़ी पौराणिक कथा के अनुसार, माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए हिमालय पर कठोर तपस्या की थी। उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें पत्नी रूप में स्वीकार किया।

कथा का संक्षिप्त सार:

  • माता पार्वती का जन्म हिमालय राज के घर
  • भगवान शिव को पति रूप में पाने की इच्छा
  • कठोर तपस्या और विवाह
  • हरतालिका तीज के रूप में व्रत की स्थापना

हरतालिका तीज के विशेष उपाय

इस पावन दिन कुछ विशेष उपाय करने से अधिक लाभ प्राप्त होता है:

सौभाग्य वृद्धि के उपाय:

  • शाम को मां को सिंदूर चढ़ाएं
  • पूजा के बाद सुहागिन महिलाओं को सुहाग की वस्तुएं दान करें
  • नीम के पेड़ की पूजा करें
  • रात्रि जागरण कर भजन-कीर्तन करें

निष्कर्ष

हरतालिका तीज का पर्व मां पार्वती के प्रति श्रद्धा और भक्ति का प्रतीक है। इस दिन व्रत, पूजन और चालीसा पाठ से माता की कृपा प्राप्त होती है। यह व्रत नारी शक्ति को समर्पित है जो सुहाग की रक्षा और पारिवारिक सुख का मार्ग प्रशस्त करता है। मां पार्वती की कृपा से जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होता है।

ध्यान दें: पूजन और मंत्रों का उच्चारण शुद्ध उच्चारण के साथ करें। संस्कृत मंत्रों के लिए किसी विद्वान से सही उच्चारण जान लें।

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