करवा चौथ का व्रत हिंदू धर्म में विवाहित महिलाओं के लिए एक पवित्र और महत्वपूर्ण त्योहार है। यह दिन पति की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना के लिए मनाया जाता है। इस दिन महिलाएं सुबह से ही निर्जला व्रत रखती हैं और शाम को चंद्रमा को अर्घ्य देकर ही भोजन ग्रहण करती हैं।
लेकिन क्या आप जानती हैं कि करवा चौथ पर चूड़ियों का चुनाव भी बेहद महत्वपूर्ण होता है? कुछ चूड़ियां ऐसी होती हैं जिन्हें पहनना अशुभ माना जाता है। आइए जानते हैं कि करवा चौथ 2025 पर किन चूड़ियों से बचना चाहिए।
करवा चौथ पर चूड़ियों का महत्व
हिंदू संस्कृति में चूड़ियां सुहाग का प्रतीक मानी जाती हैं। विवाहित महिलाएं इन्हें पहनकर न केवल अपने सौभाग्य को दर्शाती हैं, बल्कि यह पति की दीर्घायु की कामना का भी प्रतीक है। करवा चौथ जैसे पावन व्रत पर चूड़ियों का चयन विशेष ध्यान से करना चाहिए।
किन चूड़ियों को पहनने से बचें?
- काली या गहरे रंग की चूड़ियां: काले रंग को अशुभ और नकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। करवा चौथ जैसे शुभ अवसर पर इन्हें पहनने से बचना चाहिए।
- टूटी हुई चूड़ियां: टूटी हुई चूड़ियां अशुभ मानी जाती हैं और इन्हें पहनने से वैवाहिक जीवन में दरार आने की आशंका होती है।
- लोहे या स्टील की चूड़ियां: लोहा शनि ग्रह से जुड़ा होता है, जो कठोरता का प्रतीक है। करवा चौथ पर सोने, चांदी या लाल-हरे रंग की चूड़ियां ही पहननी चाहिए।
- प्लास्टिक की चूड़ियां: ये सस्ती और नकली होती हैं, जो शुभता को कम करती हैं। प्राकृतिक धातुओं या कांच की चूड़ियां ही श्रेष्ठ मानी जाती हैं।
करवा चौथ पर कौन-सी चूड़ियां पहनें?
शुभता और सौभाग्य के लिए निम्नलिखित चूड़ियों का चयन करें:
- लाल या हरे रंग की चूड़ियां: ये रंग सुहाग और समृद्धि के प्रतीक हैं।
- सोने-चांदी की चूड़ियां: ये धातुएं धन और सौभाग्य लाती हैं।
- कांच की चूड़ियां: इनकी मधुर झनकार सकारात्मक ऊर्जा फैलाती है।
- मोती जड़ित चूड़ियां: मोती चंद्रमा से जुड़ा है और करवा चौथ पर इसे विशेष फलदायी माना जाता है।
करवा चौथ व्रत की पौराणिक मान्यता
पौराणिक कथाओं के अनुसार, करवा चौथ का व्रत रानी वीरवती और सावित्री ने भी रखा था। इस व्रत की महिमा का वर्णन स्कन्द पुराण में भी मिलता है। मान्यता है कि इस दिन सच्चे मन से व्रत रखने वाली स्त्रियों को अखंड सुहाग की प्राप्ति होती है।
करवा चौथ 2025 की तिथि और शुभ मुहूर्त
करवा चौथ 2025, 13 अक्टूबर, सोमवार को मनाया जाएगा। चंद्रोदय का समय शाम 08:15 PM के आसपास होगा। इस दिन व्रत का पारण चंद्रमा को अर्घ्य देकर ही किया जाता है।
शुभता का ध्यान रखें
करवा चौथ का व्रत न केवल पति की लंबी आयु के लिए रखा जाता है, बल्कि यह पवित्रता और श्रद्धा का प्रतीक भी है। अतः इस दिन हर छोटी-बड़ी चीज का ध्यान रखना चाहिए। अशुभ चूड़ियों से बचें और केवल मंगलमय रंगों वाली चूड़ियां ही पहनें।
आप सभी को करवा चौथ 2025 की हार्दिक शुभकामनाएं! माँ पार्वती और भगवान शिव आपके सुहाग को सदा अखंड बनाए रखें।

