करवा चौथ और महिलाओं की आस्था
करवा चौथ का व्रत हिंदू धर्म में स्त्रियों के लिए एक पवित्र और महत्वपूर्ण पर्व माना जाता है। यह व्रत पति की लंबी आयु और सुखमय जीवन की कामना के लिए रखा जाता है। लेकिन, अक्सर महिलाओं के मन में यह सवाल उठता है कि पीरियड्स के दौरान करवा चौथ का व्रत रख सकते हैं या नहीं? आज हम इसी विषय पर विस्तार से चर्चा करेंगे और जानेंगे कि मासिक धर्म के समय व्रत रखने पर किन नियमों का पालन करना चाहिए।
क्या पीरियड्स में करवा चौथ का व्रत रख सकते हैं?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मासिक धर्म के दौरान महिलाएं पूजा-पाठ और मंदिर जाने से परहेज करती हैं। लेकिन, करवा चौथ जैसे महत्वपूर्ण व्रत में कुछ विशेष नियमों का पालन करके व्रत रखा जा सकता है।
- शास्त्रों के अनुसार: कुछ पुराणों में उल्लेख है कि यदि व्रत का संकल्प पहले से लिया गया हो, तो पीरियड्स आने पर भी व्रत रखा जा सकता है।
- स्वास्थ्य का ध्यान: अगर आपको कोई गंभीर स्वास्थ्य समस्या नहीं है, तो हल्के फलाहार या जूस लेकर व्रत रख सकती हैं।
- पूजा के नियम: मासिक धर्म के दौरान मूर्ति पूजा न करें, बल्कि मन में भगवान शिव, माता पार्वती और करवा माता का ध्यान करें।
पीरियड्स में करवा चौथ व्रत रखने के नियम
1. स्नान और शुद्धता का विशेष ध्यान
सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ वस्त्र धारण करें। मासिक धर्म के दौरान शुद्धता का विशेष महत्व होता है, इसलिए स्वच्छता बनाए रखें।
2. मूर्ति पूजा से बचें
शास्त्रों के अनुसार, इस दौरान मूर्तियों को छूना या पूजा करना वर्जित माना गया है। इसलिए:
- करवा चौथ की थाली सजाते समय मूर्ति न रखें।
- मन ही मन मंत्रों का जाप करें।
3. मंत्र जाप और ध्यान
निम्न मंत्रों का मन में जाप करें:
“ॐ नमः शिवाय”
“माता करवा सुखदायिनी, पतिव्रत धर्म की रक्षक, हमारे व्रत को पूर्ण करो।”
4. सूर्योदय और चंद्रोदय का समय
करवा चौथ के दिन सुबह सूर्योदय से पहले सरगी खाकर व्रत का संकल्प लें। शाम को चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद ही भोजन ग्रहण करें।
पीरियड्स में व्रत रखने पर स्वास्थ्य सुझाव
मासिक धर्म के दौरान शरीर में कमजोरी आ सकती है, इसलिए:
- हाइड्रेटेड रहें: नारियल पानी, जूस या छाछ पीते रहें।
- हल्का आहार: फल, ड्राई फ्रूट्स या मखाने खा सकती हैं।
- आराम करें: ज्यादा शारीरिक परिश्रम न करें।
करवा चौथ की कथा और महत्व
करवा चौथ की कथा सुनना व्रत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस कथा को सुनने से व्रत का पूर्ण फल मिलता है। पौराणिक कथा के अनुसार, रानी वीरवती ने अपने भाई के प्रेम में व्रत तोड़ दिया था, जिससे उनके पति की मृत्यु हो गई। बाद में, उन्होंने फिर से कठोर तपस्या करके अपने पति को जीवित किया।
श्रद्धा और स्वास्थ्य का संतुलन
करवा चौथ का व्रत श्रद्धा और समर्पण का प्रतीक है। अगर आप पीरियड्स के दौरान व्रत रख रही हैं, तो धार्मिक नियमों के साथ-साथ अपने स्वास्थ्य का भी ध्यान रखें। मन में पूरी निष्ठा से भगवान का स्मरण करें, और आपका व्रत अवश्य फलदायी होगा।
करवा माता आपके व्रत को सफल बनाएं और आपके पति की दीर्घायु व सुख-समृद्धि का आशीर्वाद दें।

