MSHBMSHBMSHB
  • MSHB.IN
  • Latest News
  • Sarkari Yojana
Reading: Kharmas 2025: खरमास में विवाह और मांगलिक कार्यों पर प्रतिबंध
Share
Notification Show More
MSHBMSHB
  • MSHB.IN
  • Latest News
  • Sarkari Yojana
© 2024 MSHB.in. All Rights Reserved.

Kharmas 2025: खरमास में विवाह और मांगलिक कार्यों पर प्रतिबंध

2025 में खरमास के दौरान विवाह और मांगलिक कार्यों पर रोक के नियम जानें। खरमास 2025 की तिथियाँ, महत्व और सावधानियाँ समझकर शुभ कार्यों की योजना बनाएँ।

Published July 2, 2026
Share
4 Min Read

Kharmas 2025: खरमास लगते ही बंद हो जाएंगे विवाह सहित सभी मांगलिक कार्य

हिंदू धर्म में खरमास का विशेष महत्व है। यह वह समय होता है जब सूर्य देवता धनु राशि में प्रवेश करते हैं और मकर संक्रांति तक इसी राशि में रहते हैं। इस अवधि में सभी मांगलिक कार्यों पर रोक लग जाती है। 2025 में खरमास 16 दिसंबर से शुरू होकर 14 जनवरी तक रहेगा। आइए जानते हैं इस पावन अवधि के नियम, महत्व और सावधानियां।

Contents
Kharmas 2025: खरमास लगते ही बंद हो जाएंगे विवाह सहित सभी मांगलिक कार्यखरमास क्या है?खरमास 2025 की तिथियांक्यों माना जाता है अशुभ?खरमास के मुख्य नियमक्या न करें?क्या करें?खरमास में विशेष पूजा विधिविशेष सावधानियांखरमास का वैज्ञानिक आधारअक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नक्या खरमास में मुंडन करवा सकते हैं?क्या नौकरी शुरू कर सकते हैं?खरमास में कौन से देवता की पूजा करें?निष्कर्ष

खरमास क्या है?

खरमास शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है – “खर” (गधा) और “मास” (माह)। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इस दौरान सूर्य देवता एक गधे पर सवार होकर यात्रा करते हैं, इसलिए इस अवधि को शुभ नहीं माना जाता।

  • खरमास में सूर्य की ऊर्जा कमजोर मानी जाती है
  • इस अवधि में नए शुभ कार्य शुरू नहीं किए जाते
  • विवाह, गृहप्रवेश, नामकरण जैसे संस्कार स्थगित कर दिए जाते हैं

खरमास 2025 की तिथियां

2025 में खरमास की अवधि निम्नलिखित रहेगी:

  • प्रारंभ: 16 दिसंबर 2025 (मंगलवार)
  • समाप्ति: 14 जनवरी 2026 (मंगलवार)
  • कुल अवधि: 30 दिन

क्यों माना जाता है अशुभ?

शास्त्रों में उल्लेख है कि खरमास के दौरान:

  • देवता निद्रा में रहते हैं
  • सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह कम हो जाता है
  • किए गए मांगलिक कार्यों में बाधाएं आती हैं

खरमास के मुख्य नियम

क्या न करें?

  • विवाह संस्कार: सभी प्रकार के विवाह कार्यक्रम स्थगित कर दें
  • गृहप्रवेश: नए घर में प्रवेश वर्जित
  • नए व्यवसाय: कोई नया कारोबार शुरू न करें
  • बड़ी खरीदारी: वाहन, जमीन या कीमती सामान खरीदने से बचें

क्या करें?

  • ध्यान व पूजा: इस समय आध्यात्मिक गतिविधियों पर ध्यान दें
  • दान-पुण्य: गरीबों को अन्न, वस्त्र दान करें
  • व्रत उपवास: सूर्य देवता को प्रसन्न करने के लिए व्रत रखें
  • मंत्र जाप: गायत्री मंत्र या आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें

खरमास में विशेष पूजा विधि

इस अवधि में निम्नलिखित उपाय करने चाहिए:

  • प्रतिदिन सुबह सूर्य को जल अर्पित करें
  • श्रीमद्भागवत गीता या रामचरितमानस का पाठ करें
  • शनिवार को पीपल के वृक्ष में जल चढ़ाएं
  • ॐ सूर्याय नम: मंत्र का जाप करें

विशेष सावधानियां

  • इस दौरान किसी से वाद-विवाद न करें
  • नकारात्मक विचारों से दूर रहें
  • पुराने ऋण चुकाने का शुभ समय

खरमास का वैज्ञानिक आधार

वैज्ञानिक दृष्टि से देखें तो:

  • यह वर्ष का सबसे ठंडा समय होता है
  • सूर्य की किरणें कमजोर पड़ जाती हैं
  • प्रकृति में निष्क्रियता का समय
  • शरीर की प्रतिरोधक क्षमता कम होती है

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या खरमास में मुंडन करवा सकते हैं?

नहीं, मुंडन जैसे संस्कार भी इस अवधि में नहीं करने चाहिए।

क्या नौकरी शुरू कर सकते हैं?

यदि बहुत आवश्यक हो तो कर सकते हैं, परंतु शुभ मुहूर्त देखकर ही प्रारंभ करें।

खरमास में कौन से देवता की पूजा करें?

इस समय भगवान विष्णु, हनुमान जी और सूर्य देवता की पूजा विशेष फलदायी होती है।

निष्कर्ष

खरमास हिंदू धर्म की एक महत्वपूर्ण अवधारणा है। यह समय आध्यात्मिक साधना और आत्मचिंतन के लिए उपयुक्त माना गया है। 2025 में 16 दिसंबर से 14 जनवरी तक चलने वाले इस समय में हमें शास्त्रों द्वारा बताए गए नियमों का पालन करना चाहिए। याद रखें – प्रकृति के इन चक्रों का सम्मान करके हम जीवन में सुख-शांति प्राप्त कर सकते हैं।

You Might Also Like

हनुमानजी गुस्से में क्यों हैं तस्वीर बनाने वाला कौन

केदारनाथ दर्शन का फल इनके दर्शन से भी मिलता है

श्रावणी पर्व: धरती पर जीवन जागा

मौत की आहट सुन सकते हैं छह महीने पहले करें यह उपाय

Moon Black Spot: चंद्रमा को क्यों और किसने दिया श्राप दाग का रहस्य?

Share

Latest News

Hanuman Chalisa: हनुमान चालीसा पाठ का सही समय और विधि
Religion Spirituality July 2, 2026
राधा कृष्णा का युगल रूप हैं बांके बिहारी
Religion Spirituality July 2, 2026
Kheer Bhawani Temple: कश्मीर के चमत्कारी खीर भवानी मंदिर की परंपराएं
Religion Spirituality July 2, 2026
Durga Puja 2025 आज से शुरू जानें कल्पारंभ पूजा का शुभ मुहूर्त
Religion Spirituality July 2, 2026

You Might also Like

शिव और कृष्ण में छिड़ा संग्राम Shiv Krishna Yudh

July 2, 2026

गणेश पूजा और उत्सव की खास बातें जानिए

July 2, 2026

जनेऊ दाएं कान पर ही क्यों लपेटते हैं? Why is Janeu worn on the right ear?

July 2, 2026
MshbMshb

MSHB.in is your reliable source for the latest news in Government Schemes, Sarkari Yojana, Govt Jobs, Spirituality, lifestyle, and more.

Quick Link

  • MSHB.IN
  • About Us
  • Blogs
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms and Conditions
  • My Bookmarks
  • Contact Us

Category

  • Religion
  • Latest News
  • Sarkari Yojana

Recent Post

  • Hanuman Chalisa: हनुमान चालीसा पाठ का सही समय और विधि
  • राधा कृष्णा का युगल रूप हैं बांके बिहारी
  • Kheer Bhawani Temple: कश्मीर के चमत्कारी खीर भवानी मंदिर की परंपराएं
© 2025 MSHB. All Rights Reserved. | Website Designed By Dinox Tech HTML sitemap
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?