MSHBMSHBMSHB
  • MSHB.IN
  • Latest News
  • Sarkari Yojana
Reading: Kharmass 2025: खरमास में सूर्य पूजा के लाभ और पूजाविधि
Share
Notification Show More
MSHBMSHB
  • MSHB.IN
  • Latest News
  • Sarkari Yojana
© 2024 MSHB.in. All Rights Reserved.

Kharmass 2025: खरमास में सूर्य पूजा के लाभ और पूजाविधि

खरमास 2025 में सूर्यदेव की पूजा करने के अद्भुत लाभ, महत्व और सही पूजाविधि जानें। इस विशेष अवधि में आशीर्वाद पाने के लिए यहां जानिए पूरी जानकारी।

Published July 2, 2026
Share
5 Min Read

Kharmass 2025: खरमास में सूर्यदेव की पूजा का महत्व और पूजाविधि

हिंदू धर्म में खरमास का विशेष महत्व है। यह वह समय होता है जब सूर्यदेव मकर राशि में प्रवेश करते हैं और चार महीने तक इसी राशि में रहते हैं। इस दौरान सूर्यदेव की पूजा करने से अद्भुत लाभ प्राप्त होते हैं। आइए जानते हैं खरमास 2025 में सूर्यदेव की पूजा का महत्व, फायदे और सही पूजा विधि।

Contents
Kharmass 2025: खरमास में सूर्यदेव की पूजा का महत्व और पूजाविधिखरमास क्या है?खरमास में सूर्य पूजा के लाभसूर्यदेव का महत्वखरमास 2025 में सूर्य पूजा की विधिविस्तृत पूजा विधिविशेष सावधानियांसूर्य मंत्र और उनका महत्वमंत्र जाप की विधिखरमास में सूर्य पूजा से जुड़ी कथाएंश्री राम और सूर्य पूजानिष्कर्ष

खरमास क्या है?

खरमास हिंदू पंचांग के अनुसार वह अवधि है जब सूर्य मकर राशि में प्रवेश करते हैं। यह समय आमतौर पर मध्य जनवरी से मध्य मई तक रहता है। इस दौरान सूर्य की किरणें विशेष प्रभाव डालती हैं और इसलिए सूर्योपासना का विशेष महत्व माना जाता है।

  • समय अवधि: 14 जनवरी 2025 से 14 मई 2025 तक
  • मुख्य देवता: सूर्यदेव
  • विशेषता: इस दौरान किए गए धार्मिक कर्मों का फल कई गुना बढ़ जाता है

खरमास में सूर्य पूजा के लाभ

सूर्यदेव को समस्त ब्रह्मांड का कारक माना जाता है। खरमास में इनकी पूजा करने से असंख्य लाभ प्राप्त होते हैं:

  • स्वास्थ्य लाभ: सूर्य पूजा से आंखों की रोशनी बढ़ती है और हड्डियां मजबूत होती हैं
  • धन लाभ: सूर्यदेव की कृपा से आर्थिक समस्याओं का निवारण होता है
  • करियर उन्नति: नौकरी या व्यवसाय में सफलता मिलती है
  • कुंडली दोष निवारण: सूर्य संबंधी सभी दोषों का शमन होता है

सूर्यदेव का महत्व

वेदों में सूर्य को सभी देवताओं की आत्मा कहा गया है। आदित्य हृदय स्तोत्र में कहा गया है:

“सूर्य: सर्वस्य लोकस्य चक्षु: सूर्यात्मकं जगत्”
(सूर्य समस्त लोकों के नेत्र हैं, सूर्य से ही यह जगत प्रकाशित होता है)

खरमास 2025 में सूर्य पूजा की विधि

सूर्यदेव की पूजा करने की सही विधि जानने से पहले कुछ आवश्यक सामग्री का संग्रह कर लें:

  • लाल रंग का आसन
  • लाल फूल (गुड़हल विशेष रूप से शुभ)
  • लाल चंदन
  • गुड़ या गुड़ से बने प्रसाद
  • तांबे का लोटा

विस्तृत पूजा विधि

1. सुबह जल्दी उठकर स्नान कर लें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें
2. पूर्व दिशा की ओर मुख करके लाल आसन बिछाएं
3. तांबे के लोटे में जल भरकर उसमें लाल फूल और अक्षत डालें
4. इस जल से सूर्यदेव को अर्घ्य दें और निम्न मंत्र का उच्चारण करें:

“ॐ घृणि सूर्याय नम:”

5. सूर्यदेव को लाल फूल अर्पित करें
6. गुड़ का भोग लगाएं
7. आदित्य हृदय स्तोत्र या सूर्य चालीसा का पाठ करें
8. अंत में सूर्यदेव से अपनी मनोकामना कहें

विशेष सावधानियां

  • सूर्यास्त के बाद सूर्य पूजा न करें
  • रविवार का दिन विशेष महत्व रखता है
  • पूजा के दौरान लाल वस्त्र धारण करना शुभ होता है
  • यदि संभव हो तो पूरे खरमास में नियमित रूप से सूर्य पूजा करें

सूर्य मंत्र और उनका महत्व

सूर्यदेव की आराधना में विभिन्न मंत्रों का विशेष महत्व है:

  • मूल मंत्र: “ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं स: सूर्याय नम:”
  • स्वास्थ्य के लिए: “ॐ घृणि सूर्याय नम:”
  • धन प्राप्ति के लिए: “ॐ ह्रीं ह्रीं सूर्याय सहस्रकिरणाय नम:”

मंत्र जाप की विधि

सूर्य मंत्रों का जाप करते समय निम्न बातों का ध्यान रखें:

  • मंत्र जाप के लिए सुबह का समय सर्वोत्तम है
  • 108 बार माला जपें
  • जाप के समय सूर्य की ओर मुख करके बैठें
  • मंत्र उच्चारण स्पष्ट और शुद्ध होना चाहिए

खरमास में सूर्य पूजा से जुड़ी कथाएं

पौराणिक ग्रंथों में सूर्य पूजा से जुड़ी अनेक कथाएं मिलती हैं। एक प्रसिद्ध कथा के अनुसार राजा ययाति ने खरमास में सूर्य की आराधना करके अपना खोया हुआ राजपाट वापस पाया था।

श्री राम और सूर्य पूजा

रामायण में उल्लेख है कि भगवान राम ने लंका विजय से पहले सूर्यदेव की विशेष आराधना की थी। उन्होंने आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ किया जिससे उन्हें विजय प्राप्त हुई।

निष्कर्ष

खरमास 2025 में सूर्यदेव की पूजा करने से जीवन के सभी क्षेत्रों में सफलता मिलती है। यह समय आध्यात्मिक उन्नति के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। सूर्योपासना से न केवल भौतिक लाभ मिलते हैं बल्कि आत्मिक शांति भी प्राप्त होती है। इसलिए इस बार खरमास में नियमित रूप से सूर्य पूजा अवश्य करें और सूर्यदेव का आशीर्वाद प्राप्त करें।

सूर्यदेव की कृपा से आपके जीवन में सुख, समृद्धि और शांति बनी रहे – यही हमारी कामना है!

You Might Also Like

हनुमानजी गुस्से में क्यों हैं तस्वीर बनाने वाला कौन

केदारनाथ दर्शन का फल इनके दर्शन से भी मिलता है

श्रावणी पर्व: धरती पर जीवन जागा

मौत की आहट सुन सकते हैं छह महीने पहले करें यह उपाय

Moon Black Spot: चंद्रमा को क्यों और किसने दिया श्राप दाग का रहस्य?

Share

Latest News

Hanuman Chalisa: हनुमान चालीसा पाठ का सही समय और विधि
Religion Spirituality July 2, 2026
राधा कृष्णा का युगल रूप हैं बांके बिहारी
Religion Spirituality July 2, 2026
Kheer Bhawani Temple: कश्मीर के चमत्कारी खीर भवानी मंदिर की परंपराएं
Religion Spirituality July 2, 2026
Durga Puja 2025 आज से शुरू जानें कल्पारंभ पूजा का शुभ मुहूर्त
Religion Spirituality July 2, 2026

You Might also Like

शिव और कृष्ण में छिड़ा संग्राम Shiv Krishna Yudh

July 2, 2026

गणेश पूजा और उत्सव की खास बातें जानिए

July 2, 2026

जनेऊ दाएं कान पर ही क्यों लपेटते हैं? Why is Janeu worn on the right ear?

July 2, 2026
MshbMshb

MSHB.in is your reliable source for the latest news in Government Schemes, Sarkari Yojana, Govt Jobs, Spirituality, lifestyle, and more.

Quick Link

  • MSHB.IN
  • About Us
  • Blogs
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms and Conditions
  • My Bookmarks
  • Contact Us

Category

  • Religion
  • Latest News
  • Sarkari Yojana

Recent Post

  • Hanuman Chalisa: हनुमान चालीसा पाठ का सही समय और विधि
  • राधा कृष्णा का युगल रूप हैं बांके बिहारी
  • Kheer Bhawani Temple: कश्मीर के चमत्कारी खीर भवानी मंदिर की परंपराएं
© 2025 MSHB. All Rights Reserved. | Website Designed By Dinox Tech HTML sitemap
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?