MSHBMSHBMSHB
  • MSHB.IN
  • Latest News
  • Sarkari Yojana
Reading: Maa Durga Aarti शारदीय नवरात्रि में मां अंबे की आरती मनोकामना पूरी
Share
Notification Show More
MSHBMSHB
  • MSHB.IN
  • Latest News
  • Sarkari Yojana
© 2024 MSHB.in. All Rights Reserved.

Maa Durga Aarti शारदीय नवरात्रि में मां अंबे की आरती मनोकामना पूरी

शारदीय नवरात्रि में मां दुर्गा की आरती करें और हर मनोकामना पूरी करें। जानें मां अंबे की विशेष आरती, पूजा विधि और लाभ।

Published July 2, 2026
Share
6 Min Read

मां दुर्गा आरती: शारदीय नवरात्रि में रोजाना करें मां अंबे की ये आरती, हर मनोकामना होगी पूरी

नवरात्रि का पावन पर्व मां दुर्गा की भक्ति और आराधना का सबसे शुभ समय होता है। शारदीय नवरात्रि के इन नौ दिनों में मां अंबे की विशेष आरती करने से भक्तों की हर मनोकामना पूर्ण होती है। यह आरती न केवल मन को शांति देती है, बल्कि घर में सुख-समृद्धि का आगमन भी करती है। आइए जानते हैं इस दिव्य आरती का महत्व, विधि और लाभ।

Contents
मां दुर्गा आरती: शारदीय नवरात्रि में रोजाना करें मां अंबे की ये आरती, हर मनोकामना होगी पूरीमां दुर्गा आरती का महत्वमां दुर्गा आरती (पूर्ण हिंदी अर्थ सहित)आरती करने की सही विधिनवरात्रि में आरती करने के विशेष लाभमां दुर्गा आरती की कथा एवं रहस्यअक्सर पूछे जाने वाले प्रश्ननिष्कर्ष

मां दुर्गा आरती का महत्व

मां दुर्गा की आरती नवरात्रि के दिनों में विशेष फलदायी मानी जाती है। यह आरती मां के नौ रूपों की कृपा प्राप्त करने का सरल और प्रभावशाली उपाय है। शास्त्रों के अनुसार, आरती करने से:

  • मां दुर्गा की कृपा सहज ही प्राप्त होती है।
  • नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और घर में सकारात्मक वातावरण बनता है।
  • मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है।
  • संकटों से मुक्ति मिलती है और जीवन में सुख-शांति आती है।

मां दुर्गा आरती (पूर्ण हिंदी अर्थ सहित)

यहां प्रस्तुत है मां दुर्गा की प्रसिद्ध आरती, जिसे नवरात्रि में प्रतिदिन संध्या के समय करना चाहिए:

जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी।
तुमको निशिदिन ध्यावत, हरि ब्रह्मा शिवरी॥

मांग सिंदूर विराजत, टीको मृगमद को।
उज्जवल से दोउ नैना, चंद्रवदन नीको॥

कनक समान कलेवर, रक्ताम्बर राजे।
रक्तपुष्प गल माला, कंठन पर साजे॥

केहरि वाहन राजत, खड्ग खप्पर धारी।
सुर-नर-मुनि-जन सेवत, तिनके दुखहारी॥

कानन कुण्डल शोभित, नासाग्रे मोती।
कोटिक चंद्र दिवाकर, सम राजत ज्योति॥

शुंभ-निशुंभ बिदारे, महिषासुर घाती।
धूम्र विलोचन नैना, निशिदिन मदमाती॥

चण्ड-मुण्ड संहारे, शोणित बीज हरे।
मधु-कैटभ दोउ मारे, सुर भयहीन करे॥

ब्रह्माणी रुद्राणी, तुम कमला रानी।
आगम-निगम-बखानी, तुम शिव पटरानी॥

चौंसठ योगिनी मंगल गावत, नृत्य करत भैरू।
बाजत ताल मृदंगा, अरु बाजत डमरू॥

तुम ही जग की माता, तुम ही हो भरता।
भक्तन की दुख हरत, सुख संपत्ति करता॥

भुजा चार अति शोभित, वर-मुद्रा धारी।
मनवांछित फल पावत, सेवत नर-नारी॥

कनक समान कलेवर, रक्ताम्बर राजे।
रक्तपुष्प गल माला, कंठन पर साजे॥

श्री अम्बेजी की आरती, जो कोई नर गावे।
कहत शिवानंद स्वामी, सुख-संपत्ति पावे॥

आरती करने की सही विधि

मां दुर्गा की आरती का पूर्ण लाभ प्राप्त करने के लिए इसे सही विधि से करना आवश्यक है:

  • समय: नवरात्रि में प्रतिदिन सुबह या संध्या के समय आरती करें।
  • स्थान: घर के मंदिर या पूजा स्थल को स्वच्छ करके मां दुर्गा की प्रतिमा/चित्र स्थापित करें।
  • सामग्री: घी का दीपक, कपूर, फूल, अक्षत, प्रसाद (मिष्ठान्न) तैयार रखें।
  • विधि: सबसे पहले मां को फूल अर्पित करें, फिर घी का दीपक जलाकर आरती शुरू करें। आरती के बाद मां को भोग लगाएं और प्रसाद वितरित करें।

नवरात्रि में आरती करने के विशेष लाभ

शारदीय नवरात्रि में मां दुर्गा की आरती करने से अनेकों लाभ प्राप्त होते हैं:

  • मनोकामना पूर्ति: सच्चे मन से की गई आरती से मां भक्त की हर इच्छा पूरी करती हैं।
  • कष्टों का नाश: जीवन के सभी संकटों और बाधाओं से मुक्ति मिलती है।
  • आध्यात्मिक उन्नति: मां की कृपा से आत्मिक शांति और आध्यात्मिक ज्ञान की प्राप्ति होती है।
  • सकारात्मक ऊर्जा: घर में सकारात्मकता का वास होता है और नकारात्मक शक्तियां दूर होती हैं।

मां दुर्गा आरती की कथा एवं रहस्य

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, यह आरती सर्वप्रथम भगवान शिव ने मां पार्वती को सुनाई थी। कहते हैं कि जब मां दुर्गा ने महिषासुर का वध किया था, तब देवताओं ने इसी आरती से उनकी स्तुति की थी। आरती के प्रत्येक शब्द में मां के गुणों और कृतित्व का वर्णन है।

इस आरती का एक विशेष रहस्य यह है कि इसमें मां के नौ रूपों – शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कुष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्री के गुण समाहित हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. क्या नवरात्रि के अलावा भी यह आरती कर सकते हैं?

हां, मां दुर्गा की यह आरती किसी भी समय की जा सकती है, लेकिन नवरात्रि में इसका विशेष महत्व है।

2. आरती कितनी बार करनी चाहिए?

नवरात्रि में प्रतिदिन एक बार (सुबह या शाम) आरती अवश्य करें। विशेष इच्छा हो तो दिन में तीन बार भी कर सकते हैं।

3. क्या आरती बिना मूर्ति के भी कर सकते हैं?

हां, यदि मूर्ति उपलब्ध न हो तो मां के चित्र के सामने या केवल मन में ध्यान करके भी आरती कर सकते हैं।

निष्कर्ष

मां दुर्गा की यह पावन आरती भक्तों के लिए कल्याणकारी है। शारदीय नवरात्रि के पवित्र अवसर पर इस आरती का नियमित पाठ करने से मां अंबे की असीम कृपा प्राप्त होती है। याद रखें, श्रद्धा और विश्वास के साथ की गई आरती ही सफल होती है। मां दुर्गा सभी भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करें, यही हमारी कामना है।

You Might Also Like

Hanuman Chalisa: भय मुक्ति और मनोकामना पूर्ति के लिए नियमित पाठ

Falgun Month 2025: फाल्गुन माह आरंभ जानें महत्व और करने-न करने के काम

Kaal Bhairav Jayanti 2025 भगवान कालभैरव की महिमा और प्रसन्न करने के उपाय

महाशिवरात्रि विशेष शिव कैसे बने रुद्र और नटराज

कान छिदवाने के फायदे धार्मिक और वैज्ञानिक कारण

Share

Latest News

Hanuman Chalisa: हनुमान चालीसा पाठ का सही समय और विधि
Religion Spirituality July 2, 2026
राधा कृष्णा का युगल रूप हैं बांके बिहारी
Religion Spirituality July 2, 2026
Kheer Bhawani Temple: कश्मीर के चमत्कारी खीर भवानी मंदिर की परंपराएं
Religion Spirituality July 2, 2026
Durga Puja 2025 आज से शुरू जानें कल्पारंभ पूजा का शुभ मुहूर्त
Religion Spirituality July 2, 2026

You Might also Like

Navratri 2025 राशि अनुसार मंत्रों से मां की आराधना सफलता पाएं

July 2, 2026

Sawan Shivratri 2025: सावन शिवरात्रि पर मंगला गौरी व्रत का अद्भुत संयोग

July 2, 2026

कार्तिक मास की यह एकादशी है सबसे उत्तम Best Ekadashi in Kartik Month

July 2, 2026
MshbMshb

MSHB.in is your reliable source for the latest news in Government Schemes, Sarkari Yojana, Govt Jobs, Spirituality, lifestyle, and more.

Quick Link

  • MSHB.IN
  • About Us
  • Blogs
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms and Conditions
  • My Bookmarks
  • Contact Us

Category

  • Religion
  • Latest News
  • Sarkari Yojana

Recent Post

  • Hanuman Chalisa: हनुमान चालीसा पाठ का सही समय और विधि
  • राधा कृष्णा का युगल रूप हैं बांके बिहारी
  • Kheer Bhawani Temple: कश्मीर के चमत्कारी खीर भवानी मंदिर की परंपराएं
© 2025 MSHB. All Rights Reserved. | Website Designed By Dinox Tech HTML sitemap
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?