MSHBMSHBMSHB
  • MSHB.IN
  • Latest News
  • Sarkari Yojana
Reading: Magh Month 2025 29 Jan Se Shuru Snan Dan Ka Mahatva
Share
Notification Show More
MSHBMSHB
  • MSHB.IN
  • Latest News
  • Sarkari Yojana
© 2024 MSHB.in. All Rights Reserved.

Magh Month 2025 29 Jan Se Shuru Snan Dan Ka Mahatva

माघ महीना 2025 में 29 जनवरी से शुरू हो रहा है। जानिए इस पवित्र मास में स्नान, दान और पूजा का क्या है महत्व और कैसे पाएं आध्यात्मिक लाभ।

Published July 2, 2026
Share
6 Min Read

माघ महीना 2025: 29 जनवरी से प्रारंभ, पवित्र स्नान और दान का महत्व

हिंदू पंचांग के अनुसार, माघ महीना एक अत्यंत पवित्र और फलदायी मास माना जाता है। साल 2025 में यह महीना 29 जनवरी से प्रारंभ होगा। इस दौरान पवित्र नदियों में स्नान, दान-पुण्य और भगवान विष्णु की आराधना का विशेष महत्व है। आइए जानते हैं क्यों माघ स्नान को मोक्ष प्राप्ति का साधन माना जाता है और इस माह में कौन-से धार्मिक कार्य करने चाहिए।

Contents
माघ महीना 2025: 29 जनवरी से प्रारंभ, पवित्र स्नान और दान का महत्वमाघ महीना क्या है?माघ स्नान का महत्वक्यों है विशेष फलदायी?स्नान विधिमाघ मास में दान का महत्वक्या दान करें?दान मंत्रमाघ मास के प्रमुख त्योहार1. मकर संक्रांति (14 जनवरी)2. बसंत पंचमी (2 फरवरी)3. माघी पूर्णिमा (12 फरवरी)माघ महीने में क्या करें?माघ महीने में क्या न करें?माघ महीने का आध्यात्मिक महत्वनिष्कर्ष

माघ महीना क्या है?

माघ हिंदू कैलेंडर का ग्यारहवां महीना है, जो सूर्य के मकर राशि में प्रवेश के साथ शुरू होता है। इसका नाम “माघ नक्षत्र” पर रखा गया है, जो इस माह की पूर्णिमा तिथि को आता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इस महीने में स्नान, दान और तपस्या से पुण्य की प्राप्ति होती है।

  • प्रारंभ तिथि: 29 जनवरी 2025 (मकर संक्रांति के बाद)
  • समाप्ति तिथि: 26 फरवरी 2025
  • प्रमुख पर्व: माघी पूर्णिमा, बसंत पंचमी

माघ स्नान का महत्व

शास्त्रों में कहा गया है— “माघे निमग्नाः सलिले सुशीते विमुक्तपापास्त्रिदिवं प्रयान्ति।” अर्थात, माघ मास में ठंडे जल में स्नान करने वाले सभी पापों से मुक्त होकर स्वर्ग को प्राप्त करते हैं।

क्यों है विशेष फलदायी?

  • इस समय सूर्य दक्षिणायन से उत्तरायण में प्रवेश करता है, जिसे देवताओं का दिन माना जाता है।
  • पौराणिक मान्यता है कि माघ मास में गंगा सहित सभी पवित्र नदियों में देवता निवास करते हैं।
  • इस महीने में किया गया एक स्नान वर्षभर के स्नान के बराबर फल देता है।

स्नान विधि

माघ स्नान की विधि में इन बातों का ध्यान रखें:

  • प्रातःकाल ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें
  • स्नान से पहले तिल मिश्रित जल से अर्घ्य दें
  • नदी तट पर “ॐ नमो नारायणाय” मंत्र का जाप करें
  • स्नान के बाद सूर्य देव को जल अर्पित करें

माघ मास में दान का महत्व

माघ महीने में दान-पुण्य को विशेष स्थान दिया गया है। गरुड़ पुराण में वर्णित है कि इस माह में किया गया दान अक्षय फल देता है।

क्या दान करें?

  • तिल दान: काले तिल, गुड़ और कंबल का दान शुभ माना जाता है
  • वस्त्र दान: ऊनी वस्त्र विशेष रूप से फलदायी
  • अन्न दान: गेहूं, चावल और दालों का दान पितृ तृप्ति के लिए उत्तम
  • स्वर्ण दान: सोने के आभूषण या सिक्के का दान मोक्ष प्रदान करता है

दान मंत्र

दान करते समय इस मंत्र का उच्चारण करें:
“इदं तिलमयं दानं प्रतिगृह्णन्तु देवताः।
अन्नं वासो धनं दत्त्वा मोक्षं ददतु मे सदा॥”

माघ मास के प्रमुख त्योहार

1. मकर संक्रांति (14 जनवरी)

हालांकि 2025 में माघ मास 29 जनवरी से प्रारंभ होगा, लेकिन मकर संक्रांति (14 जनवरी) इसकी पूर्व तैयारी मानी जाती है। इस दिन गंगा स्नान और तिल के पकवानों का विशेष महत्व है।

2. बसंत पंचमी (2 फरवरी)

माघ शुक्ल पंचमी को मनाया जाने वाला यह पर्व विद्या और कला की देवी सरस्वती को समर्पित है। इस दिन पीले वस्त्र पहनकर देवी की पूजा की जाती है।

3. माघी पूर्णिमा (12 फरवरी)

माघ मास की पूर्णिमा को “माघी पूर्णिमा” कहते हैं। इस दिन प्रयागराज में होने वाले कल्पवास का समापन होता है। पौराणिक मान्यता है कि इस दिन चंद्रमा माघ नक्षत्र में होता है, जिससे स्नान का महत्व बढ़ जाता है।

माघ महीने में क्या करें?

  • प्रतिदिन सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करें
  • भगवान विष्णु के मंत्रों का जाप करें
  • गरीबों को गर्म वस्त्र और भोजन दान करें
  • ब्राह्मण भोज का आयोजन करें
  • पवित्र नदियों में स्नान के अवसर ढूंढें

माघ महीने में क्या न करें?

  • मांसाहार और मदिरा का सेवन वर्जित
  • किसी भी प्रकार का हिंसक कर्म न करें
  • क्रोध और झूठ से बचें
  • दिन में सोने से परहेज करें

माघ महीने का आध्यात्मिक महत्व

माघ मास को “मलमास” भी कहा जाता है, जिसका अर्थ है पापों को धोने वाला महीना। इस महीने में किए गए पुण्य कर्मों से व्यक्ति न केवल पापों से मुक्त होता है, बल्कि मोक्ष प्राप्ति का मार्ग भी प्रशस्त होता है।

पद्म पुराण में कहा गया है:
“माघस्नानं समासाद्य यः पापं नाशयिष्यति।
स याति परमं स्थानं यत्र गत्वा न शोचति॥”

(माघ स्नान से पापों का नाश होता है और व्यक्ति परम पद को प्राप्त करता है)

निष्कर्ष

माघ महीना आत्मशुद्धि और आध्यात्मिक उन्नति का सर्वोत्तम समय है। 29 जनवरी 2025 से प्रारंभ हो रहे इस पावन मास में नियमित स्नान, दान और भगवान विष्णु की आराधना करके हम न केवल पुण्य कमा सकते हैं, बल्कि जीवन में सकारात्मक ऊर्जा भी प्राप्त कर सकते हैं। याद रखें, माघ मास में किया गया एक छोटा सा पुण्य कर्म भी अक्षय फल देने वाला होता है।

You Might Also Like

हनुमानजी गुस्से में क्यों हैं तस्वीर बनाने वाला कौन

केदारनाथ दर्शन का फल इनके दर्शन से भी मिलता है

श्रावणी पर्व: धरती पर जीवन जागा

मौत की आहट सुन सकते हैं छह महीने पहले करें यह उपाय

Moon Black Spot: चंद्रमा को क्यों और किसने दिया श्राप दाग का रहस्य?

Share

Latest News

Hanuman Chalisa: हनुमान चालीसा पाठ का सही समय और विधि
Religion Spirituality July 2, 2026
राधा कृष्णा का युगल रूप हैं बांके बिहारी
Religion Spirituality July 2, 2026
Kheer Bhawani Temple: कश्मीर के चमत्कारी खीर भवानी मंदिर की परंपराएं
Religion Spirituality July 2, 2026
Durga Puja 2025 आज से शुरू जानें कल्पारंभ पूजा का शुभ मुहूर्त
Religion Spirituality July 2, 2026

You Might also Like

शिव और कृष्ण में छिड़ा संग्राम Shiv Krishna Yudh

July 2, 2026

गणेश पूजा और उत्सव की खास बातें जानिए

July 2, 2026

जनेऊ दाएं कान पर ही क्यों लपेटते हैं? Why is Janeu worn on the right ear?

July 2, 2026
MshbMshb

MSHB.in is your reliable source for the latest news in Government Schemes, Sarkari Yojana, Govt Jobs, Spirituality, lifestyle, and more.

Quick Link

  • MSHB.IN
  • About Us
  • Blogs
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms and Conditions
  • My Bookmarks
  • Contact Us

Category

  • Religion
  • Latest News
  • Sarkari Yojana

Recent Post

  • Hanuman Chalisa: हनुमान चालीसा पाठ का सही समय और विधि
  • राधा कृष्णा का युगल रूप हैं बांके बिहारी
  • Kheer Bhawani Temple: कश्मीर के चमत्कारी खीर भवानी मंदिर की परंपराएं
© 2025 MSHB. All Rights Reserved. | Website Designed By Dinox Tech HTML sitemap
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?