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Mahashivratri Shiv Chalisa शिव आराधना मंत्र चालीसा आरती

महाशिवरात्रि पर शिव आराधना के लिए पढ़ें शिव मंत्र श्री शिव चालीसा और आरती का पाठ जानें पूजा विधि और महत्व

Published July 2, 2026
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3 Min Read

महाशिवरात्रि, भगवान शिव का सबसे पावन पर्व, हर साल फाल्गुन मास की कृष्ण चतुर्दशी को मनाया जाता है। यह वह रात्रि है जब भोलेनाथ ने तांडव नृत्य करके सृष्टि का संचालन शुरू किया था। इस दिन शिव आराधना, मंत्र जाप, चालीसा पाठ और आरती का विशेष महत्व है। आइए, जानते हैं कैसे करें शिवभक्ति और पाएं भगवान शंकर का आशीर्वाद।

Contents
महाशिवरात्रि पूजन विधिसुबह की शुरुआतदिनभर की पूजाशिव मंत्रों का जापमहामृत्युंजय मंत्रपंचाक्षर मंत्रश्री शिव चालीसा का पाठप्रारंभिक दोहामध्य के चौपाईशिव आरतीआरती के बोलमहाशिवरात्रि पर विशेष उपाय शिव की कृपा पाने का मार्ग

महाशिवरात्रि पूजन विधि

सुबह की शुरुआत

  • प्रातः स्नान: ब्रह्म मुहूर्त में उठकर गंगाजल मिले जल से स्नान करें।
  • व्रत संकल्प: “ॐ नमः शिवाय” मंत्र बोलते हुए व्रत का संकल्प लें।
  • शिवलिंग अभिषेक: दूध, दही, घी, शहद और गंगाजल से शिवलिंग को स्नान कराएं।

दिनभर की पूजा

  • बेलपत्र अर्पण: तीन या पाँच बेलपत्र शिवलिंग पर चढ़ाएं।
  • धूप-दीप: घी का दीपक जलाएं और धूप से शिवजी का आह्वान करें।
  • रुद्राक्ष धारण: रुद्राक्ष की माला पहनकर मंत्र जाप करें।

शिव मंत्रों का जाप

महामृत्युंजय मंत्र

ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥

इस मंत्र के 108 बार जाप से रोग, भय और संकटों से मुक्ति मिलती है।

पंचाक्षर मंत्र

ॐ नमः शिवाय

यह सबसे सरल और प्रभावी मंत्र है। महाशिवरात्रि पर इसे रुद्राक्ष माला से 11 माला जपें।

श्री शिव चालीसा का पाठ

शिव चालीसा पढ़ने से भक्तों को मोक्ष, सुख और शांति प्राप्त होती है। यहाँ प्रस्तुत है चालीसा के प्रमुख छंद:

प्रारंभिक दोहा

नमस्ते गणपति सदा, प्रथम पूज्य विघ्नविनाशक।
करहु कृपा हे गिरिजा सुत, भक्तन के संकट नाशक॥

मध्य के चौपाई

जय जय शंकर हर महादेव, जो जन पर करहु सदा दया।
त्रिपुरारी दीनानाथ, सबके होत आस्रया॥

शिव आरती

पूजन के अंत में ॐ जय शिव ओंकारा आरती गाकर भगवान शिव का आशीर्वाद लें:

आरती के बोल

ॐ जय शिव ओंकारा, स्वामी जय शिव ओंकारा।
ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव, अर्द्धांगी धारा॥

महाशिवरात्रि पर विशेष उपाय

  • जागरण: रातभर जागकर शिव कथाएँ सुनें और भजन गाएँ।
  • दान: गरीबों को भोजन, वस्त्र या रुद्राक्ष दान करें।
  • मौन व्रत: दिनभर मौन रहकर मन ही मन शिवजी का ध्यान करें।

 शिव की कृपा पाने का मार्ग

महाशिवरात्रि पर शुद्ध मन से की गई आराधना भोलेनाथ को शीघ्र प्रसन्न करती है। चाहे शिव चालीसा हो, मंत्र जाप हो या आरती, हर भक्ति का फल अवश्य मिलता है। इस पावन अवसर पर शिवजी से प्रार्थना करें कि वे आपके जीवन से अज्ञान और दुखों का अंधकार दूर कर दें।

हर हर महादेव!

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