MSHBMSHBMSHB
  • MSHB.IN
  • Latest News
  • Sarkari Yojana
Reading: Margashirsha Maas 2025 अगहन महीने में न करें ये काम धन वंश नाश
Share
Notification Show More
MSHBMSHB
  • MSHB.IN
  • Latest News
  • Sarkari Yojana
© 2024 MSHB.in. All Rights Reserved.

Margashirsha Maas 2025 अगहन महीने में न करें ये काम धन वंश नाश

Margashirsha Maas 2025 में इन तिथियों में कुछ काम करने से बचें, वरना हो सकता है धन और वंश का नाश। जानें शुभ मुहूर्त और सावधानियां।

Published July 2, 2026
Share
4 Min Read

Margashirsha Maas 2025: शुरू हुआ अगहन का महीना, इन तिथियों में न करें ये काम

हिंदू पंचांग का नौवां महीना मार्गशीर्ष मास या अगहन मास आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत पवित्र माना जाता है। वर्ष 2025 में यह महीना 23 नवंबर से 22 दिसंबर तक रहेगा। इस दौरान भगवान श्रीकृष्ण की उपासना, दान-पुण्य और व्रतों का विशेष महत्व है, लेकिन कुछ तिथियों में विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। आइए जानें इस पावन मास की महिमा और वर्जित कर्मों के बारे में।

Contents
Margashirsha Maas 2025: शुरू हुआ अगहन का महीना, इन तिथियों में न करें ये काममार्गशीर्ष मास का धार्मिक महत्व2025 में मार्गशीर्ष मास की प्रमुख तिथियांइन तिथियों में बचें इन कार्यों से1. मार्गशीर्ष अमावस्या (22 दिसंबर 2025)2. कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी (5 दिसंबर 2025)3. मार्गशीर्ष कृष्ण अष्टमी (30 नवंबर 2025)मार्गशीर्ष मास में करें ये शुभ कार्य1. प्रातःकाल स्नान और संध्या वंदन2. तुलसी पूजन और दान3. मोक्षदा एकादशी व्रत (13 दिसंबर 2025)सावधानी: इन गलतियों से बचेंनिष्कर्ष

मार्गशीर्ष मास का धार्मिक महत्व

श्रीमद्भागवत गीता में भगवान कृष्ण कहते हैं – “मासानां मार्गशीर्षोऽहम्” (अध्याय 10, श्लोक 35), यानी “मैं महीनों में मार्गशीर्ष हूं।” इस महीने की विशेषताएं:

  • प्रातःकाल गंगा स्नान से सभी पापों का नाश
  • तुलसी पूजन और दीपदान का विशेष फल
  • मार्गशीर्ष शुक्ल एकादशी (मोक्षदा एकादशी) पर गीता जयंती का पर्व
  • श्रीकृष्ण को अर्पित करने वाले तुलसी दल से मिलता है मोक्ष

2025 में मार्गशीर्ष मास की प्रमुख तिथियां

  • प्रारंभ: 23 नवंबर 2025 (रविवार)
  • मार्गशीर्ष अमावस्या: 22 दिसंबर 2025 (सोमवार)
  • मोक्षदा एकादशी: 13 दिसंबर 2025 (शनिवार)
  • दत्तात्रेय जयंती: 14 दिसंबर 2025 (रविवार)

इन तिथियों में बचें इन कार्यों से

1. मार्गशीर्ष अमावस्या (22 दिसंबर 2025)

अमावस्या तिथि पर ये कार्य वर्जित हैं:

  • धन लेन-देन: इस दिन कर्ज लेना या देना धन हानि का कारण बन सकता है
  • वृक्षारोपण: नए पौधे लगाने से वंश वृद्धि में बाधा आती है
  • मांगलिक कार्य: विवाह, गृहप्रवेश जैसे शुभ कार्य न करें

2. कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी (5 दिसंबर 2025)

इस दिन यमराज की पूजा होती है, अतः:

  • यात्रा न करें: विशेषकर दक्षिण दिशा की यात्रा अशुभ
  • तेल मालिश न करें: इससे आयु घटने का भय
  • क्रोध न करें: पारिवारिक कलह से बचें

3. मार्गशीर्ष कृष्ण अष्टमी (30 नवंबर 2025)

इस दिन भैरव जयंती है, किन्तु:

  • मांस-मदिरा सेवन वर्जित: ऐसा करने से कुल देवता नाराज होते हैं
  • रात्रि जागरण न करें: अशुभ शक्तियों का प्रभाव बढ़ सकता है

मार्गशीर्ष मास में करें ये शुभ कार्य

1. प्रातःकाल स्नान और संध्या वंदन

इस माह ठंडे जल से स्नान कर “ॐ नमो नारायणाय” मंत्र का जाप करें। संध्या समय दीपक जलाकर इस श्लोक का पाठ करें:

“कराग्रे वसते लक्ष्मी, करमध्ये सरस्वती।
करमूले स्थितो ब्रह्मा, प्रभाते करदर्शनम्॥”

2. तुलसी पूजन और दान

  • तुलसी के नीचे घी का दीपक जलाएं
  • गुड़ और काले तिल का दान करें
  • गीता पाठ या “विष्णु सहस्रनाम” का पाठ करें

3. मोक्षदा एकादशी व्रत (13 दिसंबर 2025)

इस दिन उपवास रखकर श्रीकृष्ण की पूजा करें। गीता जयंती के अवसर पर:

  • गीता के 18वें अध्याय का पाठ करें
  • पीले वस्त्र और फलों का दान करें
  • रात्रि में कीर्तन या भजन संध्या आयोजित करें

सावधानी: इन गलतियों से बचें

  • सूर्योदय से पहले सोना: इससे आरोग्य हानि होती है
  • कांस्य पात्र में भोजन: ताम्बे या पीतल के बर्तनों का उपयोग करें
  • वस्त्र धोकर सूखाना: गीले कपड़े पहनने से रोगों का भय

निष्कर्ष

मार्गशीर्ष मास 2025 में भक्ति और सावधानी का संयम रखें। 23 नवंबर से 22 दिसंबर तक विशेष तिथियों में वर्जित कर्मों से बचकर ही पुण्य प्राप्त करें। प्रतिदिन तुलसी पूजन, गंगाजल का स्पर्श और “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप करने से इस माह का पूरा लाभ मिलेगा। ध्यान रखें – जो इस माह श्रीहरि की आराधना करता है, उसका धन और वंश दोनों सुरक्षित रहते हैं।

You Might Also Like

हनुमानजी गुस्से में क्यों हैं तस्वीर बनाने वाला कौन

केदारनाथ दर्शन का फल इनके दर्शन से भी मिलता है

श्रावणी पर्व: धरती पर जीवन जागा

मौत की आहट सुन सकते हैं छह महीने पहले करें यह उपाय

Moon Black Spot: चंद्रमा को क्यों और किसने दिया श्राप दाग का रहस्य?

Share

Latest News

Hanuman Chalisa: हनुमान चालीसा पाठ का सही समय और विधि
Religion Spirituality July 2, 2026
राधा कृष्णा का युगल रूप हैं बांके बिहारी
Religion Spirituality July 2, 2026
Kheer Bhawani Temple: कश्मीर के चमत्कारी खीर भवानी मंदिर की परंपराएं
Religion Spirituality July 2, 2026
Durga Puja 2025 आज से शुरू जानें कल्पारंभ पूजा का शुभ मुहूर्त
Religion Spirituality July 2, 2026

You Might also Like

शिव और कृष्ण में छिड़ा संग्राम Shiv Krishna Yudh

July 2, 2026

गणेश पूजा और उत्सव की खास बातें जानिए

July 2, 2026

जनेऊ दाएं कान पर ही क्यों लपेटते हैं? Why is Janeu worn on the right ear?

July 2, 2026
MshbMshb

MSHB.in is your reliable source for the latest news in Government Schemes, Sarkari Yojana, Govt Jobs, Spirituality, lifestyle, and more.

Quick Link

  • MSHB.IN
  • About Us
  • Blogs
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms and Conditions
  • My Bookmarks
  • Contact Us

Category

  • Religion
  • Latest News
  • Sarkari Yojana

Recent Post

  • Hanuman Chalisa: हनुमान चालीसा पाठ का सही समय और विधि
  • राधा कृष्णा का युगल रूप हैं बांके बिहारी
  • Kheer Bhawani Temple: कश्मीर के चमत्कारी खीर भवानी मंदिर की परंपराएं
© 2025 MSHB. All Rights Reserved. | Website Designed By Dinox Tech HTML sitemap
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?