पितृ पक्ष 2025: पितरों की तस्वीर लगाते समय रखें इन बातों का ध्यान
पितृ पक्ष हिंदू धर्म में पूर्वजों की आत्मा की शांति और उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का पावन समय होता है। 2025 में पितृ पक्ष 16 सितंबर से 1 अक्टूबर तक मनाया जाएगा। इस दौरान घर में पितरों की तस्वीर लगाना एक महत्वपूर्ण परंपरा है, लेकिन कुछ विशेष नियमों का पालन करना आवश्यक होता है। आइए जानें कैसे पितरों की तस्वीर लगाकर उनका आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं।
पितरों की तस्वीर लगाने का महत्व
शास्त्रों के अनुसार, पितृ पक्ष के दौरान हमारे पूर्वज धरती पर आते हैं और अपने वंशजों को आशीर्वाद देते हैं। उनकी तस्वीर लगाने से न केवल उनका स्मरण होता है बल्कि घर में सकारात्मक ऊर्जा भी बनी रहती है। गरुड़ पुराण में कहा गया है कि पितरों की तस्वीर पर श्रद्धा से जल अर्पित करने से उनकी आत्मा को तृप्ति मिलती है।
तस्वीर लगाने से पहले ध्यान रखने योग्य बातें
- तस्वीर का चयन: पितरों की स्पष्ट और प्रसन्न मुद्रा वाली तस्वीर चुनें। धुंधली या टूटी हुई तस्वीरों का उपयोग न करें।
- स्थान: तस्वीर को घर के पूर्व या उत्तर दिशा में स्थित पूजा स्थल पर रखें। इसे जमीन पर न रखकर एक पवित्र आसन पर स्थापित करें।
- सफाई: तस्वीर लगाने से पहले उस स्थान की गंगाजल से शुद्धि कर लें। तस्वीर को साफ कपड़े से पोंछकर ही स्थापित करें।
तस्वीर स्थापना की सही विधि
पितरों की तस्वीर लगाते समय निम्न मंत्र का उच्चारण करें:
ॐ पितृभ्य: स्वधा नम:॥
- सबसे पहले लाल कपड़े बिछाकर तस्वीर रखें
- तस्वीर के सामने दीपक जलाएं और धूप-दीप दिखाएं
- फूल, तुलसी दल और जल अर्पित करें
- पितरों को याद करते हुए उनसे आशीर्वाद मांगें
क्या न करें
- तस्वीर को कभी भी अंधेरे या नमी वाले स्थान पर न रखें
- तस्वीर के पास कभी भी नकारात्मक बातें न करें
- पितृ पक्ष के बाद तस्वीर को अनदेखा न करें, नियमित रूप से उनका स्मरण करें
- तस्वीर के सामने कभी भी पैर करके न बैठें
पितृ पक्ष 2025 के विशेष संयोग
2025 का पितृ पक्ष इसलिए भी विशेष है क्योंकि इस वर्ष सर्वपितृ अमावस्या पर बुधवार का योग बन रहा है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, बुधवार को पितरों का दिन माना जाता है। इस दिन तस्वीर पर विशेष पूजा करने से पितृ दोषों से मुक्ति मिलती है।
तस्वीर के साथ करें ये विशेष उपाय
- तस्वीर के पास काले तिल और जल से भरा कलश रखें
- प्रतिदिन तस्वीर के सामने गायत्री मंत्र का जाप करें
- पितृ पक्ष में ब्राह्मण भोजन कराते समय तस्वीर के सामने भी भोग लगाएं
निष्कर्ष
पितृ पक्ष में पितरों की तस्वीर लगाना केवल एक परंपरा नहीं बल्कि उनके प्रति हमारी श्रद्धा और कृतज्ञता का प्रतीक है। उपरोक्त बातों का ध्यान रखकर जब आप पितरों की तस्वीर स्थापित करेंगे तो निश्चित ही उनका आशीर्वाद आपके जीवन में सुख-समृद्धि लाएगा। याद रखें, “पितृ देवो भव” – हमारे पूर्वज ही हमारे प्रथम देवता हैं।
