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Prayagraj Kumbh 2019 संगम और शक्तिपीठ के दर्शन

Explore Prayagraj Kumbh 2019: Witness the sacred Sangam and Shaktipeeth where Sati's fingers fell for divine blessings and spiritual solace

Published July 2, 2026
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3 Min Read

कुंभ का पावन पर्व केवल संगम स्नान तक ही सीमित नहीं है। प्रयागराज (इलाहाबाद) में स्थित अलोपी शक्तिपीठ का भी विशेष महत्व है, जहां माता सती की अंगुलियां गिरी थीं। यहां दर्शन करने से भक्तों को मोक्ष की प्राप्ति होती है और जीवन के सभी कष्ट दूर होते हैं।

Contents
कुंभ 2019: एक अद्भुत आध्यात्मिक अनुभवअलोपी शक्तिपीठ का पौराणिक महत्वकैसे पहुंचे अलोपी शक्तिपीठ?कुंभ में शक्तिपीठ दर्शन का विधानकुंभ 2019 की यादेंनिष्कर्ष: आध्यात्मिक शांति की खोज

कुंभ 2019: एक अद्भुत आध्यात्मिक अनुभव

2019 का कुंभ मेला विशेष था क्योंकि इसमें करोड़ों श्रद्धालुओं ने संगम स्नान के साथ-साथ अलोपी शक्तिपीठ के दर्शन किए। यह स्थान न केवल धार्मिक दृष्टि से पवित्र है, बल्कि इसका ऐतिहासिक और पौराणिक महत्व भी है।

अलोपी शक्तिपीठ का पौराणिक महत्व

पुराणों के अनुसार, जब भगवान शिव माता सती के दग्ध शरीर को लेकर विचरण कर रहे थे, तब उनकी अंगुलियां यहां गिरी थीं। इसी कारण यह स्थान 51 शक्तिपीठों में से एक माना जाता है।

  • देवी का स्वरूप: यहां माता को ललिता देवी और भगवान शिव को भव के रूप में पूजा जाता है।
  • मंत्र महिमा: यहां निम्न मंत्र का जाप विशेष फलदायी माना जाता है – “ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे”

कैसे पहुंचे अलोपी शक्तिपीठ?

प्रयागराज में स्थित यह शक्तिपीठ संगम से कुछ ही दूरी पर है। आप निम्न तरीकों से यहां पहुंच सकते हैं:

  • सड़क मार्ग: शहर के किसी भी हिस्से से ऑटो या टैक्सी लेकर पहुंचा जा सकता है।
  • रेलवे स्टेशन: प्रयागराज जंक्शन से मात्र 5 किमी दूर है।
  • वायु मार्ग: बमरौली एयरपोर्ट से टैक्सी उपलब्ध है।

कुंभ में शक्तिपीठ दर्शन का विधान

अलोपी शक्तिपीठ के दर्शन करने का एक विशेष विधान है:

  1. स्नान: सबसे पहले संगम में स्नान करें।
  2. दान: गरीबों को अन्न या वस्त्र दान करें।
  3. पूजा: मंदिर में दीपक जलाकर माता की आरती करें।
  4. प्रसाद: मंदिर से प्रसाद लेकर वितरित करें।

कुंभ 2019 की यादें

2019 के कुंभ में इस शक्तिपीठ पर भक्तों की भारी भीड़ देखी गई। विशेष आयोजनों में शामिल हुए संतों ने यहां महामृत्युंजय यज्ञ का आयोजन किया, जिसमें हजारों लोगों ने भाग लिया।

निष्कर्ष: आध्यात्मिक शांति की खोज

प्रयागराज कुंभ केवल स्नान का ही नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि का भी पर्व है। अलोपी शक्तिपीठ के दर्शन कर आप अपने जीवन को धन्य बना सकते हैं। 2019 के कुंभ में जिन्होंने इस पवित्र स्थान का दर्शन किया, वे धन्य हैं। अगले कुंभ में अवश्य इस शक्तिपीठ के दर्शन करें।

हर हर महादेव! जय माता दी!

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