रमजान का पवित्र महीना मुसलमानों के लिए अल्लाह की इबादत, रोजे और दुआओं का समय होता है। यह महीना सब्र, तकवा और इखलास (ईमानदारी) का संदेश देता है। 2025 में रमजान का चांद देखने के बाद 24 मार्च को पहला रोजा रखा जाएगा। आइए, जानते हैं इस दिन के लिए सहरी और इफ्तार का सही समय तथा रमजान से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां।
24 मार्च 2025 के लिए सहरी और इफ्तार का समय (भारत के प्रमुख शहरों में)
रमजान में सहरी (सुबह की भोजन अवधि) और इफ्तार (रोजा खोलने का समय) का विशेष महत्व होता है। नीचे दिए गए टेबल में भारत के प्रमुख शहरों के लिए समय दिया गया है:
| शहर | सहरी समय | इफ्तार समय |
|---|---|---|
| दिल्ली | 05:03 AM | 06:35 PM |
| मुंबई | 05:28 AM | 06:52 PM |
| लखनऊ | 05:00 AM | 06:30 PM |
| हैदराबाद | 05:15 AM | 06:40 PM |
| बेंगलुरु | 05:20 AM | 06:45 PM |
रोजे की नियत (इरादा) कैसे करें?
रोजा रखने से पहले नियत (इरादा) करना जरूरी है। आप यह दुआ पढ़ सकते हैं:
“नवैतु अन अ�ूमा सव्मा शह्रि रमजाना मिनल फज्रि इलल मगरिबि, ख़ालिसान लिल्लाहि तआला।”
अर्थ: “मैं रमजान के पूरे महीने के रोजे फज्र से मगरिब तक अल्लाह के लिए रखने का इरादा करता/करती हूं।”
रमजान में इबादत और दुआओं का महत्व
रमजान में नमाज, कुरान तिलावत और दान का विशेष महत्व है। इस महीने में अल्लाह रहमत की बारिश करता है और गुनाहों को माफ करता है।
- तरावीह की नमाज: रात में 20 रकात नमाज पढ़ी जाती है।
- कुरान पढ़ें: पूरे महीने में कम से कम एक बार कुरान खत्म करने की सुन्नत है।
- जकात और फितरा: गरीबों की मदद करना रमजान का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
इफ्तार की दुआ
इफ्तार के समय यह दुआ पढ़ें:
“अल्लाहुम्मा लका सुम्तु वा अला रिज़्क़िका अफ्तरतु।”
अर्थ: “हे अल्लाह! मैंने तेरे लिए रोजा रखा और तेरे दिए रिज़्क़ (भोजन) से इफ्तार किया।”
सहरी और इफ्तार में क्या खाएं?
रोजे के दौरान पौष्टिक आहार लेना जरूरी है ताकि शरीर में ऊर्जा बनी रहे।
सहरी में क्या खाएं?
- खजूर और पानी: सुन्नत के अनुसार खजूर खाकर रोजा रखें।
- प्रोटीन युक्त भोजन: अंडे, दही, दालें और साबुत अनाज लें।
- फल और सब्जियां: तरबूज, संतरा और हरी पत्तेदार सब्जियां खाएं।
इफ्तार में क्या खाएं?
- खजूर और दूध: पैगंबर मोहम्मद (स.अ.व.) का तरीका।
- हल्का और पौष्टिक भोजन: फल, सूप, और ग्रिल्ड चिकन लें।
- ज्यादा तला भोजन न खाएं: इससे प्यास बढ़ सकती है।
रमजान की विशेषताएं और फजीलत
हदीस में आता है कि पैगंबर मोहम्मद (स.अ.व.) ने फरमाया:
“जिसने ईमान और इह्तिसाब (अल्लाह से इनाम की उम्मीद) के साथ रमजान के रोजे रखे, उसके पिछले सारे गुनाह माफ कर दिए जाते हैं।” (बुखारी)
रमजान की कुछ खास बातें:
- लैलतुल कद्र: 27वीं रात को कुरान नाजिल हुआ था, यह हजार महीनों से बेहतर है।
- जन्नत के दरवाजे खुलते हैं: अल्लाह इस महीने में बंदों को ज्यादा माफ करता है।
- शैतान बंद होता है: रोजेदार को गुनाह से बचने में मदद मिलती है।
रमजान का महीना तकवा और इबादत का समय है। 24 मार्च 2025 को पहला रोजा रखा जाएगा और सहरी व इफ्तार का समय ध्यान से मानना चाहिए। अल्लाह हम सभी को इस पाक महीने की बरकतों से फायदा उठाने की तौफीक दे। आमीन!
रमजान मुबारक! इस लेख को अपने दोस्तों और परिवार के साथ शेयर करें ताकि वे भी सही समय पर रोजा रख सकें।
